Kaynes Tech के शेयरों में भारी भरकम बिकवाली. (प्रतीकात्मक तस्वीर: AI/Gemini)
Kaynes Tech Share Price Crash: सेमीकंडक्टर कंपनी Kaynes Technology के निवेशकों के लिए आज का दिन मुश्किलों वाला है. गुरुवार को बाजार खुलते ही शेयर में जोरदार बिकवाली दिखाई दी. शेयर 4,178 रुपये के भाव पर बंद हुआ था, जिसके मुकाबले में शेयर 19% टूटकर 3,366 रुपये के इंट्राडे लो पर चला गया.
कंपनी ने बुधवार को चौथी तिमाही के नतीजे जारी किए थे, जोकि नंबर्स के लिहाज से भी खराब थे और कंपनी अपना रेवेन्यू गाइडेंस भी पूरा नहीं कर पाई थी, यानी कि जो टारगेट कंपनी ने खुद सेट किए थे, वो भी मीट नहीं कर पाई, इसके बाद यहां गिरावट दिखी.
ग्लोबल ब्रोकरेज फर्म JP Morgan ने शेयर को डाउनग्रेड करते हुए टारगेट प्राइस घटा दिया है, इसका असर भी निवेशकों के सेंटीमेंट पर पड़ा.
JP Morgan ने Kaynes Tech पर Overweight की अपनी रेटिंग को घटाकर Neutral कर दिया है. साथ ही 6,000 रुपये के टारगेट को घटाकर 4,000 रुपये कर दिया है. यानी कि अपने टारगेट में 33% की कटौती की है. ब्रोकरेज का कहना है कि कंपनी अपने ही दिए हुए FY27 के Q4 रेवेन्यू गाइडेंस से काफी पीछे रह गई. Kaynes Tech ने जिस स्तर की ग्रोथ का संकेत दिया था, वास्तविक प्रदर्शन उससे काफी कमजोर रहा.
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JP Morgan के मुताबिक, कंपनी Q4FY27 के लिए अपने रेवेन्यू गाइडेंस से करीब 27% पीछे रही. इतना ही नहीं, बाजार और JP Morgan ने पहले ही अपने अनुमान घटा दिए थे, लेकिन कंपनी उन कम किए गए अनुमानों से भी 13-18% नीचे रही. यानी बाजार को उम्मीद थी कि कंपनी थोड़ी कमजोर रहेगी, लेकिन असली आंकड़े उससे भी ज्यादा निराशाजनक निकले.
ब्रोकरेज ने खास तौर पर कंपनी के Working Capital Days को लेकर चिंता जताई है. कंपनी ने पहले इसे 85 दिनों तक रखने का लक्ष्य दिया था, लेकिन यह बढ़कर 125 दिन पर पहुंच गया. सरल भाषा में समझें तो कंपनी का पैसा लंबे समय तक बिजनेस में फंसा हुआ है. इसका मतलब है कि ग्राहकों से भुगतान आने में ज्यादा समय लग रहा है या इन्वेंट्री बढ़ रही है. इससे कैश फ्लो पर दबाव बनता है और बैलेंस शीट कमजोर दिखने लगती है. JP Morgan का मानना है कि यही वजह है कि आने वाले समय में कंपनी की वैल्यूएशन को लेकर बाजार ज्यादा सतर्क रहेगा.
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ब्रोकरेज ने अगले दो साल के लिए अपनी कमाई यानी earnings estimates को भी 12-17% तक घटा दिया है. इस कटौती की वजह कंपनी के तीन बड़े बिजनेस सेगमेंट्स में कमजोरी मानी गई है:
ब्रोकरेज का कहना है कि इन तीनों क्षेत्रों में अब पहले जैसी तेज ग्रोथ की उम्मीद नहीं दिख रही.
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JP Morgan ने Kaynes Tech के Core EMS बिजनेस के valuation multiple को भी 45x से घटाकर 33x कर दिया है. इसका मतलब यह है कि अब ब्रोकरेज कंपनी को पहले जितना प्रीमियम देने को तैयार नहीं है. इसकी दो बड़ी वजह बताई गई हैं:
दिलचस्प बात यह है कि JP Morgan पूरी तरह नेगेटिव भी नहीं है. ब्रोकरेज अब भी FY26-28 के बीच कंपनी में 40% रेवेन्यू CAGR और 45% earnings CAGR की उम्मीद कर रहा है. इसकी वजह OSAT और PCB बिजनेस में संभावित ग्रोथ मानी जा रही है. आने वाले वर्षों में इन नए बिजनेस से कंपनी को फायदा मिल सकता है.
हालांकि JP Morgan ने साफ कहा है कि फिलहाल यह शेयर “Show Me Stock” बना रहेगा. यानी निवेशक अब सिर्फ गाइडेंस नहीं, बल्कि असली प्रदर्शन देखना चाहेंगे. जब तक कंपनी अपने वादों और वास्तविक नतीजों के बीच का अंतर कम नहीं करती, तब तक शेयर पर दबाव बना रह सकता है.
CLSA ने Kaynes Tech पर अपनी “Outperform” रेटिंग बरकरार रखी है, लेकिन टारगेट 4,200 रुपये रखा है. ब्रोकरेज का कहना है कि कंपनी के Q4 नतीजे ऑपरेशनल स्तर पर बाजार और कंपनी दोनों के अनुमान से कमजोर रहे.

कंपनी का EBITDA Margin 150 बेसिस पॉइंट गिरकर 15.6% रह गया. CLSA को 16.5% मार्जिन की उम्मीद थी. इसका मतलब है कि लागत का दबाव बढ़ा है और ऑपरेशनल एफिशिएंसी कमजोर हुई है.
CLSA ने कहा कि कंपनी की बैलेंस शीट भी कमजोर हुई है. Working Capital Days सालाना आधार पर 85 दिन बढ़ गए. Net Debt बढ़कर 711 मिलियन रुपये रहा. हालांकि यह FY25 के 1.9 अरब रुपये के नेट डेट से कम है, लेकिन फिर भी बाजार को कैश फ्लो और बैलेंस शीट पर चिंता बनी हुई है.
| ब्रोकरेज | रेटिंग | टारगेट प्राइस | अपसाइड | खास बातें |
| JPMorgan | Downgrade to Neutral | ₹4,000 | 16.00% | कंपनी अपने Q4FY27 रेवेन्यू गाइडेंस से 27% चूकी. Working Capital Days 125 दिन पर पहुंचे, जो 85 दिन के गाइडेंस से काफी ज्यादा हैं. अगले 2 साल की earnings estimates में 12-17% कटौती की गई. Core EMS valuation multiple भी 45x से घटाकर 33x किया गया. |
| CLSA | Outperform | ₹4,200 | 21.00% | Q4 नतीजे कंपनी गाइडेंस और Street estimates दोनों से कमजोर रहे. Revenue ₹12.4 अरब रहा जबकि कंपनी ने ₹17 अरब का गाइडेंस दिया था. EBITDA Margin घटकर 15.6% रहा. Working Capital और Balance Sheet को लेकर चिंता बढ़ी. |
Kaynes Tech अब उस फेज में पहुंच गया है जहां बाजार सिर्फ बड़े ग्रोथ वादों से प्रभावित नहीं होगा. निवेशक अब मजबूत एक्जीक्यूश, बेहतर कैश फ्लो और कंसिस्टेंट नंबर्स देखना चाहेंगे. अगर कंपनी आने वाली तिमाहियों में गाइडेंस और असल परफॉर्मेंस के बीच अंतर कम करती है, तो शेयर में भरोसा लौट सकता है. लेकिन फिलहाल ब्रोकरेज हाउस सतर्क नजर आ रहे हैं और यही वजह है कि शेयर में वॉलेटिलिटी बनी रह सकती है.