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Indigo Share Price: Indigo Airlines की पैरेंट कंपनी InterGlobe Aviation में फाउंडर राकेश गंगवाल और उनके परिवार की ओर से हिस्सेदारी में लगातार घट रही है. पिछले तीन सालों में गंगवाल परिवार ने अपनी हिस्सेदारी को 36.6% से घटाकर मात्र 7.7% कर दिया है. मंगलवार को उन्होंने 5.8% हिस्सेदारी ब्लॉक डील के जरिए बेची, जिसके बाद अब उनके पास केवल 7.7% स्टेक बचा रह गया है. इस ब्लॉक डील के बाद शेयर में करीब 3% की गिरावट दर्ज हुई. शेयर ने 5,256 रुपये का इंट्राडे लो बनाया था.
यह सिलसिला जून 2022 से शुरू हुआ जब उनकी हिस्सेदारी 36.6% थी और तब से लेकर अब तक वे धीरे-धीरे अपनी होल्डिंग्स कम करते आए हैं. मार्च 2024 में यह 18.1% थी, और अगस्त 2024 तक 13.5% रह गई. अब मई 2025 में यह गिरकर 7.7% पर पहुंच गई है.
गंगवाल परिवार के हिस्सेदारी बेचने की पृष्ठभूमि भी दिलचस्प है. जुलाई 2019 से ही कंपनी के दो प्रमोटरों – राकेश गंगवाल और राहुल भाटिया – के बीच मतभेद सार्वजनिक हुए थे. मुख्य विवाद कॉर्पोरेट गवर्नेंस, रिलेटेड पार्टी ट्रांजैक्शन और कंपनी की ग्रोथ रणनीति को लेकर था. जहाँ गंगवाल आक्रामक विस्तार के पक्षधर थे, वहीं भाटिया स्थिर और नियंत्रण वाली ग्रोथ नीति पर जोर दे रहे थे.
दिसंबर 2021 में दोनों ने एक EGM के जरिए समझौता किया, जिसमें प्रमोटर शेयर ट्रांसफर पर लगी पाबंदियां हटाई गईं और AoA में बदलाव किए गए. इसके कुछ ही महीने बाद, फरवरी 2022 में राकेश गंगवाल ने कंपनी के बोर्ड से इस्तीफा दे दिया और यह ऐलान किया कि वे अगले 5 सालों में अपनी हिस्सेदारी धीरे-धीरे बेचेंगे.
अब जब इंडिगो के शेयरों में F&O सेगमेंट में शामिल होने की खबर है, और इस बीच इतनी बड़ी ब्लॉक डील हुई है, तो निवेशकों के लिए सतर्क रहने का समय है. अनिल सिंघवी ने कहा कि अभी और हिस्सेदारी बिक्री हो सकती है, जिससे स्टॉक पर अतिरिक्त सप्लाई प्रेशर बन सकता है. ऐसे में शॉर्ट टर्म निवेशकों को फिलहाल दूर रहने की सलाह दी गई है, जबकि लॉन्ग टर्म निवेशक बने रह सकते हैं. गंगवाल परिवार की इस हिस्सेदारी बिक्री को जहां एक तरफ उनके पुराने फैसले का पालन कहा जा सकता है, वहीं यह इंडिगो के कॉर्पोरेट ढांचे में एक बड़े बदलाव का संकेत भी है. आने वाले महीनों में कंपनी की रणनीतिक दिशा और प्रमोटर स्ट्रक्चर पर नजर रखना जरूरी होगा.