इंडिया गेट राइस की कंपनी आई विवादों में, एक इस्तीफे से हिल गया शेयर- 13% लुढ़का; जानें पूरा मामला

KRBL Share Price: KRBL के शेयर 13% तक टूटकर ₹387.10 के निचले स्तर पर आ गए. यह गिरावट कंपनी के इंडिपेंडेंट डायरेक्टर अनिल कुमार चौधरी के इस्तीफे के बाद आई है. उनके इस्तीफे के बाद उन्होंने कंपनी के बोर्ड पर कई गंभीर आरोप लगाए हैं, जिसके चलते निवेशकों में टेंशन बढ़ गई है.
इंडिया गेट राइस की कंपनी आई विवादों में, एक इस्तीफे से हिल गया शेयर- 13% लुढ़का; जानें पूरा मामला

KRBL Share Price: इंडिया गेट राइस ब्रांड जैसे अपने प्रॉडक्ट के लिए जाने वाली राइस एक्सपोर्टर कंपनी KRBL के शेयरों में सोमवार को भारी गिरावट देखने को मिली. एक इस्तीफा आया और ऐसे आरोपों के साथ आया कि कंपनी के शेयर 13% तक फिसल गए. कंपनी के इंडिपेंडेंट डायरेक्टर अनिल कुमार चौधरी ने अपने पद से इस्तीफा दे दिया है, जिसके बाद निवेशकों में चिंता बढ़ गई है. चौधरी ने अपने इस्तीफे का कारण शासन संबंधी (governance issues) चिंताओं को बताया.

इंडिपेंडेंट डायरेक्टर के इस्तीफे से KRBL के शेयर धड़ाम

सोमवार, 15 सितंबर को KRBL के शेयर 13% तक टूटकर ₹387.10 के निचले स्तर पर आ गए. यह गिरावट कंपनी के इंडिपेंडेंट डायरेक्टर अनिल कुमार चौधरी के इस्तीफे के बाद आई है. चौधरी ने 8 सितंबर, 2025 को ही इस्तीफा दे दिया था, लेकिन यह खबर सामने आने के बाद स्टॉक में बड़ी बिकवाली देखी गई. चौधरी ने अपने इस्तीफे में कंपनी के बोर्ड पर कई गंभीर आरोप लगाए और कहा है कि बोर्ड के कामकाज का मौजूदा तरीका शेयरधारकों और हितधारकों के हितों की रक्षा के अनुरूप नहीं हैं.

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अनिल कुमार चौधरी ने क्यों दिया इस्तीफा?

अनिल कुमार चौधरी ने अपने इस्तीफे पत्र में कई गंभीर मुद्दों को उठाया है:

रिकॉर्डिंग में गड़बड़ियां: बोर्ड बैठकों के मिनट्स की रिकॉर्डिंग में लगातार गड़बड़ियां देखने को मिलीं.

जानकारी को रोकना: कुछ उदाहरण ऐसे भी सामने आए जहां महत्वपूर्ण जानकारी को रोका गया, जिससे बोर्ड के सदस्यों को सूचित निर्णय लेने में बाधा आई.

एक्सपोर्ट रिसीवेबल्स को राइट-ऑफ करना: एक्सपोर्ट रिसीवेबल्स को बिना उचित जानकारी और बातचीत के राइट-ऑफ किया गया.

सीएसआर फंड्स का उपयोग: कॉर्पोरेट सोशल रिस्पॉन्सिबिलिटी (CSR) फंड्स के उपयोग को लेकर भी सवाल उठाए गए.

वेरिएबल पे और इंक्रीमेंट पर मनमाने फैसले: कुछ खास लोगों को वेरिएबल पे (variable pay) और सालाना इंक्रीमेंट का वितरण मनमाने ढंग से किया गया.

ऑब्जेक्ट क्लॉज में बदलाव: बिना किसी बातचीत या परामर्श के कंपनी के ऑब्जेक्ट क्लॉज (objective clause) में बड़े बदलाव किए गए.

बाहरी लोगों का हस्तक्षेप: बोर्ड और कमिटी की बैठकों में बाहरी आमंत्रितों का अनुचित हस्तक्षेप देखा गया.

KRBL के शेयर का प्रदर्शन

इस गिरावट से पहले, 12 सितंबर, 2025 को KRBL का शेयर ₹444.10 पर बंद हुआ था. स्टॉक ने पिछले 52 हफ्तों में ₹495 का उच्च स्तर और ₹225.70 का निचला स्तर देखा है. बीएसई के आंकड़ों के अनुसार, सोमवार को इस शेयर का कुल कारोबार ₹2.05 करोड़ के टर्नओवर के साथ 0.46 लाख शेयरों का रहा.

अगर शेयर का वैल्यूएशन देखें तो कंपनी का प्राइस-टू-अर्निंग (P/E) अनुपात 18.83x है, जो इसके पिछले 12 महीनों के प्रति शेयर आय (EPS) ₹23.59 पर आधारित है. वहीं, इसका प्राइस-टू-बुक (P/B) अनुपात 2.06 है. अनिल कुमार चौधरी द्वारा उठाए गए गवर्नेंस के ये मुद्दे आने वाले समय में कंपनी के लिए एक बड़ी चुनौती बन सकते हैं और निवेशकों की नजर इस पर बनी रहेगी.

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