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IT शेयरों में दमदार रैली. (प्रतीकात्मक तस्वीर: AI)
IT Stocks: करीब पूरे साल दबाव में रहने के बाद अब IT शेयरों में वापसी के संकेत दिखने लगे हैं. मंगलवार को Nifty IT Index करीब 4% चढ़ गया और लगातार तीसरे कारोबारी सत्र में तेजी दिखाई. खास बात यह रही कि IT इंडेक्स ने ब्रॉडर मार्केट को भी पीछे छोड़ दिया.
इस तेजी के पीछे सबसे बड़ा कारण अमेरिकी डॉलर में मजबूती मानी जा रही है. डॉलर इंडेक्स बढ़कर 99 के ऊपर पहुंच गया, जिसका सीधा फायदा भारतीय IT कंपनियों को मिलता है. क्योंकि भारतीय IT सेक्टर अपनी कमाई का बड़ा हिस्सा अमेरिका से कमाता है, इसलिए डॉलर मजबूत होने पर कंपनियों की डॉलर इनकम रुपये में ज्यादा वैल्यू देती है.
भारतीय IT इंडस्ट्री का कारोबार काफी हद तक अमेरिकी क्लाइंट्स पर निर्भर है. सेक्टर की करीब आधी से ज्यादा कमाई अमेरिका से आती है. ऐसे में जब डॉलर मजबूत होता है और रुपया कमजोर, तो कंपनियों की कमाई बेहतर दिखने लगती है. यही वजह है कि निवेशक अब उम्मीद लगा रहे हैं कि आने वाली तिमाहियों में IT कंपनियों की अर्निंग ग्रोथ सुधर सकती है.
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IT रैली में Coforge सबसे बड़ा स्टार बना और शेयर करीब 6.5% उछला. इसके अलावा Mphasis में 5.3% और Oracle Financial Services Software में करीब 5% की तेजी आई. दिग्गज IT कंपनियों में भी अच्छी खरीदारी देखने को मिली. Infosys, Tata Consultancy Services, HCL Technologies और Tech Mahindra के शेयर 2.5% से 3.5% तक चढ़े. इन शेयरों में ट्रेडिंग वॉल्यूम भी 20 दिन के औसत से ज्यादा रहा, जो मजबूत खरीदारी का संकेत माना जाता है.
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हालांकि हालिया तेजी के बावजूद तस्वीर पूरी तरह आसान नहीं है. Nifty IT Index अभी भी 2026 में अब तक करीब 23% नीचे है. यानी यह तेजी फिलहाल रिकवरी की शुरुआत मानी जा रही है, पूरी मजबूती नहीं. तकनीकी संकेतक RSI भी करीब 55 पर पहुंच गया है. इसका मतलब यह है कि सेक्टर ओवरसोल्ड जोन से बाहर निकल रहा है, लेकिन अभी बहुत ज्यादा महंगा भी नहीं हुआ.
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मार्केट गुरु अनिल सिंघवी का मानना है कि IT सेक्टर में FIIs की वापसी हो सकती है. उनके मुताबिक पिछले दो दिनों से कोरिया और ताइवान जैसे सेमीकंडक्टर मार्केट्स में काफी दिलचस्प एक्शन देखने को मिल रहा है. अगर वहां दबाव बढ़ता है, तो विदेशी निवेशक भारतीय IT कंपनियों की तरफ रुख कर सकते हैं. उन्होंने कहा कि सेमीकंडक्टर कंपनियों की कमाई तो मजबूत रह सकती है, लेकिन उनके PE मल्टीपल घट सकते हैं. ऐसे में FIIs वहां मुनाफावसूली कर भारत के IT सेक्टर में पैसा लगा सकते हैं.
Goldman Sachs ने Infosys पर Neutral रेटिंग बरकरार रखी है और 1290 रुपये का टारगेट दिया है. ब्रोकरेज के मुताबिक discretionary spending अभी भी कमजोर है, लेकिन BFSI और यूरोपियन बिजनेस में मजबूती बनी हुई है. Infosys का मानना है कि AI की वजह से कुछ क्षेत्रों में pricing pressure आ सकता है, लेकिन नए बिजनेस अवसर भी खुलेंगे.
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CLSA ने Coforge पर Buy रेटिंग बरकरार रखी है और 2075 रुपये का टारगेट दिया है. यह मौजूदा स्तर से करीब 44% अपसाइड दिखाता है.
ब्रोकरेज का कहना है कि कंपनी का एक्जीक्यूशन लगातार मजबूत बना हुआ है. Encora कंसॉलिडेशन के बाद कंपनी का मार्जिन गाइडेंस उम्मीद से बेहतर रहा है. CLSA का मानना है कि AI cycle का सबसे बड़ा फायदा Coforge को मिल सकता है. कंपनी का मजबूत ऑर्डर बुक, रेवेन्यू प्रति कर्मचारी में सुधार और EBIT मार्जिन विस्तार इसे सेक्टर में अलग बनाता है.
IT सेक्टर में हालिया तेजी ने संकेत दिया है कि लंबे समय की गिरावट के बाद अब बॉटम फिशिंग शुरू हो सकती है. डॉलर मजबूती, AI थीम और FIIs की संभावित वापसी सेक्टर को सपोर्ट दे सकती है. हालांकि निवेशकों को यह भी ध्यान रखना होगा कि ग्लोबल ग्रोथ, अमेरिकी स्पेंडिंग और AI कॉम्पटिशन जैसे जोखिम अभी भी बने हुए हैं. ऐसे में स्टॉक स्पिसिफिक अप्रोच ज्यादा बेहतर मानी जा रही है.