अमेरिका का एक कदम और भारतीय IT सेक्टर में फिर से आ जाएगा बूम! पोर्टफोलियो में शामिल कर लीजिए ये 2 शेयर

ग्लोबल ब्रोकरेज हाउस CLSA ने भारतीय IT सेक्टर पर अपना सकारात्मक रुख दोहराया है. रिपोर्ट में कहा गया है कि अमेरिका अगले 12-18 महीनों में ब्याज दरों में 75 बेसिस प्वॉइंट तक की कटौती कर सकता है, जिससे भारतीय IT कंपनियों के वैल्यूएशन मल्टीपल्स में 10-15% की बढ़ोतरी संभव है.
अमेरिका का एक कदम और भारतीय IT सेक्टर में फिर से आ जाएगा बूम! पोर्टफोलियो में शामिल कर लीजिए ये 2 शेयर

भारतीय IT सेक्टर आने वाले समय में निवेशकों के लिए सुनहरा अवसर लेकर आ सकते हैं. ग्लोबल ब्रोकरेज CLSA की ताज़ा रिपोर्ट के मुताबिक, अमेरिका अगले 1-1.5 वर्षों में 75 बेसिस प्वॉइंट तक की ब्याज दरों में कटौती कर सकता है. इसका सीधा असर भारतीय IT सेक्टर के वैल्यूएशन मल्टीपल्स पर पड़ेगा और इनमें 10-15% तक का इजाफा देखने को मिल सकता है.

ब्याज दरों में कटौती न केवल IT सेक्टर के लिए बल्कि रियल एस्टेट, यूटिलिटीज, मटेरियल्स, स्टेपल्स और एनर्जी सेक्टर जैसी इंडस्ट्रीज के लिए भी मांग में तेजी ला सकती है. CLSA का मानना है कि इस पॉलिसी बदलाव से IT कंपनियों की ग्रोथ रफ्तार एक बार फिर तेज होगी.

भारतीय IT सेक्टर पर CLSA

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CLSA ने अपनी रिपोर्ट में भारतीय IT सेक्टर के आकर्षक वैल्यूएशंस पर जोर दिया है. रिपोर्ट के मुताबिक, IT कंपनियां डिजिटल ट्रांसफॉर्मेशन और क्लाउड टेक्नोलॉजी में निरंतर निवेश कर रही हैं, जिससे उनकी लॉन्ग टर्म विकास संभावनाएं मजबूत बनी हुई हैं.

ब्रोकरेज ने यह भी कहा कि पिछले कुछ महीनों में IT कंपनियों के वैल्यूएशन स्तर आकर्षक हुए हैं. ब्याज दरों में कमी का लाभ इन कंपनियों के स्टॉक प्राइस में तेजी के रूप में देखने को मिलेगा.

इन दो शेयरों पर है CLSA का सबसे ज्यादा भरोसा

Persistent Systems (PSYS)

Persistent Systems को CLSA ने HC O-PF (High Conviction Outperform) रेटिंग दी है. कंपनी का मजबूत डिजिटल ट्रांसफॉर्मेशन पोर्टफोलियो, प्रोडक्ट इंजीनियरिंग सर्विसेज में बढ़ती पकड़ और BFSI सेक्टर में मजबूत उपस्थिति इसे एक बेहतरीन ग्रोथ स्टॉक बनाती है.

Tech Mahindra (TechM)

Tech Mahindra भी CLSA की हाई कन्विक्शन लिस्ट में शामिल है. कंपनी का 5G, क्लाउड और एंटरप्राइज डिजिटल सॉल्यूशंस पर फोकस इसे लॉन्ग टर्म विकास के लिए तैयार कर रहा है. इसके अलावा CLSA ने TCS, Infosys, HCLTech और Wipro को आउटकर्फॉर्म (O-PF) रेटिंग दी है और LTIMindtree (LTIM) पर Hold रेटिंग बनाए रखी है.

अमेरिकी नीतियों का भारतीय IT पर असर

अमेरिकी फेडरल रिजर्व द्वारा ब्याज दरों में कटौती का सीधा असर ग्लोबल कैपेक्स और डिस्क्रेशनरी खर्च पर होगा. CLSA का मानना है कि कंपनियां फिर से टेक्नोलॉजी प्रोजेक्ट्स और डिजिटल ट्रांसफॉर्मेशन में निवेश बढ़ा सकती हैं. इसका लाभ भारतीय IT कंपनियों को मिलेगा, क्योंकि उनका बड़ा हिस्सा अमेरिकी ग्राहकों से आता है. IT सेक्टर में डील वॉल्यूम, नई प्रोजेक्ट साइनिंग और रिन्यूअल्स में भी तेजी देखी जा सकती है.

निवेशकों के लिए रणनीति

वर्तमान में IT सेक्टर आकर्षक वैल्यूएशन पर ट्रेड कर रहा है. CLSA की रिपोर्ट निवेशकों को संकेत देती है कि यह समय IT स्टॉक्स में लंबी अवधि के लिए निवेश का अच्छा अवसर हो सकता है. Persistent Systems और Tech Mahindra जैसे स्टॉक्स भविष्य में मजबूत रिटर्न दे सकते हैं, जबकि TCS और Infosys जैसी बड़ी कंपनियां स्थिरता और मजबूत डिविडेंड यील्ड प्रदान करती हैं.

खबर से जुड़े 5 FAQs

CLSA अमेरिकी ब्याज दरों में कितनी कटौती की उम्मीद कर रहा है?

CLSA का अनुमान है कि अमेरिका अगले 12-18 महीनों में 75 बेसिस प्वॉइंट तक की ब्याज दरों में कटौती करेगा.

भारतीय IT सेक्टर पर इसका क्या असर होगा?

ब्याज दरों में कटौती से IT कंपनियों के वैल्यूएशन मल्टीपल्स में 10-15% तक की वृद्धि हो सकती है.

CLSA की हाई कन्विक्शन लिस्ट में कौन-से स्टॉक्स हैं?

Persistent Systems (PSYS) और Tech Mahindra (TechM).

अन्य IT कंपनियों पर CLSA का रुख क्या है?

TCS, Infosys, HCLTech और Wipro पर आउटकर्फॉर्म रेटिंग और LTIMindtree पर Hold रेटिंग.

अभी IT स्टॉक्स में निवेश क्यों करें?

आकर्षक वैल्यूएशन, ब्याज दरों में कटौती और डिजिटल ट्रांसफॉर्मेशन की मजबूत मांग इसे एक अच्छा निवेश अवसर बनाते हैं.

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