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देश के दिग्गज प्राइवेट बैंक में से एक IndusInd Bank ने हाल ही में FY26 की पहली तिमाही के नतीजों को पेश किया. ये नतीजे मार्केट के अनुमान के अनुसार ठीक रहे लेकिन बीते साल की समान तिमाही के आधार पर काफी कमजोर रहे. बैंक का नेट प्रॉफिट घटकर 684 करोड़ रुपए रह गया है, जो पिछले साल की समान तिमाही में 2152 करोड़ रुपए था. कमजोर नतीजों के बाद अब इस बैंक शेयर पर ब्रोकरेज की अलग-अलग राय आई है. एक साथ दो ब्रोकरेज कंपनियों ने इस शेयर पर SELL की रेटिंग दे दी है. वहीं टारगेट प्राइस भी घटाया है. अब निवेशकों को आगे क्या करना चाहिए, इस पर ब्रोकरेज की राय पहले जान सकते हैं.
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इस बैंक शेयर पर एक नहीं, दो नहीं बल्कि 6 ब्रोकरेज कंपनियों की राय आई है. इस शेयर पर ब्रोकरेज कंपनी Bernstein ने ही Outperform की राय दी है और टारगेट प्राइस का बढ़ाया है लेकिन बाकी पांचों कंपनियों ने टारगेट को सिर्फ घटाया ही है और साथ में 2 ने तो Sell की भी रेटिंग दे दी है. बता दें कि 29 जुलाई को इस बैंकिंग शेयर में गिरावट है और ये शेयर मौजूदा समय में 799.50 रुपए के लेवल पर है.
Citi का मानना है कि बैंक के नतीजों में अब भी कमजोर ग्रोथ और ऊंचे क्रेडिट कॉस्ट की समस्या बनी हुई है. वहीं CEO की नियुक्ति पर नजर है. एक बार की गड़बड़ियों के बाद स्लिपेज भले ही सामान्य हुआ है, लेकिन स्थायी समाधान नहीं दिखता. FY26E और FY27E के लिए बैंक की अनुमानित कमाई 2-3% घटा दी गई है. ब्रोकरेज ने यहां SELL की रेटिंग देते हुए टारगेट प्राइस घटा दिया है. ब्रोकरेज ने यहां 765 रुपए का टारगेट प्राइस दिया है.
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वहीं Goldman Sachs ने बिकवाली की रेटिंग देते हुए 722 रुपए का टारगेट प्राइस दिया है. हालांकि गोल्डमेन सैक्स की ओर से इस स्टॉक पर कोई टिप्पणी नहीं की गई है लेकिन इस स्टॉक पर SELL की रेटिंग को बरकरार रखा है.
ब्रोकरेज कंपनी Macquarie ने चेताया है कि अब <1% RoA ही बैंक के लिए नॉर्मल हो गया है. बैंक की आमदनी भले ही NIM और ट्रेजरी गेन्स से कुछ हद तक बची रही, लेकिन कमजोर फी इनकम और ऊंचे क्रेडिट कॉस्ट इसकी भरपाई नहीं कर पाए. उनका मानना है कि पिछली तिमाही में 'किचन सिंकिंग' के चलते ताजा स्लिपेज का तुलना करना कठिन है. इस पर ब्रोकरेज कंपनी ने Underperform की रेटिंग को बरकरार रखा है औऱ 650 रुपए का टारगेट प्राइस दिया है, जो मार्केट प्राइस से नीचे है.
इसके अलावा Morgan Stanley ने इस शेयर पर ‘Underweight’ की रेटिंग को बरकरार रखा है और टारगेट प्राइस घटाकर ₹750 रुपए कर दिया है. Morgan Stanley ने कोई नया तर्क नहीं दिया लेकिन अपने नकारात्मक रुख को बरकरार रखा है.
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ब्रोकरेज कंपनी CLSA ने इस शेयर पर होल्ड की राय को मेंटेन किया है. ब्रोकरेज का रुख थोड़ा संतुलित है. बैंक का Q1 PAT ₹6.8 अरब रहा जो कि ₹8.5 अरब के अनुमान से काफी नीचे था. मुख्य वजह रही कम PPOP और ऊंची क्रेडिट कॉस्ट. प्रबंधन का फोकस फिलहाल हाई-कॉस्ट डिपॉजिट को कम करने और रिकवरी सुधारने पर है, जिससे ग्रोथ फिलहाल धीमी रह सकती है. ब्रोकरेज कंपनी ने यहां HOLD की राय तो दी है लेकिन 725 रुपए का टारगेट प्राइस दिया है. हालांकि सिर्फ एक ही ब्रोकेरज कंपनी है, जिसकी आउटपरफॉर्म की राय है और टारगेट प्राइस बढ़ाकर दिया है.
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Bernstein एकमात्र ब्रोकरेज हाउस है जो इस स्टॉक को लेकर अब भी सकारात्मक है. उनका मानना है कि Q1 के नतीजों में ऐसी समस्याएं सामने आईं जो पहले भी देखी जा चुकी हैं, और अब बैंक एक नए बेसलाइन की तलाश में है. हालांकि, फिलहाल रिटर्न ऑन एसेट्स (RoA) में तत्काल सुधार के कोई स्पष्ट संकेत नहीं हैं, लेकिन उनका दीर्घकालिक नजरिया अब भी सकारात्मक बना हुआ है. ब्रोकरेज ने यहां 1000 रुपए का टारगेट प्राइस दिया है. 29 जुलाई को
IndusInd Bank ने जून 2025 तिमाही के नतीजे जारी करते हुए बताया कि उसका नेट प्रॉफिट घटकर 684 करोड़ रुपए रह गया है. हालांकि यह बाजार के अनुमान 570 करोड़ रुपए से बेहतर है, लेकिन सालाना आधार पर यह भारी गिरावट को दिखाता है. पिछले साल की समान तिमाही में बैंक का मुनाफा 2152 करोड़ रुपए था.बैंक की नेट इंटरेस्ट इनकम (NII) इस तिमाही में घटकर लगभग 4640 करोड़ रुपए रही है.
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इस तिमाही में बैंक की एसेट क्वालिटी थोड़ी कमजोर रही है. ग्रॉस NPA तिमाही-दर-तिमाही (QoQ) आधार पर 3.13% से बढ़कर 3.64% हो गया है. वहीं नेट NPA भी 0.95% से बढ़कर 1.12% पर पहुंच गया है. हालांकि बैंक का प्रोविजन कवरेज रेश्यो 70% है, जो बताता है कि बैंक ने संभावित डिफॉल्ट के लिए अच्छी-खासी सुरक्षा राशि बना रखी है.
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हालांकि मुनाफे और NII में गिरावट देखने को मिली है, लेकिन पिछली तिमाही की तुलना में प्रोविजन कम करना और CASA में स्थिरता बैंक के लिए थोड़ी राहत की बात है. इससे लगता है कि बैंक ने अपने ऑपरेशन्स में थोड़े सुधार की दिशा में कदम बढ़ाए हैं.
(डिस्क्लेमर: यहां स्टॉक्स में निवेश की सलाह ब्रोकरेज हाउस द्वारा दी गई है. ये जी बिजनेस के विचार नहीं हैं. निवेश से पहले अपने एडवाइजर से परामर्श कर लें.)