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भारत के शेयर बाजार में कई कहानियां बनीं, लेकिन Elcid Investments Ltd का ₹3 से ₹3 लाख तक का सफर सबसे अनोखा और चौंकाने वाला है. यह सफर सिर्फ एक कंपनी की सफलता की कहानी नहीं, बल्कि बाजार की कार्यप्रणाली, रेग्युलेटरी बदलाव और छिपी हुई वैल्यू के सही मायने उजागर करता है.
कभी बंबई स्टॉक एक्सचेंज (BSE) पर ₹3-4 के भाव पर ट्रेड होने वाला Elcid Investments Ltd एक समय तक बेहद अनजान और निवेशकों की नजर से दूर था. यह एक नॉन-बैंकिंग फाइनेंशियल कंपनी (NBFC) है, जो मुख्य रूप से एक होल्डिंग कंपनी के रूप में काम करती है. इसका कोई बड़ा ऑपरेशनल बिजनेस नहीं है, लेकिन इसकी सबसे बड़ी ताकत इसका निवेश पोर्टफोलियो है.
Elcid के पास Asian Paints में 2.95% की हिस्सेदारी है, जिसकी मौजूदा कीमत ₹7000 करोड़ से ज्यादा है. कंपनी की कुल एसेट वैल्यू मार्च 2025 तक ₹10,600 करोड़ के पार थी. इसके बावजूद यह शेयर सालों तक ₹3-4 के भाव पर ही फंसा रहा क्योंकि इसमें लिक्विडिटी बेहद कम थी और निवेशकों का ध्यान इस पर नहीं गया.
2024 में SEBI ने यह महसूस किया कि कई होल्डिंग कंपनियां अपनी असली वैल्यू से बहुत नीचे ट्रेड कर रही हैं. इस स्थिति को सुधारने के लिए जून 2024 में SEBI ने एक सर्कुलर जारी किया, जिसमें ऐसे शेयरों के लिए स्पेशल कॉल ऑक्शन बिना प्राइस बैंड के कराने का आदेश दिया गया.
29 अक्टूबर 2024 को BSE ने Elcid के लिए यह स्पेशल ऑक्शन आयोजित किया. इसी एक दिन में शेयर का भाव ₹3.53 से ₹2,36,250 तक पहुंच गया. यह 66,85,452% की कमाल की छलांग थी, जिसने Elcid को MRF को पछाड़कर भारत का सबसे महंगा शेयर बना दिया.
शेयर यहीं नहीं रुका इसके बाद इसने ₹ 3,32,400 का ऑल टाइम हाई बनाया. हालांकि, आज यानी 2 सितंबर 2025 की बात करें तो Elcid के शेयरों में तब से अब तक 43% की गिरावट आ चुकी है. लेकिन हैरानी की बात ये है कि स्टॉक की बुक वैल्यू (₹ 4,58,426) अभी भी इसके करेंट मार्केट प्राइस (₹1,32,845) से कहीं ज्यादा है.
Elcid की इस उछाल के पीछे कंपनी के बिजनेस में कोई बड़ा बदलाव नहीं था. यह उछाल रेग्युलेटरी कदम और बाजार की डिमांड-सप्लाई के असंतुलन का नतीजा था. NSE और BSE पर सिर्फ 1,300 शेयरों का लेनदेन हुआ, लेकिन इतनी कम वॉल्यूम में भी डिमांड ज्यादा होने से शेयर का भाव आसमान छू गया.
ऑक्शन से पहले कंपनी की बुक वैल्यू प्रति शेयर करीब ₹4 लाख थी. इसका मतलब यह है कि ₹3-4 के भाव पर ट्रेड हो रहा शेयर अपनी वास्तविक कीमत के मुकाबले बेहद सस्ता था. Elcid के पास Asian Paints के अलावा भी कई लिस्टेड और अनलिस्टेड कंपनियों में निवेश है.
Elcid की कहानी यह सिखाती है कि बाजार में छिपी वैल्यू को सही समय पर पहचानना और धैर्य रखना कितना जरूरी है. जिन निवेशकों ने सालों पहले इसमें निवेश किया था, उनका पैसा हजारों गुना बढ़ा.
Q1. Elcid Investments Ltd का शेयर कभी ₹3 पर क्यों ट्रेड हो रहा था?
A1. कंपनी का ट्रेडिंग वॉल्यूम बेहद कम था और निवेशकों का ध्यान इस पर नहीं गया, जिससे यह शेयर अपनी वास्तविक वैल्यू से काफी नीचे ट्रेड कर रहा था.
Q2. Elcid Investments Ltd का शेयर ₹3 लाख तक कैसे पहुंचा?
A2. 2024 में SEBI के स्पेशल कॉल ऑक्शन ने इसकी छिपी वैल्यू को उजागर किया, जिससे शेयर का भाव ₹3.53 से ₹2,36,250 तक पहुंच गया.
Q3. कंपनी की सबसे बड़ी ताकत क्या है?
A3. Elcid Investments के पास Asian Paints में 2.95% हिस्सेदारी है, जिसकी वैल्यू ₹7,000 करोड़ से अधिक है.
Q4. Elcid Investments का वर्तमान भाव और बुक वैल्यू क्या है?
A4. 2 सितंबर 2025 को इसका भाव ₹1,32,845 है, जबकि बुक वैल्यू ₹4,58,426 प्रति शेयर है.
Q5. क्या यह शेयर निवेश के लिए सुरक्षित है?
A5. इसकी अस्थिरता और कम वॉल्यूम इसे जोखिमभरा निवेश बनाते हैं, हालांकि इसमें लंबी अवधि में वैल्यू है.
(डिस्क्लेमर: यहां स्टॉक्स में निवेश की सलाह ब्रोकरेज हाउस द्वारा दी गई है. ये जी बिजनेस के विचार नहीं हैं. निवेश से पहले अपने एडवाइजर से परामर्श कर लें.)
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