Realty Stock पर 33% मुनाफे का चांस, सुस्त Q2 नतीजों के बाद भी ब्रोकरेज बुलिश, गुरुग्राम प्रोजेक्ट से बढ़ा दम

Realty Stocks to Buy: स्मॉलकैप रियल्टी कंपनी मैक्स एस्टेट्स पर ब्रोकरेज हाउस बुलिश है. तिमाही नतीजे के बाद ब्रोकरेज ने अपने BUY रेटिंग को बरकरार रखा है. साथ ही 33 फीसदी संभावित अपसाइड टारगेट दिया है.
Realty Stock पर 33% मुनाफे का चांस, सुस्त Q2 नतीजों के बाद भी ब्रोकरेज बुलिश, गुरुग्राम प्रोजेक्ट से बढ़ा दम

Realty Stocks to Buy: BSE स्मॉलकैप में शामिल रियल्टी कंपनी मैक्स एस्टेट्स पर ICICI डायरेक्ट ने अपनी खरीदारी की राय यानी BUY रेटिंग को बरकरार रखा है. ब्रोकरेज के मुताबिक कंपनी के मजबूत फ्यूचर लॉन्च पाइपलाइन और नए प्रोजेक्ट अधिग्रहण को देखते हुए यह शहर अगले 12 महीने में 33 फीसदी का संभावित मुनाफा दे सकता है. गौरतलब है कि मैक्स एस्टेट्स का शेयर इस साल की शुरुआत से अभी तक 13% और सालभर में 7.38% तक टूट चुका है. वहीं, पिछले 6 महीने में शेयर ने 26.53% रिटर्न दिया है. मैक्स एस्टेट्स का 52 वीक हाई 630 रुपए और 52 वीक लो 341.1 रुपए है.

640 रुपए का टारगेट प्राइस

ICICI डायरेक्ट ने मैक्स एस्टेट्स के स्टॉक पर अगले 12 महीने के लिए 640 रुपए का टारगेट प्राइस दिया है. रिपोर्ट तैयार करने तक शेयर का भाव (CMP) 483 रुपए था.

SOTP के आधार पर वैल्यूएशन

  • ICICI डायरेक्ट ने अपने टारगेट प्राइस को SOTP वैल्यूएशन के आधार पर बदलाव कर 640 रुपए किया है.

गुरुग्राम प्रोजेक्ट का NAV शामिल

  • ब्रोकरेज के मुताबिक उन्होंने नए टारगेट में हाल ही में अधिग्रहीत गुरुग्राम के सेक्टर 59 स्थित प्रोजेक्ट के नेट एसेट वैल्यू को शामिल किया है, जिसके कारण टारगेट प्राइस को अपसाइड रिवाइज किया है.
  • शुक्रवार को कारोबारी सत्र के अंत में शेयर 1.29% या 6.20 अंकों की तेजी के साथ 487.90 रुपए पर बंद हुआ है.

Q2 में प्री-सेल्स बुकिंग कमजोरी

ICICI डायरेक्ट के मुताबिक वित्त वर्ष 2026 की दूसरी तिमाही में मैक्स एस्टेट्स की प्री-सेल्स बुकिंग कमजोर रही है. कंपनी ने दूसरी तिमाही में 156 करोड़ रुपए की प्री-सेल्स की है, जो Q1 के 217 करोड़ रुपए से कम है.

इस वजह से घटी प्री-सेल्स

  • ब्रोकरेज के मुताबिक प्री-सेल्स में गिरावट की वजह इन्वेंट्री की कमी है. डिमांड में कोई कमी नहीं आई है. हालांकि, कमजोर बिक्री के बावजूद कपनी ने दूसरे मोर्चों पर दमदार प्रदर्शन किया है.

लीज रेंटल इनकम में 41% बढ़ोतरी

  • लीज रेंटल इनकम साल-दर-साल 41 फीसदी बढ़कर 38 करोड़ रुपए हो गई है. कंसोलिडेटेड रेवेन्यू YoY 21% बढ़कर 49 करोड़ रुपए रहा है.
  • रियल्टी कंपनी का शुद्ध मुनाफा बढ़कर 7 करोड़ रुपए हो गया, जबकि पिछले साल इसी तिमाही में यह 2 करोड़ रुपए था.

मैक्स एस्टेट्स Q2FY26 परफॉर्मेंस

मानकQ2FY26 (₹ करोड़ में)

Q2FY25 (₹ करोड़ में)

प्री-सेल्स156-
कलेक्शंस162-
लीज रेंटल इनकम3827 (लगभग)
कुल राजस्व4940 (लगभग)
शुद्ध मुनाफा (PAT)72

दमदार फ्यूचर आउटलुक

ICICI डायरेक्ट की BUY रेटिंग का मुख्य आधार कंपनी का दमदार फ्यूचर आउटलुक है. मैक्स एस्टेट्स ने वित्त वर्ष 2026 के लिए अपने 6,000-6500 करोड़ रुपए के प्री-सेल्स गाइडेंस को बरकरार रखा है.

तीन बड़े लॉन्च से हासिल होगा टारगेट

  • ब्रोकरेज के मुताबिक टारगेट साल की दूसरी छमाही में होने वाले तीन बड़े लॉन्च से हासिल किया जाएगा. यह तीन प्रोजेक्ट हैं: Estate 361 (गुरुग्राम), Delhi One (नोएडा), नोएडा सेक्टर 105.
  • एस्टेट्स 361 गुरुग्राम से 4500 करोड़ रुपए (दिसंबर 2025 में लॉन्च), दिल्ली वन (नोएडा) से 2000 करोड़ रुपए (जनवरी 2026 में लॉन्च), सेक्टर 105 (नोएडा) से 3000 करोड़ रुपए (फरवरी 2026) प्री-सेल्स का टारगेट है.

गुरुग्राम में किया अधिग्रहण

  • रियल्टी कंपनी ने हाल ही में गुरुग्राम के गोल्फ कोर्स एक्सटेंशन रोड (सेक्टर 59) में एक नया प्रोजेक्ट का अधिग्रहण किया है, जिसका कुल GDV 3,000 करोड़ रुपए से अधिक है. इसे FY27 की दूसरी छमाही में लॉन्च किया जाएगा.

ये है बड़ा जोखिम

ब्रोकरेज ने अपनी रिपोर्ट में कुछ रिस्क का भी जिक्र किया है. इसमें कंपनी के निर्माणाधीन आवासीय और किराये वाले कमर्शियल प्रोजेक्ट्स को पूरा होने में किसी भी तरह की देरी एक बड़ा जोखिम है. इसके अलावा कंपनी की ग्रोथ भविष्य में नए रेजिडेंशियल प्रोजेक्ट्स के अधिग्रहण करने की क्षमता पर निर्भर करती है. अगर कंपनी नए प्रोजेक्ट्स हासिल नहीं पाती तो यह उसके विकास के लिए एक जोखिम होगा.

अक्सर पूछे जाने वाले सवाल (FAQs)

सवाल: ICICI डायरेक्ट ने मैक्स एस्टेट्स पर क्या रेटिंग दी है?

जवाब: ICICI डायरेक्ट ने मैक्स एस्टेट्स पर 'BUY' (खरीदें) रेटिंग दी है.

सवाल: नया टारगेट प्राइस क्या है और इसमें कितने उछाल की उम्मीद है?

जवाब: नया टारगेट प्राइस ₹640 प्रति शेयर है, जो ₹483 के CMP पर 33% के संभावित उछाल को दर्शाता है.

सवाल: Q2 में कंपनी की प्री-सेल्स कमजोर क्यों थी?

जवाब: रिपोर्ट के मुताबिक, Q2 में प्री-सेल्स इन्वेंट्री (बिक्री के लिए उपलब्ध स्टॉक) की कमी के कारण कमजोर थी, मांग की कमी के कारण नहीं.

सवाल: ब्रोकरेज कंपनी को लेकर बुलिश (आशावादी) क्यों है?

जवाब: ब्रोकरेज का भरोसा कंपनी के वित्त वर्ष 2026 की दूसरी छमाही (H2) में होने वाले ₹9,500 करोड़ के मजबूत लॉन्च पाइपलाइन पर आधारित है.

सवाल: टारगेट प्राइस को क्यों बढ़ाया गया?

जवाब: टारगेट प्राइस को SOTP वैल्यूएशन के आधार पर संशोधित किया गया है, जिसमें गुरुग्राम के सेक्टर 59 में हाल ही में अधिग्रहीत नए प्रोजेक्ट की वैल्यू को जोड़ा गया है.

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