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Defence Stocks: भारत-पाकिस्तान के बीच तनाव और सीज़फायर के बाद शेयर बाजार में डिफेंस सेक्टर फोकस में है. Defence Stocks में रैली देखने को मिल ही है. डिफेंस सेक्टर में भारत ने भी जबरदस्त छलांग लगाई है और इस तनाव से एक चीज साफ हो गई है कि भारत इस सेक्टर में आत्मनिर्भरता की ओर तेज़ी से कदम बढ़ा रहा है. ऐसे में डिफेंस सेक्टर इन दिनों निवेशकों के लिए आकर्षण का केंद्र बना हुआ है.
बीते एक महीने में निफ्टी इंडिया डिफेंस इंडेक्स ने 18.5% का शानदार रिटर्न दिया है, जबकि निफ्टी 50 ने इसी अवधि में 7.6% की बढ़त दर्ज की. यह अंतर दिखाता है कि डिफेंस सेक्टर ने बाजार से बेहतर प्रदर्शन किया है.
| कंपनी का नाम | एक महीने में रिटर्न |
| Bharat Dynamics | 32% |
| Mishra Dhatu Nigam | 28% |
| Astra Microwave | 24% |
| Mazagon Dock | 23.00% |
| Bharat Electronics | 18.00% |
| Garden Reach Shipbuilders | 18% |
| HAL | 12% |
| Cochin Shipyard | 12% |
| BEML | 9% |
| Zen Technologies | 6% |
ये आंकड़े दिखाते हैं कि निवेशकों का भरोसा इस सेक्टर में लगातार बढ़ रहा है, खासकर आत्मनिर्भर भारत अभियान के तहत सरकार की नीति-सुधारों के चलते.
2014-15 में भारत अपनी 65-70% डिफेंस ज़रूरतों के लिए आयात पर निर्भर था. लेकिन अब यह तस्वीर पूरी तरह बदल चुकी है. आज 65% से अधिक डिफेंस इक्विपमेंट देश में ही बनाए जा रहे हैं. डिफेंस प्रोडक्शन और एक्सपोर्ट दोनों ही रिकॉर्ड स्तर पर पहुंच चुके हैं.
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| 2023-24 |
डिफेंस एक्सपोर्ट में 34 गुना से ज्यादा की वृद्धि हुई है, जो भारत की उत्पादन क्षमता और वैश्विक प्रतिस्पर्धा में हिस्सेदारी को दर्शाता है.
भारत का डिफेंस बजट भी 2013-14 की तुलना में ढाई गुना बढ़कर अब ₹6.8 लाख करोड़ पर पहुंच चुका है. वित्त वर्ष 2024-25 में हुए कुल 193 रक्षा अनुबंधों में से 92% यानी 177 कॉन्ट्रैक्ट घरेलू कंपनियों को मिले हैं, जो स्पष्ट संकेत है कि सरकार देश की इंडस्ट्री को प्राथमिकता दे रही है. सरकार ने 2029 तक ₹3 लाख करोड़ के डिफेंस प्रोडक्शन और ₹50,000 करोड़ के एक्सपोर्ट का लक्ष्य तय किया है, जिसे हासिल करने के लिए नीतिगत और ढांचागत सुधार तेजी से किए जा रहे हैं.
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डिफेंस सेक्टर में भारत का औद्योगिक ढांचा लगातार सुदृढ़ हो रहा है:
यह औद्योगिक आधार न केवल उत्पादन क्षमता को बढ़ाता है, बल्कि देश में रोजगार और तकनीकी नवाचार को भी मजबूती देता है.