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IT Stocks: सोमवार, 23 जून को भारतीय IT कंपनियों के शेयरों में तेज गिरावट देखी गई. Infosys, TCS, Wipro और अन्य प्रमुख IT स्टॉक्स 1-3% तक लुढ़क गए. इसके पीछे की बड़ी वजह अमेरिकी दिग्गज कंपनी Accenture के Q3FY25 के नतीजे रहे, जो बीते शुक्रवार को जारी हुए थे.
Accenture ने इस तिमाही में 7% की सालाना रेवेन्यू ग्रोथ दिखाई, जो अनुमान से बेहतर रही. हालांकि, कंपनी की डील बुकिंग्स में लगातार दूसरी तिमाही कमजोरी रही. बुकिंग्स 7% गिरी हैं और कंसल्टिंग बिजनेस में 13% की बड़ी गिरावट आई है. कंपनी ने यह भी संकेत दिया कि क्लाइंट्स खर्च को लेकर सतर्क हो गए हैं और डील क्लोज होने में देरी हो रही है. अमेरिका में फेडरल कॉन्ट्रैक्ट्स में कटौती (संभवत: ट्रंप प्रशासन की नीतियों के कारण) का भी कंपनी पर असर दिख रहा है.
पूरे साल के लिए Accenture ने अपने रेवेन्यू ग्रोथ गाइडेंस को 6-7% तक सीमित कर दिया है, जो पहले 5-7% था. ऑर्गेनिक ग्रोथ को लेकर कंपनी ने 3-4% की ग्रोथ उम्मीद जताई है, जो अब कोविड-पूर्व स्तरों के करीब मानी जा रही है. हालांकि, कंपनी ने यह भी कहा कि फेडरल कॉन्ट्रैक्ट्स में कमी के चलते चालू तिमाही में 1-5% ग्रोथ के अनुमान को हेडविंड्स का सामना करना पड़ेगा.
इन नतीजों का सीधा असर भारतीय बाजार में दिखा. Nifty IT इंडेक्स ~1% गिरा, और 10 में से 8 स्टॉक्स लाल निशान में बंद हुए. Infosys 2% की गिरावट के साथ टॉप लूज़र रहा. HCL Tech, Oracle Financial और TCS के शेयरों में 1-2% की गिरावट देखी गई.
HSBC ने कहा कि Accenture की ग्रोथ 3QFY25 में कमजोर रही है और डील बुकिंग्स में गिरावट निराशाजनक है. खास तौर पर आउटसोर्सिंग बुकिंग्स में गिरावट ज्यादा रही है. हालांकि HSBC का मानना है कि इन नतीजों से भारतीय IT कंपनियों को लेकर कोई नया बड़ा संकेत नहीं मिला है.
वहीं CLSA का रुख थोड़ा सकारात्मक रहा. CLSA ने कहा कि Accenture ने FY25 के लिए ऑर्गेनिक ग्रोथ गाइडेंस 3-4% कर दी है, जो पहले 2-4% थी. CLSA ने अपनी पॉजिटिव स्टांस को दोहराया है और Infosys, Tech Mahindra और Persistent को टॉप पिक्स के तौर पर रखा है.