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Indigo Share Price: भारत की सबसे बड़ी एयरलाइन IndiGo पर ऑपरेशनल संकट गहराता जा रहा है. DGCA ने एयरलाइन को सभी रूट्स पर फ्लाइट ऑपरेशन घटाने का सख्त आदेश दिया है. हालिया फ्लाइट कैंसिलेशन और भारी देरी के कारण यात्रियों में नाराजगी बढ़ी, जिसके बाद अब रेगुलेटर ने ये एक्शन लिया है. हालांकि, अगर बाजार के नजरिए से देखें तो लॉन्ग टर्म के लिए इंडिगो के शेयर को लेकर पॉजिटिव आउटलुक ही निकलकर आ रहा है, ऐसा तीन-तीन ब्रोकरेज हाउस की रिपोर्ट्स कह रही हैं.
DGCA ने IndiGo को सभी घरेलू और अंतरराष्ट्रीय रूट्स पर 5% फ्लाइट्स कम करने का निर्देश दिया है. इसके साथ एयरलाइन को सलाह दी गई है कि सिंगल फ्लाइट ऑपरेशन से बचा जाए और ओवर-डिपेंडेंसी कम की जाए. DGCA ने एयरलाइन को आज शाम 5 बजे तक रिवाइज्ड शेड्यूल सबमिट करने को कहा है. साथ ही हाई डिमांड और हाई फ्रीक्वेंसी रूट्स पर भी फ्लाइट्स की संख्या घटाने का आदेश दिया गया है. DGCA ने फिलहाल 403 विमानों के ऑपरेशन की अनुमति दी है.
Indigo का शेयर आज 0.7% कमजोर होकर 4887 रुपये पर ट्रेड करता दिखा. संकट और रेगुलेटरी अनिश्चितता के बीच स्टॉक में वोलैटिलिटी बढ़ी है. कल शेयर इंट्राडे में 9% गिरा था. हालांकि, कल की इस गिरावट के मुकाबले शेयर आज थोड़ा स्थिर दिख रहा है.
IndiGo को लेकर ब्रोकरेज की राय लॉन्ग टर्म में पॉजिटिव है, लेकिन शॉर्ट टर्म में दबाव देखने की उम्मीद है.



ग्लोबल ब्रोकरेज ने कहा कि इंडिगो के ऑपरेशनल डिसरप्शन का असर इस तिमाही की कमाई पर पड़ेगा. लागत बढ़ेगी लेकिन इंडस्ट्री पोजिशन मजबूत है. रेगुलेटरी एक्शन की स्पष्टता आने तक स्टॉक वोलैटाइल बना रहेगा.
यूबीएस का कहना है कि नए FDTL नियमों की तैयारी में कमी और क्रू आवंटन समस्याएं मुख्य कारण हैं. रुपए की कमजोरी और पायलट जरूरत बढ़ने से लागत बढ़ेगी. इंटरनेशनल एक्सपैंशन लॉन्ग टर्म ग्रोथ ड्राइवर है.
पायलट ड्यूटी ऑवर्स कटने और टेक्निकल व ऑपरेशनल चुनौतियों से कास्केडिंग डिसरप्शन हुआ है. मध्य दिसंबर तक स्थिति सामान्य होने की उम्मीद है. टारगेट प्राइस 7025 है, यानी कि लॉन्ग टर्म पोटेंशियल मजबूत है.
IndiGo के लिए अगले कुछ हफ्ते बेहद निर्णायक होंगे. DGCA का दबाव, बढ़ती लागत और पायलट मुद्दों ने कंपनी के सामने बड़ा ऑपरेशनल चैलेंज खड़ा किया है. हालांकि ब्रोकरेज फर्म्स का भरोसा इस बात पर कायम है कि लंबी अवधि में इंडिगो की मजबूत स्थिति और पैसेंजर ग्रोथ कंपनी को आगे फिर से मजबूती दिला सकती है.
IndiGo का संकट क्यों बढ़ा?
फ्लाइट कैंसिलेशन, देरी, पायलट शॉर्टेज और क्रू मैनेजमेंट की दिक्कतों के कारण ऑपरेशनल स्थिति बिगड़ी.
DGCA ने क्या आदेश दिया है?
सभी रूट्स पर 5% फ्लाइट्स कम करने और आज शाम 5 बजे तक रिवाइज्ड शेड्यूल जमा करने का निर्देश.
स्टॉक पर क्या असर पड़ा?
IndiGo का शेयर 0.7% गिरकर 4887 पर, शॉर्ट टर्म में वोलैटिलिटी की उम्मीद.
ब्रोकरेज क्या कह रहे हैं?
शॉर्ट टर्म दबाव रहेगा, लेकिन लॉन्ग टर्म में मजबूती और रिकवरी की संभावना; BUY रेटिंग बरकरार.
स्थिति कब सामान्य हो सकती है?
ब्रोकरेज उम्मीद कर रहे हैं कि मध्य दिसंबर तक ऑपरेशनल स्थिति स्थिर हो सकती है.