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कुल मिलाकर सेंटिमेंट मिक्स्ड लेकिन लॉन्ग टर्म पॉजिटिव नजर आ रहा है. (प्रतीकात्मक फोटो: AI)
Stocks to Buy: लाइफ इंश्योरेंस सेक्टर की दिग्गज कंपनी एचजीएफसी लाइफ इंश्योरेंस लिमिटेड (HDFC Life Insurance) की चौथी तिमाही (Q4FY26) के कमजोर नतीजों ने शेयर में हलचल मचा दी है. रिटेल ग्रोथ में सुस्ती और गिरते मार्जिन को देखते हुए JP Morgan और UBS समेत 8 में से 5 दिग्गज ग्लोबप ब्रोकिग फर्म्स ने कंपनी के टारगेट प्राइस में बड़ी कटौती की है. हालांकि, इस निराशा के बीच दो ब्रोकरेज फर्म Citi और Macquarie अब भी कंपनी पर बुलिश हैं. इन दोनों फर्मों को शेयर में करीब 54% तक रिटर्न का अनुमान जताया गया है.
शेयर में बड़ी गिरावट
मार्च तिमाही के नतीजे के बाद शुक्रवार को HDFC Life के शेयर में गिरावट दर्ज की गई. कारोबार के दौरान BSE पर शेयर 4% टूटकर 606.20 रुपए पर आ गया, जो स्टॉक का इंट्रा-डे लो है. गुरुवार को शेयर का भाव 631.55 रुपए था.
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Q4FY26 के नतीजे उम्मीद से कमजोर रहे, जिससे ब्रोकरेज ने अपने अनुमान घटाए-
यही वजह रही कि कई ब्रोकरेज ने शॉर्ट टर्म में ग्रोथ को लेकर चिंता जताई.
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नतीजों के बाद 8 प्रमुख ब्रोकरेज हाउसों में से 5 ने अपने टारगेट्स में कटौती की है, लेकिन Citi और Macquarie ने आक्रामक टारगेट दिए हैं.
JP Morgan ने HDFC Life पर ओवरवेट की रेटिंग बनाए रखी है, लेकिन टारगेट 960 रुपए से घटाकर 810 रुपए कर दिया है. ब्रोकरेज के मुताबिक, कंपनी की रिटेल APE सिर्फ 0.4% बढ़ी, जिससे कुल APE ग्रोथ भी सिर्फ 1.3% रही, जो अनुमान से काफी कम है.
VNB मार्जिन घटकर 23.9% हो गया और कुल VNB भी 8.6% गिर गया यानी कंपनी उतना फायदा नहीं कमा पा रही जितनी उम्मीद थी. HDFC Bank चैनल में NPAR प्रोडक्ट्स में कड़ी प्रतिस्पर्धा बढ़ गई है, जिससे कंपनी का मार्केट शेयर कम हुआ. मैनेजमेंट को उम्मीद है कि आगे कीमतों में स्थिरता आएगी, लेकिन फिलहाल कंपटीशन ज्यादा होने से ग्रोथ पर दबाव बना रह सकता है.
UBS और Nomura ने एचडीएफसी लाइफ पर न्यूट्रल रेटिंग को बरकरार रखा है और दोनों ने टारगेट्स में कटौती की है. यूबीएस ने स्टॉक का टारगेट प्राइस 830 रुपए से कम कर 740 रुपए कर दिया है. वहीं, नोमुरा ने पहले के 815 रुपए से घटाकर 725 रुपए कर दिए हैं.
HSBC ने HDFC Life पर BUY की रेटिंग बरकरार रखी है, लेकिन टारगेट पहले के 700 रुपए से कट कर 690 रुपए कर दिया. ब्रोकरेज का कहना है कि Q4FY26 में कंपनी का प्रदर्शन लगभग हर मोर्चे पर कमजोर रहा. मैनेजमेंट आगे के लिए पॉजिटिव है, लेकिन असली फर्क एक्सक्यूशन से आएगा.
Goldman Sachs ने भी HDFC Life के टारगेट में कटौती की है. हालांकि, ब्रोकरेज ने खरीद की सलाह की बरकरार रखा है. ब्रोकरेज ने टारगेट प्राइस 750 रुपए से घटाकर 735 रुपए किया है.
| ब्रोकरेज हाउस | रेटिंग | नया टारगेट (₹) | पुराना टारगेट (₹) |
| JP Morgan | ओवरवेट | 810 | 960 |
| UBS | न्यूट्रल | 740 | 830 |
| Nomura | न्यूट्रल | 725 | 815 |
| HSBC | बाय | 690 | 725 |
| Goldman Sachs | बाय | 735 | 750 |
| Morgan Stanley | बाय | 745 | - |
| Citi | बाय | 950 | - |
| Macquarie | आउटपरफॉर्म | 900 | - |
निगेटिव रिपोर्ट्स के बावजूद, Citi का मानना है कि कंपनी अब एक ऐसे स्थान पर है जहां से वह अपनी बाजार हिस्सेदारी वापस पा सकती है. वहीं Macquarie को उम्मीद है कि अगले 3 सालों में VNB में 15% CAGR की ग्रोथ देखने को मिलेगी.
इस बीच, कंपनी ने वित्त वर्ष 2025-26 के लिए 10 रुपये के फेस वैल्यू वाले प्रत्येक इक्विटी शेयर पर 2.10 रुपये का फाइनल डिविडेंड (Final Dividend) देने की सिफारिश की, जो उसकी वार्षिक आम बैठक में शेयरधारकों की मंज़ूरी पर निर्भर करेगा.
एचडीएफसी लाइफ इंश्योरेंस ने फाइनल डिविडेंड के लिए पात्र शेयरधारकों की पहचान के लिए रिकॉर्ड डेट शुक्रवार, 19 जून 2026 तय की है.
फाइनल डिविडेंड का भुगतान 20 जुलाई 2026 या उसके बाद किया जाएगा, जिसमें TDS की कटौती की जाएगी.
रेगुलेटरी फाइलिंग के मुताबिक, कंपनी की 26वीं वार्षिक आम बैठक (AGM) गुरुवार, 16 जुलाई 2026 को वीडियो कॉन्फ्रेंसिंग के माध्यम से आयोजित की जाएगी. इस संबंध में अन्य जरूरी डीटेल AGM नोटिस में दिए जाएंगे, जो समयानुसार जारी किया जाएगा.
एचडीएफसी लाइफ के बोर्ड ने अपने प्रवर्तक एचडीएफसी बैंक को तरजीही आधार पर 10 रुपये के फेस मूल्य वाले 1.45 करोड़ शेयर 688.52 रुपये प्रति शेयर की कीमत पर कुल 1,000 करोड़ रुपये जारी करने को मंजूरी दी है.
डिस्क्लेमर: किसी भी स्टॉक में निवेश की सलाह जी बिजनेस के नहीं है. यह सलाह ब्रोकरेज हाउस/एक्सपर्ट की तरफ से दी जाती है. शेयर बाजार में निवेश जोखिम भरा होता है. ऐसे में निवेश से पहले अपने फाइनेंशियल एडवाइजर की सलाह जरूर लें)
आर्टिकल से जुड़े महत्वपूर्ण सवाल (FAQs)
Q1. कितने ब्रोकरेज ने टारगेट प्राइस घटाया है?
A. कुल 8 में से 5 ब्रोकरेज ने HDFC Life का टारगेट प्राइस घटाया है.
Q2. क्या सभी ब्रोकरेज निगेटिव हैं?
A. नहीं, कुछ ब्रोकरेज अब भी पॉजिटिव हैं और Buy या Outperform रेटिंग बनाए हुए हैं.
Q3. किन ब्रोकरेज ने सबसे ज्यादा अपसाइड दिया है?
A. Citi ने ₹950 और Macquarie ने ₹900 को सबसे ज्यादा अपसाइड टारगेट दिया है.
Q4. टारगेट घटाने की मुख्य वजह क्या है?
A. कमजोर Q4 नतीजे, धीमी APE ग्रोथ, VNB में गिरावट और बढ़ती प्रतिस्पर्धा.
Q5. क्या कंपनी का लॉन्ग टर्म आउटलुक खराब है?
A. नहीं, ज्यादातर ब्रोकरेज मानते हैं कि लॉन्ग टर्म ग्रोथ स्टोरी अभी भी मजबूत है.
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