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Goldman Sachs ने दी इन 2 शेयरों पर Sell रेटिंग.
दुनिया के नक्शे पर इस वक्त जो तनाव चल रहा है, उसका सीधा असर अब आपकी जेब और शेयर बाजार की दिग्गज कंपनियों पर दिखने लगा है. ईरान युद्ध की खबरों के बीच भारतीय तेल कंपनियों (OMCs) के लिए एक बेहद चिंताजनक रिपोर्ट सामने आई है.
दिग्गज ब्रोकरेज फर्म Goldman Sachs ने मंगलवार, 24 मार्च को अपनी रिपोर्ट में साफ कहा गया है कि अब भारतीय तेल कंपनियों के लिए हालात पहले जैसे सुनहरे नहीं रहे. यहां तक कि 2 कंपनियों पर तो ब्रोकरेज ने सीधे-सीधे बिकवाली की सलाह दे दी है.
दिग्गज ब्रोकरेज फर्म Goldman Sachs ने भारतीय तेल कंपनियों HPCL, BPCL, IOC और ONGC की रेटिंग में बड़ी कटौती की है. कच्चे तेल की बढ़ती कीमतों और पेट्रोल-डीजल के दामों में सीमित बढ़ोतरी की वजह से इन कंपनियों के मुनाफे (मार्केटिंग मार्जिन) पर बुरा असर पड़ने की आशंका है. रिपोर्ट के मुताबिक, कच्चे तेल की कीमतें लंबे समय तक 100 डॉलर के पार रह सकती हैं, जो इन कंपनियों के लिए खतरे की घंटी है.
| HPCL | Buy | Neutral | 335 | 310 | 480 |
| BPCL | Buy | Neutral | 280 | 340 | 435 |
| IOC | Neutral | Sell | 138 | 110 | 145 |
| ONGC | Sell | Sell (बरकरार) | 268 | 245 | 240 |
हिंदुस्तान पेट्रोलियम यानी HPCL के लिए गोल्डमैन सैक्स का नजरिया अब पहले जैसा नहीं रहा. ब्रोकरेज ने इस स्टॉक को 'Buy' से घटाकर 'Neutral' की कैटेगरी में डाल दिया है. इसका सीधा मतलब ये है कि अब इस शेयर में वैसी तेजी की उम्मीद नहीं दिख रही जैसी पहले थी.
ब्रोकरेज ने इसके टारगेट प्राइस में भी भारी कैंची चलाई है. पहले इसके लिए 480 रुपये का लक्ष्य रखा गया था, जिसे अब घटाकर सीधा 310 रुपये कर दिया गया है. फिलहाल यह शेयर 335 रुपये के आसपास ट्रेड कर रहा है. यानी अब इसमें निवेश करना फायदे का सौदा नहीं लग रहा.
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भारत पेट्रोलियम (BPCL) को लेकर भी कहानी कुछ ऐसी ही है. गोल्डमैन सैक्स ने इसे भी 'Buy' रेटिंग से हटाकर 'Neutral' कर दिया है. कच्चे तेल की ऊंची कीमतों का सीधा असर इसके ऑपरेशन्स पर पड़ने वाला है, जिसकी वजह से इसके मुनाफे पर दबाव बना रहेगा.
अगर टारगेट की बात करें, तो ब्रोकरेज ने इसे 435 रुपये से घटाकर 340 रुपये कर दिया है. जबकि बाजार में इसकी मौजूदा कीमत 280 रुपये के करीब है. ब्रोकरेज का मानना है कि मौजूदा ग्लोबल हालातों में BPCL के पास खुद को बचाने के रास्ते काफी कम हैं.
इंडियन ऑयल कॉर्पोरेशन (IOC) के लिए रिपोर्ट सबसे ज्यादा कड़क है. यहां ब्रोकरेज ने इसे 'Neutral' से हटाकर सीधे 'Sell' यानी बेचने की सलाह दे दी है. गोल्डमैन सैक्स को लगता है कि IOC के लिए आने वाला समय काफी चुनौतीपूर्ण होने वाला है और निवेशकों को इससे बाहर निकल जाना चाहिए.
इसका टारगेट प्राइस 145 रुपये से घटाकर 110 रुपये कर दिया गया है, जबकि अभी यह 138 रुपये पर चल रहा है. यानी इसमें और गिरावट आने की पूरी संभावना जताई गई है. कंपनी का मार्केटिंग मार्जिन जिस तरह से प्रभावित हो रहा है, उसे देखते हुए यह फैसला लिया गया है.
सरकारी तेल कंपनी ONGC को लेकर भी ब्रोकरेज का रुख काफी सख्त है. गोल्डमैन सैक्स ने इस पर अपनी 'Sell' रेटिंग को बरकरार रखा है. हालांकि, टारगेट प्राइस में मामूली बदलाव करते हुए इसे 240 रुपये से बढ़ाकर 245 रुपये किया गया है, लेकिन सलाह अभी भी बाहर रहने की ही है.
मौजूदा वक्त में ONGC का शेयर 268 रुपये पर है. ब्रोकरेज का मानना है कि तेल की कीमतों में अस्थिरता और सप्लाई से जुड़ी दिक्कतें कंपनी के भविष्य के लिए ठीक नहीं हैं. इसलिए निवेशकों को इस शेयर से दूरी बनाकर रखनी चाहिए.
सबसे पहले ये समझना जरूरी है कि आखिर गोल्डमैन सैक्स इतना डरा हुआ क्यों है. इसके पीछे की सबसे बड़ी वजह है 'मार्केटिंग मार्जिन'. आसान भाषा में कहें तो जब कच्चा तेल महंगा होता है और कंपनियां उसी हिसाब से पेट्रोल-पंप पर कीमतें नहीं बढ़ा पातीं, तो उनका मुनाफा घटने लगता है. भारत में अक्सर ऐसा ही होता है कि ग्लोबल मार्केट में तेल महंगा होने के बावजूद गैस स्टेशनों पर कीमतें उतनी तेजी से नहीं बढ़तीं.
ब्रोकरेज फर्म के मुताबिक, तेल की कीमतों का और इन कंपनियों के मुनाफे का आपस में उल्टा रिश्ता है. जैसे-जैसे क्रूड ऑयल ऊपर जाएगा, इन कंपनियों का मार्जिन नीचे गिरेगा. ऊपर से युद्ध के चलते सप्लाई में आने वाली रुकावटें इस आग में घी डालने का काम कर रही हैं.
गोल्डमैन सैक्स ने अपनी रिपोर्ट में एक और डराने वाली बात कही है. उनका मानना है कि कच्चे तेल की कीमतें सिर्फ अभी ही नहीं, बल्कि 2027 तक ऊंचे स्तर पर बनी रह सकती हैं. अगर युद्ध लंबा खिंचता है या सप्लाई चैन में बड़ी रुकावट आती है, तो कच्चा तेल 100 डॉलर प्रति बैरल के ऊपर लंबे समय तक टिका रह सकता है. यह स्थिति भारतीय अर्थव्यवस्था और खासकर इन तेल कंपनियों के लिए किसी बुरे सपने से कम नहीं होगी.
भारतीय शेयर बाजार के लिए तेल कंपनियां हमेशा से अहम रही हैं, लेकिन ग्लोबल जियोपॉलिटिकल तनाव ने सारा खेल बिगाड़ दिया है. Goldman Sachs की यह रिपोर्ट निवेशकों के लिए एक गंभीर चेतावनी है. HPCL, BPCL, IOC और ONGC जैसे बड़े नाम अब रिस्क के दायरे में आ गए हैं. कच्चे तेल की 100 डॉलर के पार जाने की आशंका ने इन कंपनियों के मुनाफे के रास्ते बंद कर दिए हैं. ऐसे में निवेशकों को बेहद सावधानी बरतने और अपने पोर्टफोलियो को फिर से जांचने की जरूरत है.
(डिस्क्लेमर: यहां स्टॉक्स में निवेश की सलाह ब्रोकरेज हाउस द्वारा दी गई है. ये जी बिजनेस के विचार नहीं हैं. निवेश से पहले अपने एडवाइजर से परामर्श कर लें
Q: Goldman Sachs ने किन तेल कंपनियों को लेकर चेतावनी दी है?
A: ब्रोकरेज फर्म ने HPCL, BPCL, IOC और ONGC इन चार प्रमुख तेल कंपनियों को लेकर रेटिंग घटाई है और सतर्क रहने को कहा है.
Q: तेल कंपनियों के शेयरों में गिरावट की मुख्य वजह क्या है?
A: मुख्य वजह कच्चे तेल की बढ़ती कीमतें और इन कंपनियों का घटता मार्केटिंग मार्जिन है. युद्ध के कारण सप्लाई में आने वाली दिक्कतों से जोखिम और बढ़ गया है.
Q: IOC के शेयर को लेकर ब्रोकरेज की क्या राय है?
A: Goldman Sachs ने IOC को 'Sell' यानी बेचने की रेटिंग दी है और इसका टारगेट प्राइस घटाकर 110 रुपये कर दिया है.
Q: क्या कच्चे तेल की कीमतें और बढ़ सकती हैं?
A: हां, रिपोर्ट के मुताबिक सप्लाई में रुकावट आने पर कच्चा तेल 100 डॉलर प्रति बैरल के पार लंबे समय तक रह सकता है.
Q: ONGC के शेयर पर ताजा अपडेट क्या है?
A: ONGC पर 'Sell' रेटिंग बरकरार रखी गई है, हालांकि टारगेट को मामूली बढ़ाकर 245 रुपये किया गया है, जो इसकी मौजूदा कीमत से कम है.