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Goldman Sachs की तेल शेयरों पर आई बड़ी रिपोर्ट (Image: AI-generated)
Goldman Sachs on Oil Stocks: तेल मार्केटिंग कंपनियों (OMCs) के लिए सरकार की ओर से एक्साइज ड्यूटी में कट जैसे हालिया फैसलों से थोड़ी राहत जरूर आई है, लेकिन ग्लोबल ब्रोकरेज Goldman Sachs का मानना है कि सेक्टर में जोखिम अभी भी कम नहीं हुआ है. खासकर, IOCL (Indian Oil Corporation) पर तो ब्रोकरेज का रुख बहुत बेयरिश है.
ब्रोकरेज का कहना है कि एक्साइज ड्यूटी में ₹10 प्रति लीटर की कटौती से कंपनियों के मार्जिन को सपोर्ट मिला है, लेकिन ऊंचे कच्चे तेल के दाम और कमजोर रुपये की वजह से प्रेशर बना हुआ है. सोमवार, 30 मार्च को भी बाजार में OMC शेयरों में कमजोरी देखने को मिली, जिससे साफ है कि निवेशक फिलहाल सतर्क हैं.
सरकार ने पेट्रोल-डीजल पर ₹10 प्रति लीटर एक्साइज ड्यूटी घटाई है, लेकिन इस कटौती को उपभोक्ताओं तक पास-ऑन नहीं किया गया. इसका सीधा फायदा OMCs को मिला है क्योंकि इससे उनकी मार्केटिंग लॉस कम हुई है. हालांकि, Goldman Sachs के अनुसार यह राहत सीमित है.
लेकिन मौजूदा क्रूड कीमत करीब $122 प्रति बैरल के आसपास है, जो इस स्तर से काफी ज्यादा है. यानी कंपनियों के मार्जिन पर दबाव अभी भी बना रहेगा.
ब्रोकरेज का कहना है कि OMCs का EBITDA लॉस रन-रेट अभी भी ऊंचा है और यह 2022 के पीक लेवल से भी ज्यादा है. इसका मतलब है कि कंपनियां अभी भी पूरी तरह से लागत का दबाव झेल रही हैं.
LIVE TV:
Hindustan Petroleum Corporation Limited (CMP: ₹336)
Goldman Sachs ने ‘Neutral’ रेटिंग बरकरार रखी है और टारगेट ₹310 दिया है, यानी करीब 7% डाउनसाइड का संकेत.
Bharat Petroleum Corporation Limited (CMP: ₹281)
‘Neutral’ रेटिंग के साथ ₹340 का टारगेट दिया गया है, जो करीब 21% अपसाइड दिखाता है.
Indian Oil Corporation Limited
इस स्टॉक पर रिस्क-रिवॉर्ड सबसे कमजोर बताया गया है. Bear case में 49% और base case में 20% तक गिरावट की आशंका जताई गई है.
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Goldman Sachs का अनुमान है कि CY27 में Brent crude करीब $80 प्रति बैरल रह सकता है. इसके बावजूद:
इन सभी कारणों से OMC सेक्टर का रिस्क-रिवॉर्ड प्रोफाइल फिलहाल कमजोर नजर आता है.
यह सेक्टर फिलहाल “राहत के बावजूद रिस्क” की स्थिति में है. शॉर्ट टर्म में वोलैटिलिटी बनी रह सकती है. लॉन्ग टर्म निवेशक केवल मजबूत बैलेंस शीट और बेहतर मार्जिन प्रोफाइल वाली कंपनियों पर फोकस करें. BPCL में सीमित अपसाइड दिख रहा है, लेकिन HPCL और IOC में सावधानी जरूरी है. क्रूड कीमत और सरकारी पॉलिसी इस सेक्टर की दिशा तय करेंगी.
Q1. क्या OMCs पर दबाव कम हो गया है?
नहीं, ड्यूटी कट से राहत मिली है लेकिन ऊंचे क्रूड के कारण दबाव बना हुआ है.
Q2. BPCL में अपसाइड क्यों दिख रहा है?
BPCL का वैल्यूएशन आकर्षक है और इसमें 21% तक अपसाइड की संभावना जताई गई है.
Q3. IOC को सबसे कमजोर क्यों माना जा रहा है?
Goldman Sachs के मुताबिक इसमें सबसे खराब रिस्क-रिवॉर्ड है और गिरावट की आशंका ज्यादा है.
Q4. क्या यह सेक्टर लॉन्ग टर्म के लिए सही है?
लॉन्ग टर्म में ठीक हो सकता है, लेकिन फिलहाल एंट्री के लिए सही टाइमिंग जरूरी है.
Q5. इस सेक्टर को सबसे ज्यादा क्या प्रभावित करता है?
कच्चे तेल के दाम, रुपये की स्थिति और सरकार की पॉलिसी सबसे बड़े फैक्टर हैं.
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