5 प्वाइंट में समझिए... किन लोगों के लिए खतरनाक है विदेशी बाजार में पैसा लगाना?

आज हम आपको रिटेल निवेशक के नजरिए से विदेशी बाजार की हकीकत के बारे में बताने वाले हैं कि अगर आप एक छोटे निवेशक हैं, आपके पास छोटा फंड है तो क्या आपके लिए इंडिया से बाहर इंवेस्ट करना ठीक है?
5 प्वाइंट में समझिए... किन लोगों के लिए खतरनाक है विदेशी बाजार में पैसा लगाना?

डोनाल्ड ट्रंप के शपथ लेते ही निवेशक अमेरिकी बाजार में पैसा लगाने के बारे में सोचना शुरू कर चुके हैं. यहां सवाल ये खड़ा हो रहा है कि अगर आपको विदेशी बाजार में पैसा लगाना हो तो किन बातों का ध्यान रखना होगा? आज हम आपको रिटेल निवेशक के नजरिए से विदेशी बाजार की हकीकत के बारे में बताने वाले हैं कि अगर आप एक छोटे निवेशक हैं, आपके पास छोटा फंड है तो क्या आपके लिए इंडिया से बाहर इंवेस्ट करना ठीक है?

1. करेंसी को लेकर रिस्क ज्यादा

अगर आप एक छोटे निवेशक हैं और इंटरनेशनल म्यूचुअल फंड के जरिए विदेशी बाजार में एंट्री का सोच रहे हैं तो आपको पता होना चाहिए कि अंतरराष्ट्रीय म्यूचुअल फंड में सबसे बड़ा जोखिम मुद्रा विनिमय दरों में उतार-चढ़ाव का होता है. यदि भारतीय रुपया विदेशी मुद्राओं की तुलना में मजबूत हो जाता है, तो विदेशी बाजारों में किया गया निवेश कम रिटर्न दे सकता है.

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2. पॉलिटिकल और इकोनॉमिक प्रॉब्लम

विदेशी बाजार राजनीतिक अस्थिरता, आर्थिक मंदी और भू-राजनीतिक तनाव से प्रभावित हो सकते हैं. ऐसी परिस्थितियां निवेशकों के रिटर्न को नकारात्मक रूप से प्रभावित कर सकती हैं. उदाहरण के लिए, किसी देश में सरकार बदलने या नीतिगत परिवर्तनों का निवेशकों के लिए गंभीर प्रभाव हो सकता है. हाल के इसके दो बड़े उदाहरण हैं. पहला अमेरिकी चुनाव में सत्ता का परिवर्तन होना. दूसरा दो अलग-अलग मोर्चे पर महायुद्ध का लड़ा जाना. ये घटनाएं सीधा बाजार को प्रभावति करती हैं.

3. निवेश पर आने वाली अधिक लागत

अंतरराष्ट्रीय म्यूचुअल फंड्स में निवेश पर अधिक खर्च हो सकता है. विदेशी बाजारों में निवेश के लिए मुद्रा विनिमय शुल्क, विदेशी कस्टडी शुल्क और अन्य खर्चों के कारण इन फंड्स के खर्च अनुपात (Expense Ratio) आमतौर पर घरेलू फंड्स की तुलना में अधिक होते हैं.

4. बाजार में मौजूद जटिलता (Complexity)

विदेशी बाजारों में निवेश करना घरेलू बाजारों की तुलना में अधिक जटिल हो सकता है. निवेशकों को विदेशी बाजारों की विशेषताओं, अलग-अलग लेखा मानकों, नियामक ढांचे और टैक्स सिस्टम को समझना आवश्यक होता है. यह प्रक्रिया नए निवेशकों के लिए चुनौतीपूर्ण हो सकती है.

5. टैक्सेशन की समझ

अंतरराष्ट्रीय म्यूचुअल फंड्स पर टैक्स सिस्टम घरेलू फंड्स से अलग और कभी-कभी कम अनुकूल हो सकती है. निवेशकों को टैक्स की जटिलताओं और टैक्स कानूनों में होने वाले परिवर्तनों के बारे में जानकारी होनी चाहिए, जो उनके निवेश पर प्रभाव डाल सकते हैं.

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