बाजार खुलते ही 16% तक फिसल गया IDBI Bank का शेयर, विनिवेश अटका तो लगा झटका!

IDBI Bank Share Price: कारोबार के दौरान शेयर ₹92.20 के पिछले बंद भाव से गिरकर ₹78.05 पर खुला. दिन में यह ₹82.60 के हाई और ₹77.60 के लो तक गया. बैंक का मार्केट कैप करीब ₹83,653 करोड़ है. वहीं शेयर का 52 हफ्तों का हाई ₹118.45 और लो ₹72.04 रहा है.
बाजार खुलते ही 16% तक फिसल गया IDBI Bank का शेयर, विनिवेश अटका तो लगा झटका!

IDBI Bank Share Price: शेयर में तेज गिरावट. (Image: AI Generated)

IDBI Bank Share Price: सरकारी बैंक IDBI Bank के शेयर में शुक्रवार को जोरदार गिरावट देखने को मिली. शेयर करीब 16% टूटकर इंट्राडे लो पर पहुंच गया. बाजार में इस गिरावट की सबसे बड़ी वजह बैंक के विनिवेश (Disinvestment) से जुड़ी प्रक्रिया का रुकना माना जा रहा है. रिपोर्ट्स के मुताबिक सरकार को बैंक की हिस्सेदारी बेचने के लिए तय न्यूनतम कीमत के मुताबिक बोलियां नहीं मिलीं, जिसके बाद पूरी डील पर अनिश्चितता बढ़ गई है.

कारोबार के दौरान शेयर ₹92.20 के पिछले बंद भाव से गिरकर ₹78.05 पर खुला. दिन में यह ₹82.60 के हाई और ₹77.60 के लो तक गया. बैंक का मार्केट कैप करीब ₹83,653 करोड़ है. वहीं शेयर का 52 हफ्तों का हाई ₹118.45 और लो ₹72.04 रहा है.

क्यों टूटा IDBI Bank का शेयर?

Add Zee Business as a Preferred Source

शेयर में तेज गिरावट की मुख्य वजह विनिवेश प्रक्रिया में आई अड़चन है. सरकार ने बैंक में अपनी हिस्सेदारी बेचने के लिए एक रिजर्व प्राइस (न्यूनतम कीमत) तय की थी. लेकिन इस डील में शामिल कंपनियों ने इस तय कीमत से कम बोली लगाई.

नियमों के मुताबिक अगर बोली रिजर्व प्राइस से कम होती है तो सरकार उस ऑफर को स्वीकार नहीं कर सकती. यही वजह है कि अब इस पूरी प्रक्रिया को फिलहाल रोकने या फिर से शुरू करने की स्थिति बन गई है. सूत्रों के मुताबिक इस डील के लिए रिजर्व प्राइस करीब ₹130 प्रति शेयर के आसपास तय किया गया था, जबकि बोली इससे कम स्तर पर आई.

जनवरी 2025 से चल रही थी विनिवेश प्रक्रिया

सरकार ने 7 जनवरी 2025 से IDBI Bank के विनिवेश की प्रक्रिया शुरू की थी. इसका मकसद बैंक में सरकार और Life Insurance Corporation of India (LIC) की हिस्सेदारी बेचकर एक रणनीतिक निवेशक को लाना था.

लेकिन अब कम बोली मिलने के कारण यह प्रक्रिया फिलहाल अटकती नजर आ रही है. अब इस ट्रांजैक्शन को आगे बढ़ाने या दोबारा शुरू करने के लिए सरकार को नया फैसला लेना होगा.

रेस में कौन-कौन थे दावेदार?

IDBI Bank को खरीदने की दौड़ में शुरुआत में कई कंपनियों ने दिलचस्पी दिखाई थी. लेकिन अंतिम चरण तक आते-आते केवल दो बड़े दावेदार बचे थे.

इनमें पहला नाम कनाडा की निवेश कंपनी Fairfax Financial Holdings का था. दूसरा प्रमुख दावेदार दुबई का बैंक Emirates NBD था.

इससे पहले Kotak Mahindra Bank ने भी इस प्रक्रिया में रुचि दिखाई थी, लेकिन बाद में उसने अपना नाम वापस ले लिया.

बताया जा रहा है कि Emirates NBD इस समय RBL Bank में हिस्सेदारी खरीदने की प्रक्रिया में भी व्यस्त है.

IDBI Bank में सरकार और LIC की हिस्सेदारी

IDBI Bank में फिलहाल सरकार और LIC की संयुक्त हिस्सेदारी है.

  • केंद्र सरकार की हिस्सेदारी: 45.48%
  • LIC की हिस्सेदारी: 49.24%

सरकार की योजना थी कि दोनों मिलकर बैंक में अपनी 60.72% हिस्सेदारी बेचें. इसमें सरकार का 30.48% हिस्सा और LIC का 30.24% हिस्सा बेचने की योजना थी.

विनिवेश के बाद कैसा होता शेयरहोल्डिंग स्ट्रक्चर?

अगर यह डील पूरी हो जाती तो बैंक का शेयरहोल्डिंग पैटर्न पूरी तरह बदल जाता. विनिवेश के बाद सरकार की हिस्सेदारी घटकर करीब 15% रह जाती. LIC की हिस्सेदारी करीब 19% रह जाती, जबकि रणनीतिक निवेशक बैंक में नियंत्रण हिस्सेदारी हासिल कर लेता. लेकिन अब कम बोली मिलने से यह पूरा प्लान फिलहाल अटक गया है.

LIVE TV:

क्या IDBI Bank सरकारी कंपनी है?

IDBI Bank को फिलहाल Reserve Bank of India ने एक प्राइवेट सेक्टर बैंक के तौर पर लिस्टेड रखा है, हालांकि इस पर नियंत्रण सरकारी संस्थाओं का ही है. जैसाकि हमने ऊपर बताया Life Insurance Corporation of India (LIC) के पास बैंक की 49.24% हिस्सेदारी है, जबकि Government of India के पास 45.48% हिस्सेदारी मौजूद है. इस तरह दोनों सरकारी संस्थाओं की संयुक्त हिस्सेदारी बैंक में बहुमत नियंत्रण बनाती है. इसके बावजूद रेगुलेटरी कैटेगराइजेशन के लिहाज से IDBI Bank को आधिकारिक तौर पर प्राइवेट सेक्टर बैंक की श्रेणी में ही रखा गया है.

निवेशकों के लिए क्या मतलब है?

IDBI Bank के शेयर में हालिया गिरावट से यह साफ है कि बाजार विनिवेश प्रक्रिया को लेकर काफी उम्मीद लगाए बैठा था. अगर भविष्य में सरकार इस प्रक्रिया को दोबारा शुरू करती है या रिजर्व प्राइस में बदलाव करती है, तो शेयर में फिर से हलचल देखने को मिल सकती है. लेकिन जब तक इस डील को लेकर स्पष्टता नहीं आती, तब तक शेयर में उतार-चढ़ाव बना रह सकता है. निवेशकों के लिए जरूरी है कि वे इस स्टॉक में निवेश से पहले सरकार के अगले कदम और विनिवेश प्रक्रिया की दिशा बनाए रखें.

(ताजा खबरों के लिए आप हमारे WhatsApp Channel को सब्सक्राइब जरूर करें)

  1. 1
  2. 2
  3. 3
  4. 4
  5. 5
  6. 6