Groww Share Price: लिस्टिंग से अबतक कोई कमाल नहीं कर पाया शेयर... पोर्टफोलियो में है तो UBS का टारगेट है आपके काम का

Groww Share Price: UBS का मानना है कि Groww के ब्रोकिंग बिजनेस का हाई-ग्रोथ फेज अब पीछे छूट चुका है. दूसरी तरफ, कंपनी नॉन-ब्रोकिंग बिजनेस जैसे MTF, वेल्थ मैनेजमेंट और क्रेडिट पर जोर दे रही है. सवाल है- क्या यह बदलाव ग्रोथ को टिकाऊ बना पाएगा?
Groww Share Price: लिस्टिंग से अबतक कोई कमाल नहीं कर पाया शेयर... पोर्टफोलियो में है तो UBS का टारगेट है आपके काम का

Groww Share Price

Groww Share Price: भारत के रिटेल निवेशकों के बीच तेजी से पॉपुलर हुई ऑनलाइन ब्रोकिंग प्लेटफॉर्म Groww पर अब बड़ी ब्रोकरेज UBS ने कवरेज शुरू की है. रेटिंग दी है “Neutral” और टारगेट प्राइस रखा है ₹185. मौजूदा भाव करीब ₹161–163 के आसपास है. यानी करीब 15% अपसाइड की संभावना.
लेकिन कहानी इतनी सीधी नहीं है.

UBS का मानना है कि Groww के ब्रोकिंग बिजनेस का हाई-ग्रोथ फेज अब पीछे छूट चुका है. दूसरी तरफ, कंपनी नॉन-ब्रोकिंग बिजनेस जैसे MTF, वेल्थ मैनेजमेंट और क्रेडिट पर जोर दे रही है. सवाल है- क्या यह बदलाव ग्रोथ को टिकाऊ बना पाएगा?

क्या Groww की तेज रफ्तार अब धीमी पड़ेगी?

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UBS के मुताबिक, FY23–FY25 के बीच Groww के ब्रोकिंग रेवेन्यू ने 79% CAGR की जबरदस्त रफ्तार दिखाई. लेकिन अब अनुमान है कि FY26–FY28 के बीच यह ग्रोथ घटकर 17% CAGR रह सकती है.

यानी पहले विस्फोटक ग्रोथ, अब स्थिर लेकिन धीमी रफ्तार. अभी बाजार मैच्योर हो रहा है. ब्रोकिंग बिजनेस में प्रतिस्पर्धा भी तेज है और रेगुलेटरी बदलाव का असर दिख चुका है.

नॉन-ब्रोकिंग बिजनेस: नई उम्मीद?

UBS मानता है कि Groww का असली ग्रोथ ड्राइवर आगे नॉन-ब्रोकिंग सेगमेंट हो सकता है.

इनमें शामिल हैं:

  • Margin Trading Facility (MTF)
  • Wealth Management
  • Consumer Credit

रिपोर्ट का अनुमान है कि FY26–FY28 के बीच यह सेगमेंट 59% CAGR से बढ़ सकता है. मतलब, कंपनी सिर्फ ट्रेडिंग प्लेटफॉर्म नहीं रहना चाहती. वह एक फुल-फ्लेज्ड फाइनेंशियल सर्विस प्लेटफॉर्म बनना चाहती है.

क्या खर्च घटेंगे और मुनाफा बढ़ेगा?

UBS का कहना है कि आने वाले वर्षों में लागत सामान्य हो सकती है. इससे ऑपरेटिंग लेवरेज मिलेगा और मार्जिन विस्तार संभव है.

संभावित फायदे:

  • टेक और मार्केटिंग खर्च स्थिर
  • स्केल बढ़ने से प्रति ग्राहक लागत घटेगी
  • मुनाफे में सुधार

लेकिन…

वैल्यूएशन कितना महंगा है?

UBS का कहना है कि मौजूदा वैल्यूएशन- लगभग 37x 1 साल फॉरवर्ड P/E- पहले से ही ज्यादातर पॉजिटिव फैक्टर्स को कीमत में शामिल कर चुका है. यानी ग्रोथ की उम्मीदें पहले से ही ऊंची हैं. गलती की गुंजाइश कम है. डाउनसाइड रिस्क बना रहता है.

JM Financial की अलग राय क्यों?

दिसंबर में JM Financial ने इस स्टॉक पर “SELL” रेटिंग दी थी. उनका मानना था कि ब्रोकिंग बिजनेस के लिहाज से स्टॉक महंगा है.

JM का अनुमान है कि FY28 तक 80% से ज्यादा रेवेन्यू ब्रोकिंग से ही आएगा. रेगुलेटरी रिस्क बड़ा खतरा है. FY25 में 2 तिमाहियों में ऑर्डर वॉल्यूम 29% गिरा है. यह गिरावट अक्टूबर 2024 की रेगुलेटरी कार्रवाई के बाद आई थी. यानी बिजनेस मॉडल पर नियामकीय जोखिम बना हुआ है.

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क्या Groww सिर्फ ब्रोकिंग कंपनी है?

Groww ने 2016 में डायरेक्ट म्यूचुअल फंड प्लेटफॉर्म के रूप में शुरुआत की थी. आज इसके प्लेटफॉर्म पर 0.3 मिलियन अफ्लुएंट क्लाइंट और 14 मिलियन से ज्यादा एस्पिरेशनल क्लाइंट हैं. ब्रोकिंग FY21 में लॉन्च हुआ और FY24 तक यह देश का सबसे बड़ा ब्रोकर बन गया. यह ट्रैक रिकॉर्ड कंपनी की एग्जीक्यूशन क्षमता दिखाता है.

निवेशकों के लिए फैक्ट बॉक्स

Groww FACT Box

अगर नॉन-ब्रोकिंग तेजी से स्केल होता है, तो ग्रोथ स्टोरी फिर मजबूत हो सकती है.

निवेशकों के लिए संकेत

Groww की कहानी अब “हाई-ग्रोथ स्टार्टअप” से “मैच्योर फिनटेक प्लेटफॉर्म” में बदल रही है. UBS का Neutral रुख बताता है कि स्टॉक में संभावनाएं हैं, लेकिन वैल्यूएशन सीमित अपसाइड दिखाता है. दूसरी तरफ, JM Financial का SELL रुख याद दिलाता है कि ब्रोकिंग बिजनेस में जोखिम कम नहीं हैं. निवेशकों के लिए यह स्टॉक “ब्लाइंड बाय” नहीं, बल्कि “डेटा-ड्रिवन ट्रैक” वाला केस है.

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