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भारत का सीफूड एक्सपोर्ट ऑल-टाइम हाई पर.
भारत के समुद्री खाद्य उद्योग (Seafood Industry) के लिए वित्त वर्ष 2025-26 एक ऐतिहासिक साल साबित हुआ है. दुनिया भर की थालियों में भारतीय सीफूड का स्वाद ऐसा चढ़ा कि भारत ने एक्सपोर्ट के मामले में अब तक के सारे रिकॉर्ड तोड़ दिए हैं. सरकारी आंकड़ों के मुताबिक, इस साल भारत का सी फूड एक्सपोर्ट $8.28 बिलियन के ऑल टाइम हाई पर पहुंच गया है.
वहीं, दूसरी ओर इसी सेक्टर से जुड़ी कुछ कंपनियों ने अपने निवेशकों को ताबड़तोड़ रिटर्न दिया है. Apex Frozen Foods और Avanti Feeds ने तो अपने निवेशकों को पैसा 6 महीने में लगभग दोगुना कर दिया. चलिए आसान भाषा में एक्सपोर्ट के गणित और रिटर्न की कहानी को समझते हैं.
समुद्री उत्पाद निर्यात विकास प्राधिकरण (MPEDA) के आंकड़ों के अनुसार, भारत ने इस साल 1.93 मिलियन मीट्रिक टन सीफूड का निर्यात किया है. दिलचस्प बात यह है कि भारत के सबसे बड़े बाजार, अमेरिका (USA) से मांग में गिरावट आने के बावजूद भारत ने यह रिकॉर्ड बनाया है.
अमेरिका को होने वाले निर्यात में मात्रा के लिहाज से 19.8% और वैल्यू के लिहाज से 14.5% की कमी आई है, जिसका मुख्य कारण पारस्परिक शुल्क (Reciprocal Tariffs) का प्रभाव रहा. लेकिन, भारत ने इसकी भरपाई चीन और यूरोपीय संघ (EU) जैसे बाजारों में अपनी पकड़ मजबूत करके की.
भारत के कुल समुद्री निर्यात में फ्रोजन श्रिंप की हिस्सेदारी दो-तिहाई से भी ज्यादा है. अकेले झींगा निर्यात से भारत ने ₹47,973.13 करोड़ ($5.51 बिलियन) की कमाई की है. पिछले साल के मुकाबले झींगे के शिपमेंट की मात्रा में 4.6% और वैल्यू में 6.35% की बढ़त हुई है.
भारत के सीफूड एक्सपोर्ट के मुख्य हब की बात करें तो विशाखापत्तनम, जवाहरलाल नेहरू पोर्ट ट्रस्ट (JNPT), कोच्चि, कोलकाता और चेन्नई ने मिलकर कुल निर्यात वैल्यू में करीब 64% का योगदान दिया है. चलिए, अब जानते हैं इस सेक्टर से जुड़ी बड़ी कंपनियों के बारे में, जिन्होंने अपने निवेशकों को शानदार रिटर्न दिया है.
अवंती फीड्स भारत की अग्रणी एक्वाकल्चर कंपनी है. यह न केवल झींगा और मछली के लिए हाई-क्वालिटी दाना (Feed) बनाती है, बल्कि झींगा प्रोसेसिंग और एक्सपोर्ट में भी बड़ी हिस्सेदारी रखती है. कंपनी का "फार्म-टू-फॉर्क" मॉडल इसे बाजार में मजबूती देता है.

अवंती फीड्स ने पिछले 6 महीनों में निवेशकों को करीब 98% का तूफानी रिटर्न दिया है. यानी महज आधे साल में निवेशकों का पैसा लगभग दोगुना हो गया है. पिछले एक महीने में भी शेयर ने 29% की शानदार बढ़त दिखाई है.
आज के सत्र में शेयर में मामूली गिरावट देखी गई. यह ₹1,479.40 पर खुलकर ₹1,442.70 पर बंद हुआ. हालांकि, पिछले 6 महीनों की तेजी को देखते हुए यह एक सामान्य प्रॉफिट बुकिंग मानी जा रही है.
| पैरामीटर | आंकड़े (₹) / प्रतिशत |
| 52 Week High (21-Apr-2026) | ₹1,593.80 |
| 52 Week Low (28-Aug-2025) | ₹614.25 |
| All Time High (2015) | ₹3,394.95 |
| Promoter Holding | 43.2% |
| FII / MF Holding | 14.0% |
एपेक्स फ्रोजन फूड्स पूरी तरह से झींगा कारोबार पर केंद्रित है. कंपनी वन्नामेई और ब्लैक टाइगर झींगों की प्रोसेसिंग कर उन्हें अमेरिका, ब्रिटेन और यूरोप के बड़े रिटेल स्टोर और रेस्टोरेंट्स तक पहुंचाती है.

एपेक्स फ्रोजन के शेयरों ने पिछले 6 महीनों में 92% का रिटर्न देकर सबको चौंका दिया है. पिछले 5 दिनों में भी यह शेयर 10% चढ़ चुका है. यह तेजी दिखाती है कि वैश्विक स्तर पर सीफूड की मांग कितनी मजबूत है.
इस कंपनी की सबसे बड़ी खासियत इसका शेयरहोल्डिंग पैटर्न है. कंपनी के प्रमोटर्स के पास 72.6% की भारी हिस्सेदारी है, जो निवेशकों को एक सुरक्षा और भरोसे का अहसास कराती है.
| पैरामीटर | आंकड़े (₹) / प्रतिशत |
| मौजूदा भाव (22-Apr-2026) | ₹476.30 |
| 1 महीने का रिटर्न | 34% |
| All Time High (2017) | ₹939.00 |
| All Time Low (2020) | ₹132.00 |
| Public Holding | 20.7% |
कोस्टल कॉर्पोरेशन दुनिया की टॉप 10 झींगा प्रोसेसिंग कंपनियों में गिनी जाती है. यह कंपनी अमेरिका, यूरोप और सऊदी अरब जैसे देशों में अपना माल भेजती है. कंपनी अब जापान और कोरिया के बाजारों में अपनी पकड़ मजबूत कर रही है.
| पैरामीटर | आंकड़े (₹) / प्रतिशत |
| 1 महीने का रिटर्न | 25% |
| 6 महीने का रिटर्न | 19% |
| 52 Week High (20-Apr-2026) | ₹55.51 |
| Promoter Holding | 42.3% |
| Public Holding | 55.6% |
यह कदम भारत सरकार की 'प्रधानमंत्री मत्स्य संपदा योजना' (PMMSY) के लक्ष्यों से मेल खाता है, जिसका उद्देश्य सीफूड एक्सपोर्ट को दोगुना करना है.
भारत का सीफूड एक्सपोर्ट सेक्टर आज स्वर्णिम दौर में है. जहां अवंती फीड्स और एपेक्स फ्रोजन फूड्स ने रिटर्न के मामले में बाजी मारी है, वहीं कोस्टल कॉर्पोरेशन अपने नए बिजनेस विस्तार (इथेनॉल) और जापानी बाजारों में एंट्री के जरिए भविष्य की तैयारी कर रही है. निवेशकों के लिए इन तीनों शेयरों पर नजर रखना फायदेमंद हो सकता है क्योंकि वैश्विक मांग अभी भी मजबूत बनी हुई है.
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आर्टिकल से जुड़े महत्वपूर्ण सवाल (FAQs)
Q1 सीफूड सेक्टर में सबसे ज्यादा 6 महीने का रिटर्न किसने दिया?
अवंती फीड्स ने सबसे ज्यादा करीब 98% का रिटर्न दिया है, उसके बाद एपेक्स फ्रोजन फूड्स (92%) का नंबर आता है.
Q2 एपेक्स फ्रोजन फूड्स में प्रमोटर्स की हिस्सेदारी कितनी है?
एपेक्स फ्रोजन में प्रमोटर्स की हिस्सेदारी 72.6% है, जो काफी मजबूत मानी जाती है.
Q3 कोस्टल कॉर्पोरेशन किस नए बिजनेस में एंट्री कर रही है?
कोस्टल कॉर्पोरेशन ओडिशा में इथेनॉल मैन्युफैक्चरिंग के लिए अपनी सहायक कंपनी 'कोस्टल बायोटेक' के जरिए नया प्लांट लगा रही है.
Q4 क्या अमेरिका में भारत का सीफूड एक्सपोर्ट बढ़ा है?
ताजा आंकड़ों के मुताबिक, अमेरिका में निर्यात थोड़ा कम हुआ है, लेकिन चीन और यूरोप में हुई भारी बढ़त ने इसकी भरपाई कर दी है.
Q5 अवंती फीड्स का 52 हफ्ते का हाई क्या है?
अवंती फीड्स का 52 हफ्ते का हाई ₹1,593.80 (21 अप्रैल 2026) है.