मध्यपूर्व में चल रहे तनाव के कारण शेयर बाजार में चल रही भारी गिरावट पर मंगलवार को ब्रेक लगा है. इस बीच ग्लोबल ब्रोकरेज हाउस ने कई प्रमुख सेक्टर्स और लार्ज कैप से लेकर मिड कैप कंपनियों पर रेटिंग, टारगेट प्राइस जारी किए हैं. इंडिगो के सीईओ के इस्तीफे के बाद यह एविएशन स्टॉक कई ब्रोकरेज के रडार पर है. इसके अलावा बैंकिंग सेक्टर में निवेशकों की हालिया चिंताओं के बावजूद CLSA ने HDFC और ICICI बैंक पर बुलिश नजरिया पेश किया है. अमेरिकी बाजार के घटनाक्रम का सीधा असर फार्मा सेक्टर में देखने को मिला है. कैपिटल गुड्स सेक्टर की कंपनियों के वैल्युएशन और ग्रोथ आउटलुक के आधार पर ब्रोकरेज ने अपनी रेटिंग में बदलाव किया है.
इंडिगो पर तीन ब्रोकरेज बुलिश
मंगलवार को इंडिगो के सीईओ पीटर एल्बर्स ने अचानक इस्तीफा दे दिया था. इसके बाद को-फाउंडर राहुल भाटिया ने अंतरिम प्रभार संभाला है. इंडिगो पर तीन ब्रोकरेज ने अपनी राय दी है.
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इंडिगो ने बढ़ाया अपना इंटरनेशनल ऑपरेशन्स
- जेफरीज के मुताबिक एल्बर्स की लीडरशिप में इंडिगो ने अपने इंटरनेशनल ऑपरेशन्स को बढ़ाया और नई कस्टमर सर्विसेज लॉन्च की है. ऐतिहासिक तौर पर कंपनी का लीडरशिप ट्रांजिशन अच्छे रहे हैं.
- जेफरीज के मुताबिक मध्यपूर्व में चल रहे तनाव, समर शेड्यूल पर सपष्टता और नए सीईओ के चुनाव जैसे कारक पर भविष्य की नजर होगी.
- UBS के मुताबिक एयर इंडिया द्वारा हवाई टिकट की कीमतें बढ़ाने के कदम से इंडिगो को भी कीमतें बढ़ाने का मौका मिल सकता है. ब्रोकरेज के मुताबिक इंडस्ट्री के दबाव के वक्त बड़ी कंपनियों का कॉम्पिटिटिव एडवांटेज ज्यादा मजबूत होता है.
- HSBC ने सईओ के इस्तीफे का कारण निजी बताया है, लेकिन ब्रोकरेज के मुताबिक इसका कारण दिसंबर में हुई घटना हो सकती है.
- HSBC का मानना है कि इंडिगो की रणनीति में कोई बड़े बदलाव की उम्मीद नहीं है. राहुल भाटिया का पूरा फोकस फिलहाल ऑपरेशनल एफिशियंसी बनाए रखने पर होगा.
Indigo पर ब्रोकरेज की रेटिंग और टारगेट प्राइस
| ब्रोकरेज हाउस | मौजूदा भाव (रु) | रेटिंग | नया टारगेट (रु) |
| Jefferies | 4380 | Maintain Buy | 6140 |
| UBS | 4380 | Maintain Buy | 5480 |
| HSBC | 4380 | Maintain Buy | 5860 |
बैंकिंग सेक्टर पर CLSA बुलिश
ब्रोकरेज हाउस CLSA बैंकिंग सेक्टर की दो बड़ी कंपनियों HDFC और ICICI पर अपना भरोसा कायम रखा है. उनके मुतबिक इन शेयरों में भले ही फिलहाल 5 से 15 फीसदी की गिरावट है लेकिन, अगले एक साल में 25 फीसदी से ज्यादा का रिटर्न मिल सकता है.
फार्मा सेक्टर पर क्या है ब्रोकरेज की राय
- HDFC बैंक के लिए निवेशकों की लोन टू डिपॉजिट रेशियो (LDR) पर चिताएं कम होगी और कोर PPOP में वित्त वर्ष 26 से वित्त वर्ष 2028 के दौरान 18 फीसदी CAGR (वित्त वर्ष 24-26 के 12 फीसदी मुकाबले) की उम्मीद है.
- शेयर अभी 1.8xPB और 13xP/E पर ट्रेड कर रहा है. ICICI बैंक में रिटेल लोन ग्रोथ मौजूदा 7 फीसदी से बढ़ने पर ओवरऑल ग्रोथ को रफ्तार मिलेगी. ICICI 2x PB और 14x PE पर ट्रेड कर रहा है. दोनों में री-रेटिंग की कैपिसिटी है.
- फार्मा सेक्टर की बात करें तो HSBC ने ग्लेनमार्क के टारगेट में बढ़ोतरी की है. कंपनी के इनहेलर को मिली US FDA की मंजूरी कंपनी की अमेरिकी सेल्स सुधारने में एक अहम कदम है.
- Morgan Stanley ने CIPLA पर अपना दांव हल्का किया है. Lanerotide इंजेक्शन बैचेस के रिकॉल से अमेरिकी मार्केट में सप्लाई फिलहाल प्रभावित हुई है.
- कंपनी के टॉप 3 अमेरिकी प्रोडक्ट्स में से एक है, जिससे मार्केट शेयर का नुकसान और वित्त वर्ष 2027 और 2028 की कमाई पर जोखिम है.
बैंकिंग और फार्मा शेयरों पर ब्रोकरेज की रेटिंग और टारगेट प्राइस
| शेयर का नाम | ब्रोकरेज हाउस | मौजूदा भाव (रु) | रेटिंग | नया टारगेट (रु) | पुराना टारगेट (रु) |
| HDFC Bank | CLSA | 2225 | Maintain Buy | 2600 | 2260 |
| ICICI Bank | CLSA | 849 | Maintain Accumulate | 1200 | - |
| ग्लेनमार्क | HSBC | 1311 | Maintain Accumulate | 1700 | - |
| Cipla | Morgan Stanley | 1333 | Maintain Underweight | 1211 | - |
कोल सेक्टर, इंफ्रा और रियल एस्टेट कंपनियों पर ब्रोकरेज की राय
कोल सेक्टर की सरकारी पीएसयू कोल इंडिया का जेफरीज ने टारगेट बढ़ाया है. पावर डिमांड के बढ़ने और ग्लोबल मार्केट में कोयले की ऊंची कीमतों से आउटलुक बेहतर हुआ है.
- वित्त वर्ष 2024 से 2026 मे 21 फीसदी EPS गिरावट के बाद वित्त वर्ष 2026 से 2028 में 9 फीसदी CAGR की उम्मीद है.
- UBS ने इंफ्रास्ट्रक्चर सेक्टर की कंपनी L&T का टारगेट घटाया है. डोमेस्टिक एग्जीक्यूशन की समस्याओं और मिडिल ईस्ट में नॉन एनर्जी इंफ्रा के जोखिम के कारण UBS ने यह कदम उठाया है.
- UBS ने बजाज ऑटो के शेयर को बेचने यानी SELL रेटिंग की सलाह दी है. महाराष्ट्र में कंपनी का तीन पहिया (ICE 3W) में 87 फीसदी मार्केट शेयर है. ICE 3W में 30 फीसदी से ज्यादा मार्जिन है. ऐसे में यहां के बदलावों का प्रॉफिटिबिलिटी में सीधा असर पड़ता है.
- रियल एस्टेट कंपनी गोदरेज प्रॉपर्टीज पर जेफरीज ने खरीदने की सलाह दी है. वहीं, क्विक सर्विस रेस्टोरेंट (QSR) की कंपनी जुबलिएंट फूडवर्क्स और दिव्यानी इंटरनेशनल के टारगेट प्राइस को Goldman Sachs ने घटाया है.
ऑटो, इन्फ्रा, रियल एस्टेट और अन्य शेयरों पर ब्रोकरेज की राय
| शेयर का नाम | ब्रोकरेज हाउस | रेटिंग | मौजूदा भाव (रु) | नया टारगेट (रु) | पुराना टारगेट (रु) |
| कोल इंडिया | Jefferies | Maintain Buy | 443 | 485 | 450 |
| जुबिलेंट फूडवर्क्स | Goldman Sachs | Maintain Neutral | 482 | 530 | 580 |
| देवयानी इंटरनेशनल | Goldman Sachs | Maintain Buy | 110 | 140 | 160 |
| L&T | UBS | Maintain Neutral | 3876 | 4150 | 4500 |
| बजाज ऑटो | UBS | Maintain Sell | 9610 | 9015 | - |
| गोदरेज प्रॉपर्टीज | Jefferies | MaintainBuy | 1675 | 2700 | - |
| ASK Automotive | CLSA | Maintain Accumulate | 393 | 630 | - |
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