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फोर्टिस हेल्थकेयर में आई तीन ब्रोकरेज की रिपोर्ट
शेयर बाजार में जब भी किसी कंपनी के नतीजे उम्मीद से बेहतर आते हैं, तो वहां हलचल मचनी तय होती है. इस बार बारी फोर्टिस हेल्थकेयर की है. कंपनी ने वित्त वर्ष 2026 की तीसरी तिमाही में ऐसा प्रदर्शन किया है कि बड़े-बड़े ग्लोबल ब्रोकरेज हाउस इसकी तारीफ करते नहीं थक रहे हैं.
अस्पताल चलाने वाली इस दिग्गज कंपनी ने न केवल रेवेन्यू के मामले में बाजी मारी है, बल्कि मुनाफे (EBITDA) के मोर्चे पर भी सबको चौंका दिया है. अगर आप हेल्थकेयर सेक्टर में निवेश की सोच रहे हैं, तो फोर्टिस के ये आंकड़े आपकी आंखें खोल सकते हैं.
फोर्टिस के कारोबार को अगर करीब से देखें, तो इसके दोनों मुख्य सेगमेंट ने बेहतरीन काम किया है. अस्पताल बिजनेस के रेवेन्यू में 19% की सालाना बढ़त देखी गई है, जबकि इसका मुनाफा (EBITDA) 29% तक उछल गया है. इसकी सबसे बड़ी वजह यह रही कि अस्पतालों में बेड खाली रहने के दिन कम हुए और मरीजों की संख्या में सुधार हुआ.
| JP Morgan | Overweight | ₹ 1,150 | डायग्नोस्टिक्स मुनाफे में 76% का जोरदार उछाल। |
| UBS | Buy | ₹ 1,150 | मजबूत प्रदर्शन और क्षमता विस्तार से मिलेगी ग्रोथ। |
| CITI | Buy | ₹ 1,120 | नए अस्पतालों (जालंधर, मानेसर) का शानदार प्रदर्शन। |
वहीं, डायग्नोस्टिक्स सेगमेंट की कहानी तो और भी दिलचस्प है. यहां रेवेन्यू भले ही 7% बढ़ा हो, लेकिन मुनाफा 76% की भारी बढ़त के साथ सामने आया है. कंपनी ने अपना फोकस 'स्पेशलाइज्ड और वेलनेस' पोर्टफोलियो पर बढ़ाया है, जहां मार्जिन ज्यादा मिलता है. सरल शब्दों में कहें तो कंपनी अब उन जांचों और इलाज पर ज्यादा ध्यान दे रही है जिनसे कमाई बेहतर होती है.
दुनिया के तीन बड़े ब्रोकरेज हाउस ने फोर्टिस पर अपनी ताजा रिपोर्ट जारी की है और तीनों ने ही 'खरीदें' (Buy/Overweight) की रेटिंग दी है-
जेपी मॉर्गन (JP Morgan): इन्होंने शेयर पर 'Overweight' रेटिंग बरकरार रखी है और 1150 रुपये का टारगेट दिया है. इनका मानना है कि कंपनी के मार्जिन में जो उछाल आया है, वह काबिले तारीफ है.
यूबीएस (UBS): यूबीएस ने भी 1150 रुपये का टारगेट देते हुए 'Buy' रेटिंग दी है. उनका कहना है कि यह शानदार प्रदर्शन आगे भी जारी रहने की उम्मीद है.
सिटी (CITI): सिटी ग्रुप ने 1120 रुपये का टारगेट सेट किया है. उनका कहना है कि कंपनी के पुराने अस्पताल तो अच्छा कर ही रहे हैं (14% ग्रोथ), लेकिन नए एक्विजिशन जैसे जालंधर और मानेसर वाले अस्पताल भी अब मुनाफे की पटरी पर लौट आए हैं.

फोर्टिस के लिए सबसे बड़ी सकारात्मक खबर इसके प्रमोटर आईएचएच (IHH) की तरफ से आई है. आईएचएच ने साफ कर दिया है कि वे फोर्टिस को भारत में अपना 'ग्रोथ इंजन' मानते हैं. फिलहाल कंपनी में उनकी हिस्सेदारी 31% है.
खबर यह है कि जैसे ही मौजूदा 'कूलिंग पीरियड' खत्म होगा, वे कंपनी में अपनी हिस्सेदारी बढ़ाने की योजना बना रहे हैं. इसके अलावा, कंपनी में नए फंड (Equity Infusion) डालने के विकल्प भी खुले रखे गए हैं, जिससे भविष्य में विस्तार करना आसान हो जाएगा.
फोर्टिस ने बेड विस्तार की जो योजना बनाई थी, वह बिल्कुल सही रास्ते पर है. अच्छी बात यह है कि जो नए यूनिट्स शुरू किए गए हैं, वे बहुत जल्द अपनी पकड़ बना रहे हैं. आमतौर पर नई सुविधाओं को जमने में समय लगता है और वे शुरुआत में घाटा देती हैं, लेकिन फोर्टिस के मामले में ऐसा नहीं हो रहा. जालंधर यूनिट में 25% से ज्यादा का मार्जिन मिल रहा है और मानेसर वाला अस्पताल 'ब्रेक-ईवन' (नो प्रॉफिट, नो लॉस) की स्थिति में पहुंच गया है.
नतीजों और ब्रोकरेज की रिपोर्ट का असर आज के कारोबार में भी दिखा. शेयर 921.90 रुपये पर खुला, जबकि पिछला बंद 915.75 रुपये था. दिन भर के कारोबार में शेयर ने 930.00 रुपये का ऊपरी स्तर (High) छुआ. हालांकि बाजार की अस्थिरता के बीच इसने 902.65 का निचला स्तर (Low) भी देखा. लेकिन एक्सपर्ट्स का मानना है कि लॉन्ग टर्म के लिए 1150 का टारगेट निवेशकों के लिए एक आकर्षक मौका हो सकता है.
फोर्टिस हेल्थकेयर ने अपनी तीसरी तिमाही के नतीजों से यह साबित कर दिया है कि वह केवल विस्तार नहीं कर रही, बल्कि मुनाफे के साथ आगे बढ़ रही है. अस्पतालों में बेड ऑक्यूपेंसी का बढ़ना और डायग्नोस्टिक्स में स्पेशलाइज्ड टेस्ट पर फोकस करना कंपनी के हक में जा रहा है. आईएचएच जैसी बड़ी कंपनी का साथ और ब्रोकरेज हाउस का भरोसा इस शेयर को आने वाले दिनों के लिए एक मजबूत खिलाड़ी बनाता है. निवेशकों को 1120 से 1150 रुपये के टारगेट पर नजर रखनी चाहिए.
(डिस्क्लेमर: यहां स्टॉक्स में निवेश की सलाह ब्रोकरेज हाउस द्वारा दी गई है. ये जी बिजनेस के विचार नहीं हैं. निवेश से पहले अपने एडवाइजर से परामर्श कर लें.)