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भारतीय एविएशन सेक्टर इन दिनों तेजी पकड़ रहा है. एयर ट्रैवल बढ़ रहा है, नए एयरपोर्ट बन रहे हैं और एयरलाइन्स लगातार कैपासिटी बढ़ा रही हैं. इसी माहौल में GMR Airports का नाम फिर चर्चा में है, क्योंकि BOFA Securities ने कंपनी पर Buy की रेटिंग दा कर 128 रुपये का टारगेट प्राइस तय किया है, जो मौजूदा कीमत (CMP करीब 106 रुपये) से लगभग 21% upside दिखाता है.
यानी, ब्रोकरेज को भरोसा है कि आने वाले महीनों में यह स्टॉक ऊपर उड़ान भर सकता है. दिलचस्प बात यह है कि यह स्टॉक 52-week हाई के भी क़रीब पहुंच चुका है, और अब ग्लोबल फर्म की रिपोर्ट इसे और तेजी की उम्मीद जता रही है.
BOFA ने रिपोर्ट में साफ लिखा है कि भारत में एयर ट्रैवल तेज़ी से बढ़ रहा है. आय बढ़ रही है, लोग ज्यादा फ्लाइट से सफर कर रहे हैं, टूरिज़्म मजबूत हो रहा है और बिज़नेस ट्रैवल भी रिवाइव हो रहा है. इसका सीधा फायदा एयरपोर्ट ऑपरेटर कंपनियों को मिलता है, खासकर GMR को, जो दिल्ली और हैदराबाद जैसे बड़े एयरपोर्ट चलाती है.
इसके अलावा अब कंपनी सिर्फ एयरपोर्ट फीस पर ही निर्भर नहीं है. नॉन-एरो रेवेन्यू यानी शॉपिंग, पार्किंग, फूड कोर्ट, विज्ञापन और रियल एस्टेट डेवलपमेंट तेजी से बढ़ रहे हैं. BOFA का मानना है कि यही सेक्टर आने वाले वर्षों में कंपनी के प्रॉफिट को और ऊपर ले जाएगा.
ब्रोकरेज ने तीन बड़े पॉइंट गिनाए, India में Travel Demand लगातार बढ़ रही है. घरेलू उड़ानें भी बढ़ रही हैं और अंतरराष्ट्रीय ट्रैफिक भी. Non- Aero और Real Estate में शानदार ग्रोथ अपॉर्च्युनिटी. मॉल, कमर्शियल डेवलपमेंट, फूड कोर्ट, एड रेवेन्यू, सब मुनाफा बढ़ाने वाले मॉडल.
दिल्ली एयरपोर्ट केस में मिले नियामक लाभ से EBITDA में लगभग 11% का बूस्ट मानकर वैल्यूएशन किया गया है. इन तीनों पॉइंट्स की वजह से ब्रोकरेज का मानना है कि GMR आने वाले 3-4 साल में शानदार ग्रोथ दिखा सकता है.
BOFA को उम्मीद है कि FY25 से FY29 के दौरान कंपनी की EBITDA ग्रोथ 25% CAGR रह सकती है. इतनी तेज़ रफ्तार कम ही एयरपोर्ट ऑपरेटर्स दिखा पाते हैं. वहीं, BOFA ने यह भी लिखा कि GMR Airports की वैल्यू अभी भी Attractive है, खासकर तुलना करें चीन और थाईलैंड जैसे मार्केट के हाई-ग्रोथ फेज से. यानी भारतीय एयरपोर्ट सेक्टर लंबे समय वाला खेल है और इसमें दम है.
हर रिपोर्ट के साथ जोखिम भी जरूरी. BOFA ने कुछ पॉइंट्स बताए जैसे- नोएडा इंटरनेशनल एयरपोर्ट खुलने पर Delhi Airport की ट्रैफिक पर कुछ असर पड़ सकता है. रेगुलेटर टैरिफ रिव्यू में सख्त अप्रोच ले सकता है. जियो-पॉलिटिकल तनाव उड़ानों पर अस्थायी असर डाल सकता है और कंपनी का लोन भी ऊंचा है, जिससे कई बार प्रेशर बन सकता है. लेकिन इन सबके बावजूद ब्रोकरेज को लगता है कि लॉन्ग-टर्म पिक के तौर पर GMR मजबूत उम्मीदवार है.
मतलब साफ है कि GMR Airports एक रियल एविएशन ग्रोथ स्टोरी है. बढ़ती ट्रैवल डिमांड, नॉन-एरो रेवेन्यू, रियल एस्टेट वैल्यू और हालिया रेगुलेटरी फायदे मिलकर स्टॉक को ऊपर ले जा सकते हैं. BOFA ने Buy रेटिंग के साथ 128 का टारगेट दिया है और Expert मानते हैं कि कंपनी आने वाले सालों में अच्छी उड़ान भर सकती है.
Q1. GMR Airports का नया टारगेट कितना है?
A1. BOFA ने Buy रेटिंग देकर Target Price ₹128 तय किया है.
Q2. स्टॉक में कितनी संभावित बढ़त बताई गई है?
A2. करीब 21% upside की संभावना मानी गई है.
Q3. कंपनी के रेवेन्यू ड्राइवर्स क्या हैं?
A3. Travel demand बढ़ना, non-aero बिजनेस और real estate development.
Q4. मुख्य जोखिम क्या हो सकते हैं?
A4. Noida airport competition, regulatory decisions और geopolitical disruption.
Q5. लॉन्ग-टर्म निवेशकों के लिए कैसा है?
A5. बोफा मानता है कि यह लंबी अवधि में मजबूत ग्रोथ दिखा सकता है.
(डिस्क्लेमर: यहां स्टॉक्स में निवेश की सलाह ब्रोकरेज हाउस द्वारा दी गई है. ये जी बिजनेस के विचार नहीं हैं. निवेश से पहले अपने एडवाइजर से परामर्श कर लें.)