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कच्चे तेल में तेजी से किन सेक्टर्स को नुकसान. (Image- Freepik)
CRUDE OIL STOCK IMPACT: मिडिल ईस्ट में इजरायल, अमेरिका और ईरान के बीच बढ़ते तनाव का असर कच्चे तेल की कीमतों पर दिखने लगा है. इजरायल-अमेरिका का ईरान पर हमले के बाद कच्चे तेल की कीमतों में तेज उछाल आया है. इंट्रा-डे में ब्रेंट क्रूड का भाव करीब 12 फीसदी बढ़कर 81 डॉलर प्रति बैरल के पार हो गई. अब 5 फीसदी की तेजी के साथ 76 डॉलर प्रति बैरल के पास ट्रेड कर रहा है. क्रूड ऑयल की कीमतों में बढ़ोतरी का असर भारतीय कंपनियों पर पड़ेगा.
कच्चे तेल की कीमत बढ़ने ऑयल मार्केटिंग कंपनियों- RIL, IOCL, BPCL, HPCL, MRPL and Chennai Petroleum पर मिला-जुला असर दिखेगा. कच्चे तेल मे बढ़त से मार्केटिंग मार्जिन में गिरावट आएगी. कच्चे तेल में बढ़त से इन्वेंट्री गेन का भी फायदा होगा.
कच्चे तेल में बढ़त ऑयल एक्सप्लोर्स कंपनियों के लिए पॉजिटिव है. इसका फायदा ONGC, Oil India, Vedanta and HOEC को मिलेगा. कच्चे तेल में बढ़त से अर्निंग्स पर पॉजिटिव असर होगा. कच्चे तेल मे $5/bbl बढ़त से ONGC/Oil India के EPS पर 7%-12% का पड़ता है.
स्ट्रेट ऑफ होर्मुज पर हमले से Baltic Dry Index में बढ़त होगी. GE Shipping और SCI फोकस में रहेंगे.
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कच्चे माल की लागत में क्रूड का 40% योगदान होता है. कीमत में बढ़ोतरी से पेंट बनाने वाली कंपनियों और एविएशन कंपनियों पर असर होगा.
लुब्रिकेंट में कच्चे माल की लागत में क्रूड का 50% योगदान होता है. कच्चे तेल के भाव में उछाल से Castrol, Gulf Oil, Tide water Oil के निगेटिव है.
सिंथेटिक रबड़, कॉर्बन ब्लैक, केमिकल के कच्चे तेल की चाल पर निर्भर है. कच्चे माल की लागत में क्रूड का 40% योगदान देता है.
कच्चे तेल पर 40-50% लागत निर्भर है. क्रूड ऑयल के भाव में बढ़ोतरी सीमेंट कंपनियों के लिए निगेटिव है.
कच्चे तेल के दाम में इजाफा का असर स्पेशियलिटी केमिकल पर दिख सकता है. यह स्पेशियलिटी केमिकल कंपनियों के लिए निगेटिव खबर है. इसका असर- Balaji Amines, Alkyl Amines, Camlin Fine, Clean Science, Rossari Biotech, NOCIL, Aarti Industries, Atul, Vinati Organics, Meghmani Organics, Deepak Nitrite दिखेगा.