Stock Crash: एक नियम बदलते ही IEX का शेयर हुआ क्रैश, लोअर सर्किट किया हिट; यहां समझें हुआ क्या है

IEX Share Price में 10% की जोरदार गिरावट, Market Coupling लागू होने की घोषणा से शेयर लोअर सर्किट पर पहुंचा.
Stock Crash: एक नियम बदलते ही IEX का शेयर हुआ क्रैश, लोअर सर्किट किया हिट; यहां समझें हुआ क्या है

IEX Share Price: बिजली ट्रेडिंग प्लेटफॉर्म Indian Energy Exchange (IEX) के शेयरों में गुरुवार, 24 जुलाई को भारी गिरावट देखने को मिली. कंपनी का शेयर 10% टूटकर ₹169.10 पर लोअर सर्किट में फंस गया. यह गिरावट तब आई, जब Central Electricity Regulatory Commission (CERC) ने भारत में Market Coupling लागू करने का औपचारिक ऐलान किया. आज IEX के Q1FY26 के नतीजे भी आने वाले हैं.

क्यों टूटा IEX का शेयर?

Market Coupling लागू होने से IEX के लिए कई निगेटिव इंपैक्ट देखने को मिल सकते हैं-

मार्केट शेयर में गिरावट: अब तक IEX का 84% मार्केट शेयर रहा है खासकर Day Ahead और Real Time Market (RTM) सेगमेंट में. लेकिन Market Coupling लागू होने के बाद इसका शेयर 60-70% तक गिर सकता है.

ट्रेड वॉल्यूम और रेवेन्यू पर असर: ट्रेडिंग वॉल्यूम में कमी का मतलब है कि कंपनी की कमाई पर सीधा असर पड़ेगा. इससे रेवेन्यू और मार्जिन दोनों कमजोर हो सकते हैं.

लंबी अवधि के बिजनेस मॉडल पर खतरा: IEX अब तक एक डोमिनेंट ट्रेडिंग प्लेटफॉर्म रहा है. लेकिन Market Coupling से इसका रणनीतिक फायदा खत्म हो सकता है.

नए खर्चों का दबाव: Market Coupling के तहत IEX को सॉफ्टवेयर और तकनीकी ढांचे में निवेश करना पड़ेगा. इससे ऑपरेटिंग मार्जिन और नीचे जा सकते हैं.

Market Coupling क्या है?

Market Coupling का मतलब है कि अलग-अलग एक्सचेंजों पर ट्रेडिंग भले हो, लेकिन सभी जगह एक समान बिजली दरें तय की जाएंगी. यह सिस्टम ट्रांसमिशन नेटवर्क के बेहतर उपयोग को भी बढ़ावा देता है. उपभोक्ताओं को अधिक पारदर्शिता और संभावित रूप से सस्ती बिजली दरें मिल सकती हैं.

पहले क्या किया गया था?

दिसंबर 2024 से मार्च 2025 के बीच CERC ने एक "Shadow Pilot" ट्रायल चलाया था. इस ट्रायल के दौरान 38 करोड़ रुपये का अतिरिक्त लाभ दर्ज किया गया. बिजली की बिक्री में हल्का इजाफा हुआ, लेकिन कीमतों में कोई खास बदलाव नहीं आया. अनुमान लगाया गया कि इस व्यवस्था से हर दिन ₹1.4 करोड़ की बचत संभव है.

अब आगे क्या?

आज के Q1FY26 नतीजों पर भी अब निवेशकों की नजरें टिकी हैं. लेकिन CERC की इस घोषणा ने फिलहाल IEX के लिए सेंटिमेंटल और कारोबारी दोनों स्तरों पर दबाव बना दिया है. आने वाले दिनों में IEX को अपने बिजनेस मॉडल और टेक्नोलॉजी अपग्रेड में बदलाव लाने होंगे ताकि वो Market Coupling की नई व्यवस्था में खुद को बनाए रख सके.

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