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भारत की सबसे बड़ी टेलीकॉम इंफ्रास्ट्रक्चर कंपनी Indus Towers Ltd. के तिमाही नतीजों के बाद विदेशी ब्रोकरेज हाउसों का मूड पॉजिटिव हो गया है. कंपनी के शेयर पर तीन प्रमुख ब्रोकरेज फर्मों- Citi, UBS और CLSA ने अपनी ताज़ा रिपोर्ट जारी की हैं.
इनमें से दो फर्मों ने कंपनी पर “Buy” और “Outperform” रेटिंग बरकरार रखी है. इनका मानना है कि आने वाले महीनों में Indus Towers के लिए कई पॉजिटिव ट्रिगर हैं, जो इसके शेयर को नई ऊंचाई तक ले जा सकते हैं.
ब्रोकरेज हाउस Citi ने Indus Towers पर “Buy” रेटिंग बनाए रखी है और टारगेट प्राइस घटाकर 460 रुपये तय किया है. रिपोर्ट में कहा गया है कि Vodafone Idea को AGR (Adjusted Gross Revenue) मामले में राहत मिलने की संभावना है, क्योंकि सुप्रीम कोर्ट ने सरकार को कंपनी की शिकायतें सुनने की अनुमति दी है. Citi का कहना है कि अगर सरकार AGR देनदारी पर किसी तरह की राहत देती है तो इसका सीधा फायदा Indus Towers को मिलेगा, क्योंकि Vodafone Idea इस कंपनी के प्रमुख ग्राहकों में से एक है.
Citi का आकलन है कि मार्च 2026 में Vodafone Idea को सरकार को एक बड़ा लंपसम भुगतान करना है. अगर यह राहत आने वाले महीनों में मिल जाती है तो Indus Towers का बकाया समय पर मिल सकता है, जिससे कंपनी की नकदी स्थिति मजबूत होगी और स्टॉक में जोरदार तेजी देखने को मिलेगी. Citi का कहना है कि इस खबर से शेयर अपने 52-वीक हाई के आसपास पहुंच सकता है.
UBS ने Indus Towers के शेयर पर Neutral रुख बनाए रखा है और टारगेट प्राइस 425 रुपये दिया है. UBS के मुताबिक कंपनी के Q2FY26 नतीजे broadly in-line रहे हैं, यानी उम्मीदों के अनुरूप प्रदर्शन रहा.
कंपनी ने इस तिमाही में करीब 4,300 नए टावर जोड़े, जिससे कुल टावर संख्या बढ़कर 2,56,100 हो गई. हालांकि, कंपनी का टेनेंसी रेश्यो 1.63 से घटकर 1.62 पर आ गया, यानी हर टावर पर औसतन किराएदारों की संख्या मामूली घटी है.
UBS ने बताया कि औसत रेंटल प्रति टावर 1.3% बढ़कर 67,900 रुपये और प्रति टेनेंट 1.4% बढ़कर 41,700 रुपये रहा है. UBS का कहना है कि रेंटल इनकम में यह स्थिर वृद्धि कंपनी की वित्तीय स्थिति को मज़बूत रखेगी, लेकिन फिलहाल वैल्यूएशन फेयर लेवल पर है. इसलिए उन्होंने Neutral रेटिंग जारी रखी है.
ब्रोकरेज फर्म CLSA ने Indus Towers पर “Outperform” रेटिंग देते हुए टारगेट प्राइस 520 रुपये तय किया है, जो मौजूदा बाजार भाव ₹386 से करीब 35% ऊपर है. CLSA की रिपोर्ट के मुताबिक, कंपनी का कोर रेवेन्यू ₹52.4 अरब रहा, जो साल-दर-साल 11% और तिमाही-दर-तिमाही 3% बढ़ा है. यह आंकड़ा बाजार की उम्मीद से बेहतर है.
CLSA ने बताया कि रिपोर्टेड EBITDA सालाना आधार पर 6% घटा है, लेकिन अगर पिछले बकाया कलेक्शन को एडजस्ट किया जाए, तो EBITDA में 15% सालाना और 3% तिमाही वृद्धि दर्ज की गई है. इसका मतलब है कि कंपनी की परिचालन स्थिति स्थिर है और ग्रोथ का ट्रेंड जारी है. CLSA ने यह भी बताया कि कंपनी के पास ₹2,960 करोड़ का नेट कैश बैलेंस है, जबकि लीज लाइबिलिटी कुल डेट के 118% के बराबर है.
रिपोर्ट में कहा गया है कि Indus Towers के बोर्ड द्वारा डिविडेंड फिर से शुरू करने का फैसला जल्द आ सकता है. यदि ऐसा होता है, तो यह निवेशकों के विश्वास को बढ़ाने वाला कदम साबित होगा. CLSA का मानना है कि कंपनी की बैलेंस शीट मजबूत है और AGR राहत की स्थिति में यह स्टॉक अपने पिछले 52-वीक हाई को पार कर सकता है.
तीनों ब्रोकरेज रिपोर्ट्स के आधार पर देखा जाए तो Indus Towers के लिए आने वाले कुछ महीने बेहद अहम साबित हो सकते हैं. Vodafone Idea की वित्तीय स्थिति में सुधार और संभावित सरकारी राहत कंपनी की बकाया वसूली को आसान बनाएगी. इसके साथ ही 5G रोलआउट से नई टावर इंस्टॉलेशन की डिमांड भी बढ़ेगी, जो Indus Towers की रेवेन्यू ग्रोथ को सपोर्ट करेगी.
वर्तमान में कंपनी का शेयर ₹386 के आसपास ट्रेड कर रहा है. CLSA और Citi के टारगेट के अनुसार इसमें 20% से 35% तक की संभावित तेजी संभव है. इसलिए कई एनालिस्ट्स का मानना है कि आने वाले महीनों में यह शेयर 52-वीक हाई लेवल को तोड़कर नए स्तर बना सकता है.
Q1. Indus Towers किस तरह का बिज़नेस करती है?
यह कंपनी मोबाइल नेटवर्क टावर बनाकर उन्हें टेलीकॉम कंपनियों जैसे Airtel, Jio और Vi को किराए पर देती है.
Q2. ब्रोकरेज हाउसों के टारगेट क्या हैं?
Citi ने 460 रुपये, UBS ने 425 रुपये और CLSA ने 520 रुपये का टारगेट दिया है.
Q3. AGR राहत का कंपनी पर क्या असर हो सकता है?
Vodafone Idea को AGR केस में राहत मिलने से Indus Towers को बकाया भुगतान समय पर मिलने की संभावना बढ़ जाएगी.
Q4. कंपनी का हालिया प्रदर्शन कैसा रहा?
Q2FY26 में कंपनी की रेवेन्यू 11% बढ़ी, EBITDA स्थिर रहा और टावर ऐडिशन 4,300 रहे.
Q5. क्या अभी इस स्टॉक में निवेश करना चाहिए?
लॉन्ग टर्म निवेशकों के लिए स्टॉक आकर्षक वैल्यूएशन पर है, लेकिन अल्पकालिक निवेशकों को मार्केट वोलैटिलिटी को ध्यान में रखकर कदम उठाना चाहिए.
(डिस्क्लेमर: यहां स्टॉक्स में निवेश की सलाह ब्रोकरेज हाउस द्वारा दी गई है. ये जी बिजनेस के विचार नहीं हैं. निवेश से पहले अपने एडवाइजर से परामर्श कर लें.)