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Dixon Tech शेयर प्राइस में जोरदार रैली. (Image: AI Generated)
Dixon Tech Share Price: शेयर बाजार में दो दिनों की गिरावट के बाद मंगलवार को बाजार में शानदार तेजी लौटती नजर आई. और इस बीच एक स्टॉक दिनभर फोकस में रहा क्योंकि इसने जबरदस्त रैली दिखाई. इलेक्ट्रॉनिक मैन्युफैक्चरिंग सेक्टर की दिग्गज कंपनी Dixon Technologies का शेयर आज के कारोबार में 12% तक चढ़ गया. कंपनी को आईटी मंत्रालय से एक जॉइंट वेंचर को लेकर मंजूरी मिली है, सरकार ने कंपनी के HKC Overseas के साथ जॉइंट वेंचर (JV) को मंजूरी दे दी है. और इसे लेकर ब्रोकरेज बुलिश नजर आए. जिसके चलते निवेशकों में इसे लेकर खरीदारी का उत्साह दिखा.
स्टॉक ने कारोबार के दौरान ₹10,400 पर ओपन होकर ₹11,062 का हाई बनाया, जबकि दिन का लो करीब ₹10,165 रहा. इससे पहले शेयर का पिछला क्लोज ₹9,805 था. हालांकि शेयर अभी भी अपने 52 हफ्ते के हाई ₹18,471 से काफी नीचे है, जबकि 52 हफ्ते का लो ₹9,620 रहा है. आज इसकी क्लोजिंग 10,918 रुपये पर हुई.
कंपनी को HKC Overseas के साथ जॉइंट वेंचर के लिए सरकार से मंजूरी मिल गई है. यह मंजूरी MIETY (Ministry of Electronics and Information Technology) की ओर से दी गई है. JV के तहत Dixon की 74% हिस्सेदारी होगी. HKC Overseas की 26% हिस्सेदारी रहेगी. यह JV Dixon Display Technologies में हिस्सेदारी खरीदने के लिए बनाया गया है. इस डील को लेकर बाजार में लंबे समय से इंतजार किया जा रहा था. मंजूरी मिलने के बाद कंपनी के डिस्प्ले मॉड्यूल बिजनेस को बड़ा बूस्ट मिलने की उम्मीद है.
कंपनी पिछले कुछ समय से Backward Integration पर लगातार फोकस कर रही है. डिस्प्ले मॉड्यूल जैसे कंपोनेंट्स को खुद बनाने से लागत पर बेहतर नियंत्रण और मार्जिन में सुधार हो सकता है.
एनालिस्ट्स का मानना है कि:
ग्लोबल सप्लाई चेन में बदलाव का फायदा भी Dixon जैसी कंपनियों को मिल रहा है. अब Apple की करीब 25% मैन्युफैक्चरिंग भारत में हो रही है. अमेरिका-चीन ट्रेड तनाव के चलते Apple की भारत में मैन्युफैक्चरिंग करीब 53% बढ़ी. iPhone का प्रोडक्शन 36 मिलियन यूनिट से बढ़कर 55 मिलियन यूनिट तक पहुंच गया है. इस ट्रेंड से भारत के इलेक्ट्रॉनिक्स मैन्युफैक्चरिंग इकोसिस्टम को फायदा मिल रहा है.
LIVE TV:
1. JP Morgan ने स्टॉक पर Overweight की रेटिंग बरकरार रखी है. हालांकि टारगेट प्राइस को ₹13,700 से घटाकर ₹13,000 किया गया है.
क्या कहा?: ब्रोकरेज का कहना है कि HKC JV की मंजूरी मिलने से Vivo JV की मंजूरी की संभावना भी बढ़ गई है. हालांकि मेमोरी की बढ़ती कीमतों के कारण मोबाइल वॉल्यूम के अनुमान घटाए गए हैं, जिससे FY27-28 के लिए EPS में 13-14% कटौती की गई है. इसके बावजूद ब्रोकरेज को FY26 से FY28 के बीच करीब 36% अर्निंग्स CAGR की उम्मीद है.
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2. Jefferies ने स्टॉक पर Hold की रेटिंग बरकरार रखते हुए ₹11,350 का टारगेट दिया है.
क्या कहा?: ब्रोकरेज के मुताबिक पिछले 6 महीनों में शेयर करीब 40% गिर चुका है, लेकिन इसके बावजूद यह FY27 के अनुमानित PE के करीब 47 गुना पर ट्रेड कर रहा है. इसके अलावा वैश्विक स्मार्टफोन शिपमेंट में गिरावट और मेमोरी कीमतों में तेजी से भी दबाव बना रह सकता है.
3. Nomura ने स्टॉक पर Buy की रेटिंग बरकरार रखते हुए ₹14,678 का टारगेट प्राइस दिया है, जोकि मौजूदा भाव से 33% ऊपर का अपसाइड पोटेंशियल है.
क्या कहा?: ब्रोकरेज के मुताबिक डिस्प्ले मॉड्यूल में बैकवर्ड इंटीग्रेशन से कंपनी के मार्जिन को स्ट्रक्चरल सपोर्ट मिलेगा. कंपनी का डिस्प्ले प्लांट पहले से निर्माणाधीन है और FY27 की दूसरी तिमाही में ट्रायल शुरू हो सकते हैं, जबकि FY27 की दूसरी छमाही में प्रोडक्शन बढ़ने की उम्मीद है.
| Brokerage | Rating | Target Price (₹) | View |
| JP Morgan | Overweight | 13,000 | HKC JV से ग्रोथ की संभावना, FY26-28 में मजबूत अर्निंग्स CAGR की उम्मीद |
| Jefferies | Hold | 11,350 | वैल्यूएशन हाई, स्मार्टफोन शिपमेंट और मेमोरी कीमतों से दबाव की आशंका |
| Nomura | Buy | 14,678 | डिस्प्ले मॉड्यूल में बैकवर्ड इंटीग्रेशन से मार्जिन और कमाई में सुधार की उम्मीद |
कुल मिलाकर HKC के साथ JV को मंजूरी मिलना Dixon Technologies के लिए बड़ा रणनीतिक कदम माना जा रहा है. डिस्प्ले मॉड्यूल जैसे कंपोनेंट्स में एंट्री से कंपनी की सप्लाई चेन मजबूत होगी और आगे के वर्षों में मार्जिन और कमाई दोनों को सपोर्ट मिल सकता है.
1. Dixon Technologies के शेयर में तेजी क्यों आई?
कंपनी को HKC Overseas के साथ जॉइंट वेंचर के लिए इलेक्ट्रॉनिक्स और आईटी मंत्रालय (MIETY) से मंजूरी मिल गई है.
2. HKC Overseas के साथ JV का कंपनी को क्या फायदा होगा?
इस जॉइंट वेंचर के जरिए Dixon डिस्प्ले मॉड्यूल बिजनेस में मजबूत एंट्री कर सकेगी. इससे कंपनी को बैकवर्ड इंटीग्रेशन का फायदा मिलेगा और आगे मार्जिन बेहतर होने की संभावना है.
3. Dixon Technologies का ग्रोथ आउटलुक कैसा माना जा रहा है?
एनालिस्ट्स के मुताबिक FY25 से FY28 के बीच कंपनी का रेवेन्यू करीब 36% CAGR से बढ़ सकता है, जबकि EBITDA करीब 48% की दर से बढ़ने का अनुमान है.
4. Apple की मैन्युफैक्चरिंग शिफ्ट से Dixon को कैसे फायदा मिल सकता है?
ग्लोबल सप्लाई चेन बदलाव के चलते Apple अपनी मैन्युफैक्चरिंग का बड़ा हिस्सा भारत में बढ़ा रहा है. इससे देश के इलेक्ट्रॉनिक्स मैन्युफैक्चरिंग इकोसिस्टम को फायदा मिल सकता है, जिसमें Dixon भी शामिल है.
5. ब्रोकरेज हाउस Dixon Technologies को लेकर क्या कह रहे हैं?
कुछ ब्रोकरेज जैसे JP Morgan और Nomura स्टॉक पर सकारात्मक हैं और आगे ग्रोथ की उम्मीद जता रहे हैं, जबकि Jefferies ने वैल्यूएशन को देखते हुए फिलहाल Hold की सलाह दी है.
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