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भारत में Data Center Industry 30% CAGR से बढ़ेगी! प्रतीकात्मक फोटो (AI/ChatGPT)
कुछ साल पहले तक AI यानी आर्टिफिशियल इंटेलिजेंस सिर्फ टेक्नोलॉजी कंपनियों तक सीमित चर्चा का विषय था. लेकिन अब AI का असर कई उद्योगों में दिखाई देने लगा है. ChatGPT जैसे AI टूल्स, क्लाउड सर्विसेज और डिजिटल प्लेटफॉर्म्स के बढ़ते इस्तेमाल ने Data Center इंडस्ट्री को तेजी से आगे बढ़ाने का काम किया है. यही वजह है कि ग्लोबल ब्रोकरेज फर्म नोमुरा भारत के Data Center सेक्टर को अगले दशक की सबसे बड़ी ग्रोथ स्टोरी मान रही है.
नोमुरा का अनुमान है कि भारत की Data Center इंडस्ट्री 2025 से 2030 के बीच करीब 30% की सालाना औसत दर (CAGR) से बढ़ सकती है. यह ग्रोथ एशिया-पैसिफिक क्षेत्र के औसत से भी बेहतर रहने की संभावना है.
जब भी आप कोई वीडियो देखते हैं, ऑनलाइन पेमेंट करते हैं, सोशल मीडिया इस्तेमाल करते हैं या AI टूल्स का उपयोग करते हैं, तो उसके पीछे Data Centers काम करते हैं. ये ऐसी बड़ी सुविधाएं होती हैं जहां लाखों-करोड़ों GB डेटा स्टोर और प्रोसेस किया जाता है.
| कंपनी | रेटिंग | टारगेट |
| CG Power | Buy | ₹1050 (पहले ₹920) |
| GE Vernova T&D | Buy | ₹5675 (पहले ₹5030) |
AI के बढ़ते इस्तेमाल के साथ Data Centers की जरूरत कई गुना बढ़ रही है क्योंकि AI मॉडल्स को ट्रेन करने और चलाने के लिए भारी कंप्यूटिंग पावर और स्टोरेज की आवश्यकता होती है. इसके अलावा Cloud Computing का तेजी से बढ़ता इस्तेमाल भी Data Center की मांग को बढ़ा रहा है. अब कंपनियां अपने सर्वर खुद लगाने की बजाय क्लाउड प्लेटफॉर्म का इस्तेमाल कर रही हैं, जिसके लिए बड़े Data Centers की जरूरत होती है.
Data Center में हजारों सर्वर लगातार चलते हैं, जिससे काफी गर्मी पैदा होती है. इन्हें सुरक्षित तापमान पर रखने के लिए एडवांस Cooling और HVAC सिस्टम की जरूरत होती है. AI आधारित Data Centers में यह जरूरत और ज्यादा बढ़ जाती है. इसका फायदा Blue Star, Voltas और Schneider Electric जैसी कंपनियों को मिल सकता है.
Data Center को 24 घंटे चालू रखना जरूरी होता है. किसी भी तरह की बिजली कटौती से बचने के लिए बैकअप पावर सिस्टम लगाए जाते हैं. इसलिए UPS, बैटरी और जनरेटर की मांग बढ़ने की उम्मीद है. इस ट्रेंड से Cummins India, Exide Industries और Kirloskar Oil Engines जैसी कंपनियों को फायदा मिल सकता है.
कुछ कंपनियां खुद Data Center कारोबार में मौजूद हैं या इस क्षेत्र में तेजी से विस्तार कर रही हैं. जैसे-जैसे Data Storage, Cloud Services और AI इंफ्रास्ट्रक्चर की मांग बढ़ेगी, Bharti Airtel, Reliance Industries, Adani Enterprises और Netweb Technologies जैसी कंपनियों के लिए कमाई के नए अवसर बन सकते हैं.
Data Center के निर्माण में बड़ी मात्रा में केबल, वायरिंग और नेटवर्क इंफ्रास्ट्रक्चर का इस्तेमाल होता है. हर नए Data Center के साथ इन उत्पादों की मांग बढ़ती है. इसका फायदा RR Kabel, Polycab India, Finolex Cables, KEI Industries और Sterlite Technologies जैसी कंपनियों को मिल सकता है.
Data Center बिजली की सबसे ज्यादा खपत करने वाले इंफ्रास्ट्रक्चर प्रोजेक्ट्स में शामिल हैं. AI और Cloud Computing के बढ़ने के साथ Data Centers की संख्या बढ़ेगी, जिससे बिजली की मांग भी बढ़ सकती है. इसका फायदा बिजली उत्पादन, ट्रांसमिशन और डिस्ट्रीब्यूशन से जुड़ी कंपनियों को मिल सकता है.
Data Center में ट्रांसफॉर्मर, पावर सिस्टम, वायरिंग और नेटवर्क इंफ्रास्ट्रक्चर के लिए बड़ी मात्रा में कॉपर का इस्तेमाल होता है. जैसे-जैसे नए Data Centers बनेंगे, कॉपर की मांग भी बढ़ सकती है. इससे मेटल सेक्टर, खासकर कॉपर से जुड़े कारोबारों को फायदा मिलने की उम्मीद है.
Cushman & Wakefield की Global Data Center Market Comparison 2026 रिपोर्ट के मुताबिक भारत इस समय एशिया-पैसिफिक क्षेत्र का दूसरा सबसे बड़ा Data Center बाजार है. देश में फिलहाल 1.6 GW की ऑपरेशनल Data Center क्षमता मौजूद है.
इससे भी बड़ी बात यह है कि 3.1 GW की अतिरिक्त क्षमता निर्माणाधीन या योजना चरण में है. इसी वजह से भारत दुनिया के टॉप-3 Data Center डेवलपमेंट मार्केट्स में शामिल हो गया है. एक्सपर्ट्स का मानना है कि भारत में तेजी से बढ़ता इंटरनेट यूजर बेस, डिजिटल भुगतान, ई-कॉमर्स, AI और क्लाउड सेवाएं आने वाले वर्षों में इस ग्रोथ को और मजबूत बनाएंगी.
आमतौर पर निवेशक Data Center को सिर्फ सर्वर और कंप्यूटर से जोड़कर देखते हैं, लेकिन हकीकत में इसकी लागत का बड़ा हिस्सा दूसरे उपकरणों पर खर्च होता है. नोमुरा के मुताबिक Data Center के कुल कैपेक्स बजट का 60% से 75% हिस्सा पांच प्रमुख कैटेगरी में जाता है-
यही वजह है कि इन उपकरणों को बनाने वाली कंपनियों के लिए आने वाले वर्षों में बड़े ऑर्डर और मजबूत कमाई के अवसर बन सकते हैं.
नोमुरा का मानना है कि Data Center सेक्टर में होने वाले निवेश का सीधा फायदा उन कंपनियों को मिलेगा जो बिजली वितरण, ट्रांसफॉर्मर, स्विचगियर और पावर इंफ्रास्ट्रक्चर से जुड़े उपकरण बनाती हैं.
ब्रोकरेज ने CG Power पर अपनी 'Buy' रेटिंग बरकरार रखी है. साथ ही टारगेट प्राइस 920 रुपये से बढ़ाकर 1050 रुपये कर दिया है. नोमुरा का मानना है कि Data Center सेक्टर में बढ़ते निवेश से कंपनी के उत्पादों की मांग बढ़ सकती है, जिससे उसकी कमाई और ऑर्डर बुक दोनों मजबूत हो सकते हैं.

GE Vernova T&D पर भी नोमुरा ने 'Buy' रेटिंग बनाए रखी है. कंपनी का टारगेट प्राइस 5030 रुपये से बढ़ाकर 5675 रुपये किया गया है. कंपनी ट्रांसमिशन और डिस्ट्रीब्यूशन से जुड़े उपकरण बनाती है और Data Center सेक्टर के विस्तार का फायदा इसे भी मिलने की उम्मीद है.

अक्सर AI की चर्चा होती है तो निवेशकों का ध्यान IT कंपनियों की तरफ जाता है. लेकिन नोमुरा का कहना है कि AI का फायदा सिर्फ सॉफ्टवेयर कंपनियों तक सीमित नहीं रहेगा.
जैसे-जैसे नए Data Centers बनेंगे, वैसे-वैसे बिजली, कूलिंग, ट्रांसफॉर्मर, केबलिंग और बैकअप पावर सिस्टम की मांग भी बढ़ेगी. इससे मैन्युफैक्चरिंग और इंडस्ट्रियल इक्विपमेंट कंपनियों के लिए भी बड़ा अवसर पैदा होगा.
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नोमुरा Data Center सेक्टर को "Decadal Opportunity" यानी अगले 10 साल की बड़ी निवेश थीम मानता है. इसकी वजह यह है कि AI, Cloud और Digital Infrastructure की मांग आने वाले वर्षों में लगातार बढ़ने की उम्मीद है. ब्रोकरेज का मानना है कि कम कैपेक्स लागत, बेहतर पावर इकॉनॉमिक्स और मजबूत मांग इस सेक्टर को लंबे समय तक ग्रोथ देने वाले प्रमुख कारक बन सकते हैं.
भारत में Data Center इंडस्ट्री अभी शुरुआती ग्रोथ फेज में है, लेकिन आने वाले वर्षों में इसमें भारी निवेश देखने को मिल सकता है. ऐसे में इस थीम से जुड़ी कंपनियां निवेशकों की नजर में रह सकती हैं.
नोमुरा की रिपोर्ट यह संकेत देती है कि AI की बढ़ती मांग का फायदा सिर्फ टेक कंपनियों को नहीं, बल्कि पावर और इंडस्ट्रियल इक्विपमेंट बनाने वाली कंपनियों को भी मिल सकता है. यही वजह है कि ब्रोकरेज ने CG Power और GE Vernova T&D को इस थीम के सबसे मजबूत दावेदारों में शामिल किया है.
(डिस्क्लेमर: यहां स्टॉक्स में निवेश की सलाह ब्रोकरेज हाउस द्वारा दी गई है. ये जी बिजनेस के विचार नहीं हैं. निवेश से पहले अपने फाइनेंशियल एडवाइजर से सलाह जरूर लें.)