₹22 के शेयर में जोरदार रैली! बोनस इशू के दम पर आई तगड़ी खरीदारी, लेकिन किसे मिलेगा फायदा?

IRB Infra Share Price: शेयर में तेजी बोनस इश्यू के एडजस्टमेंट के बाद देखने को मिली. कंपनी ने हाल ही में 1:1 बोनस इश्यू का ऐलान किया था, आज इसकी एक्स-डेट थी.
₹22 के शेयर में जोरदार रैली! बोनस इशू के दम पर आई तगड़ी खरीदारी, लेकिन किसे मिलेगा फायदा?

IRB Infra के बोनस इशू के एक्स-डेट पर शेयर में जोरदार तेजी. (प्रतीकात्मक तस्वीर)

IRB Infra Share Price: कंस्ट्रक्शन कंपनी IRB Infrastructure Developers के शेयर सोमवार को 10% से ज्यादा उछलकर ₹22.54 के इंट्राडे हाई तक पहुंच गए. शेयर में तेजी बोनस इश्यू के एडजस्टमेंट के बाद देखने को मिली. कंपनी ने हाल ही में 1:1 बोनस इश्यू का ऐलान किया था, आज इसकी एक्स-डेट थी.

IRB Infra Bonus Issue

कंपनी ने 13 फरवरी 2026 को 1:1 बोनस इश्यू को मंजूरी दी थी. इसका मतलब है कि अगर किसी निवेशक के पास रिकॉर्ड डेट तक 1 शेयर है, तो उसे 1 अतिरिक्त शेयर मुफ्त मिलेगा. यानी 100 शेयर रखने वाले निवेशक के पास बोनस के बाद 200 शेयर हो जाएंगे. कंपनी ने इस बोनस इश्यू के लिए 1 अप्रैल 2026 को रिकॉर्ड डेट तय की है. यह वही तारीख होती है, जिस दिन कंपनी यह तय करती है कि किन निवेशकों को बोनस शेयर मिलेंगे.

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Ex-date और Record Date में क्या है फर्क?

बोनस इश्यू में Ex-date और Record Date बहुत अहम होते हैं. Ex-date आमतौर पर रिकॉर्ड डेट से एक ट्रेडिंग दिन पहले होती है. अगर किसी निवेशक को बोनस का फायदा चाहिए, तो उसे Ex-date से पहले शेयर खरीदने होते हैं. अगर कोई निवेशक Ex-date या उसके बाद शेयर खरीदता है, तो वह बोनस के लिए पात्र नहीं होता. Record Date पर कंपनी अपने शेयरहोल्डर्स की लिस्ट फाइनल करती है.

शेयर प्राइस क्यों होता है एडजस्ट?

बोनस इश्यू के बाद शेयर की कीमत तकनीकी रूप से एडजस्ट हो जाती है. उदाहरण के लिए, अगर 1:1 बोनस है, तो शेयरों की संख्या दोगुनी हो जाती है, इसलिए कीमत लगभग आधी हो जाती है. हालांकि, निवेशक की कुल वैल्यू पर कोई असर नहीं पड़ता, क्योंकि शेयरों की संख्या बढ़ती है लेकिन कीमत उसी अनुपात में कम हो जाती है.

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निवेशकों के लिए क्या है मतलब?

बोनस इश्यू आमतौर पर कंपनी के कॉन्फिडेंस का संकेत माना जाता है. यह दिखाता है कि कंपनी के पास मजबूत रिजर्व है और वह शेयरहोल्डर्स को रिवार्ड देना चाहती है, लेकिन यह समझना जरूरी है कि बोनस इश्यू से कंपनी की फंडामेंटल वैल्यू नहीं बदलती. यह सिर्फ शेयरों की संख्या और लिक्विडिटी बढ़ाता है.

IRB Infra के मामले में, बोनस के बाद शेयर में तेजी यह दिखाती है कि बाजार इस कॉर्पोरेट एक्शन को पॉजिटिव तरीके से देख रहा है. हालांकि, आगे की चाल कंपनी के बिजनेस ग्रोथ, ऑर्डर बुक और सेक्टर ट्रेंड पर निर्भर करेगी.

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