₹590 करोड़ फ्रॉड के बाद IDFC First Bank शेयर में आगे क्या करें? 28 लाख रीटेल निवेशकों ने लगाया है मेहनत का पैसा

₹590 करोड़ फ्रॉड के बाद निवेशकों के मन में इस समय सबसे बड़ा सवाल ये है कि IDFC First Bank शेयर को होल्ड करें या एग्जिट कर लेना चाहिए? आइए अलग-अलग ब्रोकरेज ने इस स्टॉक को लेकर क्या राय दी है इसे समझने की कोशिश करते हैं. फिलहाल यह बैंक स्टॉक 70 रुपए पर कारोबार कर रहा है.
₹590 करोड़ फ्रॉड के बाद IDFC First Bank शेयर में आगे क्या करें? 28 लाख रीटेल निवेशकों ने लगाया है मेहनत का पैसा

IDFC First Bank Share Outlook.

590 करोड़ रुपए के फ्रॉड की घटना सामने आने के बाद निवेशको के मन में इस समय एक बड़ा सवाल है कि IDFC First Bank शेयर में आगे क्या करना चाहिए? बता दें कि इस बैंक स्टॉक को लेकर रीटेल निवेशकों में जबरदस्त क्रेज है. करीब 28 लाख रीटेल निवेशकों के पास इस कंपनी में 15% ओनरशिप है. भारत सरकार के पास भी करीब 8% हिस्सेदारी है. मंगलवार को यह शेयर फ्लैट 70 रुपए के आसपास कारोबार कर रहा है.

बता दें कि फ्रॉड की घटना सामने आने के बाद सोमवार को शेयर में 16% की बड़ी गिरावट दर्ज की गई थी और यह 70 रुपए के करीब बंद हुआ था. ग्लोबल ब्रोकरेज फर्म जेपी मॉर्गन ने ओवरवेट की रेटिंग को मेंटेन किया है और टारगेट प्राइस को 104 रुपए से घटाकर 91 रुपए कर दिया है. एमके ग्लोबल वेल्थ ने ADD की रेटिंग दी है और 80 रुपए का टारगेट दिया है. मोतीलाल ओसवाल ने न्यूट्रल रेटिंग दी है और 80 रुपए का टारगेट दिया है.

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ब्रोकरेज फर्मरेटिंगटारगेट प्राइससंभावित रिटर्न (CMP ₹70 से)
JP MorganOverweight₹91+30%
Emkay GlobalADD₹80+14.3%
Motilal OswalNeutral₹80+14.3%

70 रुपए पर ट्रेड कर रहा शेयर

IDFC First Bank का शेयर 70 रुपए पर इस समय कारोबार कर रहा है. 52 वीक्स हाई 87 रुपए का है जो इसने 2 जनवरी को बनाया था. वहां से यह 20% टूट चुका है. सितंबर 2023 में शेयर ने 100.70 रुपए का लाइफ हाई बनाया था. लाइफ हाई से यह यह शेयर करीब 30% नीचे कारोबार कर रहा है.

IDFC First Bank

590 करोड़ फ्रॉड बैंक के लिए कितना बड़ा?

मोतीलाल ओसवाल ने अपनी रिपोर्ट में कहा कि 590 करोड़ रुपए का डिपॉजिट रिस्क 4QFY26 में प्रॉफिट बिफोर टैक्स पर 56% का असर दिखा सकता है. बता दें कि 9MFY26 में बैंक का PBT यानी प्रॉफिट बिफोर टैक्स 1644 करोड़ रुपए जबकि Q3 में यह 635 करोड़ रुपए था. चालू वित्त वर्ष में अब तक यानी 9MFY26 में बैंक का नेट प्रॉफिट 1317 करोड़ रुपए रहा है, जबकि FY25 में बैंक का नेट प्रॉफिट 1525 करोड़ रुपए था.

ब्रोकरेज की बड़ी बातें

  • बैंक ने कहा कि यह घटना सिंगल ब्रांच में हुई है. यह सिस्टमैटिक फेलियर नहीं है.
  • बैंक में केंद्र और सरकार का डिपॉजिट मिलाकर कुल डिपॉजिट का 8-10% है.
  • हरियाणा सरकार का बैलेंस अब कुल डिपॉजिट का 0.5% है.
  • KPMG को ऑडिटर के तौर पर नियुक्त किया गया है और पूरे मामले की जांच सौंपी गई है.
  • इस नुकसान को लेकर आने वाली तिमाहियों में प्रोविजनिंग की जाएगी.
  • इस मामले में क्या डेवलपमेंट होता है और क्या रिकवरी की गुंजाइश बनती है, यह देखना महत्वपूर्ण होगा.

कुल मिलाकर आने वाले समय में जांच में क्या कुछ सामने आता है और रिकवरी को लेकर किस तरह के अपडेट्स आते हैं, ये तमाम फैक्टर्स अहम रहेंगे. ऐसे में अगर आप निवेशक हैं तो फिलहाल इन डेवलपमेंट्स पर फोकस कर सकते हैं.

RBI गवर्नर ने क्या कहा?

बता दें कि 590 करोड़ रुपए के फ्रॉड के बाद रिजर्व बैंक के गवर्नर संजय मल्होत्रा ने कहा कि बैंकिंग सिस्टम में कोई सिस्टेमेटिक इश्यू नहीं है. पॉलिसी के तौर पर हम किसी एक बैंक या रेगुलेटेड एंटिटी पर कमेंट नहीं करते हैं. हम मामले पर नजर रख रहे हैं. यह कोई सिस्टमेटिक इश्यू नहीं है. इधर मैनेजमेंट ने फिलहाल KPMG को फॉरेंसिक ऑडिट के लिए पिक किया है.

कैटिगरीDec 2024Mar 2025Jun 2025Sep 2025Dec 2025
प्रमोटर्स (Promoters)0.00%0.00%0.00%0.00%0.00%
FIIs27.12%25.68%23.80%24.64%36.76%
DIIs16.14%19.30%23.40%24.33%22.38%
सरकार9.17%9.16%9.15%9.14%7.80%
पब्लिक47.57%45.86%43.64%41.89%33.05%


विदेशी निवेशकों का बढ़ा भरोसा

IDFC First Bank का करेंट मार्केट कैप 60 हजार करोड़ रुपए के करीब है. यह बैंक फुली प्रोफेशनली मैनेज्ड है और पूरी 100% हिस्सेदारी पब्लिक के पास है. दिसंबर तिमाही में विदेशी निवेशकों ने बड़े पैमाने पर हिस्सेदारी बढ़ाई है. FIIs की हिस्सेदारी 36.76% और DIIs की हिस्सेदारी 22.38% है. 7.80% हिस्सेदारी सरकार के पास है.

IDFC First Bank

IDFC First Bank का लोन बुक 31 दिसंबर 2025 के आधार पर 2.79 लाख करोड़ रुपए और डिपॉजिट बेस 2.82 लाख करोड़ रुपए है. ग्रॉस एनपीए 1.69% और नेट एनपीए 0.53% है. 16.22% की कैपिटल एडिक्वेसी है. CASA रेशियो 51.6% है.

कंक्लूजन

IDFC First Bank एक फुली प्रोफेशनली मैनेज्ड कंपनी है. इंस्टीट्यूशनल निवेशकों का बड़ा भरोसा है और इनकी हिस्सेदारी करीब 60% है. मैनेजमेंट ने पूरे मामले को खुलकर सामने रखा है और जरूरी कदम उठाए गए हैं. फाइनेंशियल लिहाज से यह फ्रॉड कितना बड़ा असर डाल कता है इसको लेकर ब्रोकरेज ने अपनी रिपोर्ट में भी बताया है. ऐसे में अगर आप लॉन्ग टर्म निवेशक हैं तो फिलहाल होल्ड कर सकते हैं. इस मामले में क्या डेवलपमेंट आता है, इसपर फोकस करने की जरूरत है.

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