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2026 में बदलेगी HAL की तकदीर.
Hindustan Aeronautics Limited (HAL) का स्टॉक पिछले कुछ महीनों में दबाव में रहा है, लेकिन अब तस्वीर धीरे-धीरे बदलती दिख रही है. जो चीज पहले समस्या थी, यानी तेजस MK-1A की डिलीवरी में देरी वही अब सबसे बड़ा ट्रिगर बन सकती है.
8 अप्रैल से तेजस MK-1A की उड़ान फिर शुरू होने जा रही है. HAL के पास पहले से तैयार एयरक्राफ्ट मौजूद हैं, GE से इंजन सप्लाई में सुधार के संकेत हैं और ब्रोकरेज फर्म Nomura अब भी ‘Buy’ रेटिंग के साथ 57% तक की संभावित तेजी देख रही है.
HAL की मौजूदा कहानी को समझने के लिए सबसे पहले तेजस MK-1A पर ध्यान देना जरूरी है. यही वह प्रोग्राम है जिसने कंपनी के नतीजों को प्रभावित किया और अब वही इसे आगे बढ़ा सकता है.
7 फरवरी से तेजस MK-1A ब्रेक सिस्टम में खराबी के कारण ग्राउंड था. इसका असर सिर्फ ऑपरेशन तक सीमित नहीं रहा, बल्कि डिलीवरी पूरी तरह रुक गई. HAL और भारतीय वायु सेना इस समस्या की जांच कर रहे थे. अब 8 अप्रैल से यह फाइटर जेट फिर से उड़ान भरने के लिए तैयार है. इसका सीधा मतलब है कि रुकी हुई प्रक्रिया फिर शुरू होगी.
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यहां ये बात समझनी होगी कि HAL के पास पहले से 18 तेजस एयरक्राफ्ट तैयार हैं, यानी प्रोडक्शन हो चुका है. लेकिन डिलीवरी रुकने से रेवेन्यू नहीं आया. यानी कंपनी के पास काम तैयार था, लेकिन अंतिम स्टेप अटक गया था. यही वजह है कि तेजस की वापसी को एक बड़े बिजनेस ट्रिगर के तौर पर देखा जा रहा है.
| पैरामीटर | आंकड़ा |
| CMP | ₹3,796.20 |
| ऑल टाइम हाई | ₹5,674 |
| ATH से गिरावट | 33% |
| Nomura टारगेट | ₹5,954 |
| संभावित अपसाइड | 57% |
अगर एक लाइन में HAL की समस्या समझनी हो, तो वह है- इंजन नहीं, तो डिलीवरी नहीं. HAL को GE (General Electric) से इंजन मिलने में देरी हुई, जिससे पूरा प्रोग्राम प्रभावित हुआ. लेकिन अब स्थिति बदलने के संकेत मिल रहे हैं.
| स्थिति | आंकड़ा |
| तैयार एयरक्राफ्ट | 5 |
| अलग-अलग स्टेज पर एयरफ्रेम | 28 |
| इंजन सप्लाई | इंतजार जारी |
HAL ने GE पर देरी के लिए पेनल्टी लगाने का फैसला भी किया है. इससे यह संकेत मिलता है कि कंपनी सप्लाई चेन को लेकर अब ज्यादा सख्त रुख अपना रही है. मतलब साफ है कि जैसे ही इंजन आएंगे, तैयार एयरक्राफ्ट तुरंत डिलीवर होंगे और रेवेन्यू तेजी से बढ़ेगा.
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इंटरनेशनल ब्रोकरेज Nomura ने HAL के टारगेट प्राइस को ₹6,000 से घटाकर ₹5,954 कर दिया है. लेकिन इसके बावजूद उसने ‘Buy’ रेटिंग बरकरार रखी है.
Nomura का मानना है कि अभी जो कमजोरी दिख रही है, वह अस्थायी है. जैसे ही डिलीवरी शुरू होगी, कंपनी के फाइनेंशियल्स में सुधार दिखेगा. यानी मार्केट अभी समस्या देख रहा है, लेकिन ब्रोकरेज भविष्य देख रहा है.
FY26 HAL के लिए चुनौतीपूर्ण रहा. कंपनी का प्राविजनल रेवेन्यू ₹32,250 करोड़ रहा, जो अनुमान से 7% कम था. इसकी सबसे बड़ी वजह क्या थी, पूरे साल में एक भी LCA Mk1A एयरक्राफ्ट डिलीवर नहीं हुआ. यहां एक जरूरी बात समझनी होगी कि यह डिमांड की समस्या नहीं थी, बल्कि सप्लाई चेन की समस्या थी.
Nomura ने अपने अनुमान में बदलाव करते हुए FY27 के लिए डिलीवरी का आंकड़ा घटाकर 10 कर दिया है (पहले 14 था), जबकि FY28 का अनुमान बरकरार रखा है. इसका मतलब यह है कि रिकवरी धीरे-धीरे शुरू होगी, लेकिन एक बार सप्लाई चेन पूरी तरह ठीक हो गई तो ग्रोथ तेज हो सकती है.
HAL के पास ₹2.54 लाख करोड़ की ऑर्डर बुक है, जो सालाना आधार पर 34% ज्यादा है. कंपनी का book-to-bill ratio 8x है. इसका का मतलब है कि कंपनी के पास कई सालों का काम पहले से मौजूद है. रेवेन्यू विजिबिलिटी मजबूत है और ग्रोथ की संभावना स्पष्ट है. यानी समस्या काम की कमी नहीं, बल्कि समय पर डिलीवरी की है.
Nomura का अनुमान है कि FY26 से FY28 के बीच HAL का PAT 26% CAGR से बढ़ सकता है. इस ग्रोथ के पीछे मुख्य कारण है ₹62,400 करोड़ का 97 LCA Mk1A एयरक्राफ्ट का कॉन्ट्रैक्ट. यानी आने वाले सालों में कंपनी के पास न सिर्फ काम है, बल्कि प्रॉफिट बढ़ाने का स्पष्ट रास्ता भी है.
| टाइम फ्रेम | बदलाव |
| 5 दिन | +4% |
| 1 महीना | -5.8% |
| 6 महीने | -22.3% |
| 1 साल | -6.22% |
| ATH से गिरावट | 33% |
हालांकि हाल के दिनों में थोड़ी रिकवरी दिखी है, लेकिन लंबी अवधि की गिरावट यह दिखाती है कि मार्केट ने डिलीवरी डिले को पहले ही प्राइस कर लिया है.
एंटीक स्टॉक ब्रोकिंग का मानना है कि FY27 HAL के लिए टर्निंग पॉइंट होगा. भारतीय वायु सेना और HAL के बीच मीटिंग के बाद तेजस MK-1A की डिलीवरी टाइमलाइन तय हो सकती है. अगर सब कुछ योजना के अनुसार रहा, तो FY27 की पहली छमाही के अंत तक डिलीवरी शुरू हो सकती है.
HAL का मैनेजमेंट साफ तौर पर संकेत दे रहा है कि कंपनी अब डिलीवरी के लिए पूरी तरह तैयार है और अब गेंद अप्रूवल और सप्लाई पर है. मैनेजमेंट के मुताबिक वेपन इंटीग्रेशन ट्रायल पूरा हो चुका है और जैसे ही भारतीय वायु सेना (IAF) और CEMILAC से अंतिम मंजूरी मिलती है, तेजस MK-1A की डिलीवरी शुरू की जा सकती है. यानी टेक्नोलॉजी के स्तर पर अब कोई बड़ी रुकावट नहीं बची है.
अगर तकनीकी प्रगति की बात करें तो HAL ने कई अहम माइलस्टोन हासिल कर लिए हैं. कंपनी ने रडार और DWU इंटीग्रेशन सफलतापूर्वक पूरा किया है, साथ ही ASRAAM और ASTRA जैसी मिसाइलों की टेस्टिंग भी पूरी कर ली है. यह दिखाता है कि एयरक्राफ्ट अब ऑपरेशनल रूप से तैयार है और केवल अंतिम मंजूरी का इंतजार है.
प्रोडक्शन के मोर्चे पर भी HAL ने अपनी तैयारी मजबूत कर ली है. कंपनी ने नासिक में तीसरी प्रोडक्शन लाइन शुरू की है, जिससे सालाना उत्पादन क्षमता बढ़कर 24 एयरक्राफ्ट हो गई है. इसका सीधा मतलब है कि जैसे ही सप्लाई और अप्रूवल मिलते हैं, HAL तेजी से डिलीवरी बढ़ाने की स्थिति में है.
अब तक GE ने 5 इंजन सप्लाई किए हैं और छठा इंजन अप्रैल 2026 में मिलने की उम्मीद है. इसके अलावा H2 2026 में 20 और इंजन देने की प्रतिबद्धता है. HAL ने देरी के लिए पेनल्टी लगाने का फैसला किया है, जिससे सप्लाई टाइमलाइन बेहतर होने की उम्मीद है. HAL की मौजूदा ऑर्डर बुक के अलावा आने वाले समय में भी बड़े ऑर्डर्स की संभावना है.
ऑर्डर पाइपलाइन पर एक नज़र-
| सेगमेंट | संभावित अवसर |
| मौजूदा ऑर्डर बुक | ₹2.5 ट्रिलियन |
| नई पाइपलाइन | ₹1 ट्रिलियन |
| 4-5 साल का अवसर | ₹4.5 ट्रिलियन |
यह दिखाता है कि कंपनी के पास लंबे समय तक ग्रोथ के लिए मजबूत आधार मौजूद है.
डाइवर्सिफिकेशन की ओर कदम
HAL अब सिर्फ डिफेंस पर निर्भर नहीं रहना चाहता. कंपनी एक्सपोर्ट, सिविल एविएशन और UAV जैसे नए क्षेत्रों पर फोकस कर रही है.
कंपनी SJ-100 एयरक्राफ्ट प्रोडक्शन और UAV सेगमेंट में भी विस्तार कर रही है.
| मेट्रिक | आंकड़ा |
| नेट प्रॉफिट | ₹1,867 करोड़ (+30%) |
| रेवेन्यू | ₹7,699 करोड़ (+11%) |
| EBITDA | ₹1,871 करोड़ |
| मार्जिन | 24.3% |
यह साफ दिखाता है कि कंपनी का कोर बिजनेस मजबूत है और जैसे ही डिलीवरी शुरू होगी, इसका पूरा असर नतीजों में दिखेगा.
HAL का स्टॉक FY28 के अनुमानित कमाई पर 18.5x PE पर ट्रेड कर रहा है, जो इसके 5 साल के औसत 26x से कम है. यही वजह है कि Nomura इसे “फेवरबल रिस्क-रिवार्ड” मान रहा है.
(डिस्क्लेमर: यहां स्टॉक्स में निवेश की सलाह ब्रोकरेज हाउस द्वारा दी गई है. ये जी बिजनेस के विचार नहीं हैं. निवेश से पहले अपने एडवाइजर से परामर्श कर लें.)
आर्टिकल से जुड़े महत्वपूर्ण सवाल (FAQs)
Q1 HAL का स्टॉक क्यों गिरा?
डिलीवरी में देरी और GE इंजन सप्लाई की समस्या के कारण.
Q2 Nomura का टारगेट क्या है?
₹5,954, जो करीब 57% अपसाइड दिखाता है.
Q3 FY27 क्यों अहम है?
क्योंकि इसी साल तेजस MK-1A की डिलीवरी शुरू हो सकती है.
Q4 सबसे बड़ा ट्रिगर क्या है?
तेजस MK-1A की पहली डिलीवरी.
Q5 सबसे बड़ा जोखिम क्या है?
इंजन सप्लाई में फिर से देरी होना.