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IT सेक्टर की मिडकैप कंपनी Coforge अपनी आक्रामक ग्रोथ स्ट्रेटजी के लिए चर्चा में है. वैश्विक ब्रोकरेज फर्म HSBC ने कंपनी पर ‘Hold’ रेटिंग बरकरार रखी है और ₹1,850 का टारगेट प्राइस तय किया है.
HSBC का मानना है कि Coforge की तेज़ी से बढ़ती डील्स और अधिग्रहण रणनीति कंपनी को लॉन्ग टर्म में मजबूती दे सकती है, लेकिन इसके साथ जुड़े वित्तीय जोखिमों को नज़रअंदाज़ नहीं किया जा सकता.
वित्त वर्ष 2024-25 Coforge के लिए ऐतिहासिक रहा. कंपनी ने 30% की स्थिर मुद्रा (Constant Currency) ग्रोथ दर्ज की और उसका ऑर्डर बुक $3.5 बिलियन के ऑल टाइम हाई पर पहुंच गया. इसके अलावा, Coforge ने इस साल कई बड़े कदम उठाए, जिनमें Cigniti Technologies का अधिग्रहण और $1.56 बिलियन का Sabre डील शामिल हैं.
हालांकि, HSBC का कहना है कि इस तेज़ ग्रोथ की कीमत Coforge को अपने बैलेंस शीट पर भारी निवेश के रूप में चुकानी पड़ी. कंपनी ने डेटा सेंटर और नई डील्स में अग्रिम छूट देने पर बड़े पैमाने पर पूंजी खर्च किया, जिससे फ्री कैश फ्लो (FCF) में भारी गिरावट आई.
HSBC के मुताबिक Coforge का रेवेन्यू पिछले 8 सालों में लगभग 17% CAGR की दर से बढ़ा है. कंपनी के मैनेजमेंट को उम्मीद है कि FY26 और आगे के वर्षों में यह ग्रोथ और तेज होगी. हालांकि, ब्रोकरेज ने यह भी चेतावनी दी है कि Sabre डील और अग्रिम छूट देने जैसी रणनीतियां वित्तीय जोखिम पैदा कर सकती हैं. Sabre की मौजूदा परिचालन चुनौतियों को देखते हुए यह डील कंपनी के लिए जटिल साबित हो सकती है.
Coforge ने हाल के वर्षों में कैपिटल एक्सपेंडिचर (Capex) में तगड़ी बढ़ोतरी की है. FY20 में जहां कंपनी का FCF कन्वर्ज़न रेट लगभग 15% था, वहीं FY25 में यह घटकर 5% के करीब रह गया. इसका कारण डेटा सेंटर जैसे इंफ्रास्ट्रक्चर प्रोजेक्ट्स और ग्राहकों को दी गई अग्रिम छूट है. HSBC का मानना है कि आने वाले वर्षों में कैपेक्स का स्तर ऊंचा बना रहेगा, जिससे FCF में तेज़ सुधार की संभावना कम है.
Coforge का आर्टिफिशियल इंटेलिजेंस (AI) पर फोकस इंडस्ट्री मानकों के अनुरूप है. कंपनी डिलीवरी मॉडल और इंटरनल ऑपरेशंस में AI का इस्तेमाल कर रही है ताकि एफिशिएंसी बढ़ाई जा सके. HSBC का मानना है कि Coforge की सफलता इस पर निर्भर करेगी कि वह AI का कितना प्रभावी तरीके से इस्तेमाल कर पाती है.
HSBC ने कहा कि Coforge FY27 तक $2 बिलियन के रेवेन्यू तक पहुंच सकती है, लेकिन इसके लिए वित्तीय अनुशासन बनाए रखना जरूरी होगा. फिलहाल, HSBC का ‘होल्ड’ रेटिंग बनाए रखना यह दिखाता है कि कंपनी के पास ग्रोथ के अवसर तो हैं, लेकिन जोखिम भी कम नहीं.
Coforge आईटी सेक्टर में एक मजबूत और ग्रोथ-ओरिएंटेड कंपनी है, लेकिन इसके आक्रामक विस्तार की रणनीति और भारी निवेश इसे जोखिम भरा बनाते हैं. निवेशकों के लिए यह रिपोर्ट संकेत देती है कि कंपनी का वर्तमान मूल्यांकन आकर्षक है, लेकिन बड़े रिटर्न की उम्मीद करने से पहले वित्तीय स्थिरता पर नजर रखना जरूरी है.
Q1. HSBC ने Coforge पर क्या रेटिंग दी है?
HSBC ने Coforge पर ‘होल्ड’ रेटिंग बरकरार रखी है और इसका लक्ष्य मूल्य ₹1,850 तय किया है.
Q2. Coforge की FY25 में ग्रोथ कितनी रही?
कंपनी ने FY25 में 30% की स्थिर मुद्रा ग्रोथ दर्ज की और $3.5 बिलियन का ऑर्डर बुक हासिल किया.
Q3. Sabre डील क्या है और इससे क्या जोखिम हैं?
Sabre के साथ Coforge ने $1.56 बिलियन का 13 साल का डील किया है. HSBC का कहना है कि Sabre की मौजूदा चुनौतियां इस डील को जोखिम भरा बनाती हैं.
Q4. Coforge का फ्री कैश फ्लो (FCF) क्यों घटा?
भारी कैपेक्स निवेश और अग्रिम छूट देने की रणनीति के कारण Coforge का FCF FY20 के 15% से घटकर FY25 में 5% के करीब पहुंच गया.
Q5. HSBC का Coforge के लिए भविष्य का अनुमान क्या है?
HSBC का अनुमान है कि Coforge FY27 तक $2 बिलियन रेवेन्यू तक पहुंच सकती है, लेकिन कैपेक्स और जोखिम प्रबंधन अहम रहेंगे.
(डिस्क्लेमर: यहां स्टॉक्स में निवेश की सलाह ब्रोकरेज हाउस द्वारा दी गई है. ये जी बिजनेस के विचार नहीं हैं. निवेश से पहले अपने एडवाइजर से परामर्श कर लें.)
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