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IT Stocks to BUY: ग्लोबल IT दिग्गज Accenture के तिमाही नतीजों के बाद आज भारतीय IT शेयरों में हलचल तेज रहने की उम्मीद है. Accenture ने सालाना आधार पर 6% की रेवेन्यू ग्रोथ दर्ज की है और अपनी गाइडेंस को बरकरार रखा है, जिससे सेक्टर को शॉर्ट टर्म सपोर्ट मिला है.
Accenture की टॉपलाइन अनुमान के मुताबिक बढ़कर 18.7 बिलियन डॉलर रही. खास बात यह रही कि Q1 में कंपनी ने रिकॉर्ड AI बुकिंग दर्ज की, जिसमें सालाना आधार पर 76% की जोरदार बढ़त देखने को मिली. यह डेटा साफ करता है कि AI से जुड़े प्रोजेक्ट्स में डिमांड मजबूत बनी हुई है, भले ही ओवरऑल IT बजट्स में बड़ी छलांग न दिख रही हो.
Accenture के नतीजों के बाद अमेरिकी बाजार में भारतीय IT कंपनियों के ADRs में भी मजबूती देखने को मिली. Infosys का ADR 5.2% चढ़कर मार्च 2025 के उच्च स्तर पर पहुंच गया. पिछले दो दिनों में Infosys ADR करीब 8% चढ़ चुका है. Wipro के ADR में भी मजबूती दर्ज की गई, जिससे आज घरेलू बाजार में IT शेयरों पर पॉजिटिव ओपनिंग की उम्मीद बढ़ी है.
हालांकि, ब्रोकरेज हाउस Jefferies ने सेक्टर पर पूरी तरह बुलिश रुख नहीं अपनाया है. Jefferies का मानना है कि Accenture की steady growth guidance भारतीय IT कंपनियों के लिए सीमित राहत दे सकती है. ब्रोकरेज के मुताबिक discretionary spending पर अभी भी दबाव बना हुआ है, भले ही GenAI प्रोजेक्ट्स में कुछ सुधार दिख रहा हो. इसका मतलब यह है कि AI प्रोजेक्ट्स फिलहाल IT services budgets में बड़ी बढ़ोतरी नहीं कर रहे हैं. Jefferies को FY27 में भारतीय IT कंपनियों के लिए ग्रोथ एक्सेलेरेशन के कंसेंसस अनुमानों पर downside risk दिखता है, जिससे PE expansion सीमित रह सकता है. ऐसे में ब्रोकरेज ने सेक्टर में selective stance बनाए रखने की सलाह दी है.
Accenture के अच्छे नतीजों को शॉर्ट टर्म में पॉजिटिव मानते हुए अनिल सिंघवी ने IT सेक्टर के तीन शेयरों पर ट्रेडिंग कॉल दी है.
Infosys Futures में 1610 के स्टॉपलॉस के साथ खरीदारी की सलाह है. ऊपर की तरफ 1645 और 1665 के टारगेट दिए गए हैं.
Wipro Futures में 260 का स्टॉपलॉस रखते हुए 268, 270 और 274 के टारगेट बताए गए हैं.
Persistent Systems Futures में 6280 के सख्त स्टॉपलॉस के साथ 6410 और 6550 के टारगेट दिए गए हैं.
कुल मिलाकर, Accenture के नतीजे IT सेक्टर के लिए शॉर्ट टर्म में सपोर्टिव जरूर हैं, लेकिन मीडियम टर्म में ग्रोथ और वैल्यूएशन को लेकर चुनिंदा और सतर्क रणनीति अपनाना ज्यादा बेहतर माना जा रहा है.