&format=webp&quality=medium)
न्यू एज कंपनियों के शेयरों पर आई ब्रोकरेज की राय, जानें ताजा अपडेट (फोटो- AI)
बाजार में कई न्यू एज कंपनियां लिस्टेड हैं. इनमें बड़े नाम जैसे Urban Company, Swiggy और Meesho के शेयर पर ब्रोकरेज की राय आई है. ग्लोबल ब्रोकरेज कंपनियों ने इन तीनों शेयर पर अपनी राय जारी की है. Swiggy और Meesho के शेयर पर तो अपसाइड टारगेट प्राइस दिख रहा है लेकिन Urban Company के शेयर पर टारगेट प्राइस बहुत ज्यादा नहीं हैं.
ऐसे में अगर आपके पोर्टफोलियो में तीनों या तीनों में से कोई एक स्टॉक है तो गुरुवार को बाजार खुलने से पहले ये जरूर जान लें कि ब्रोकरेज ने इन तीनों शेयरों पर क्या राय दी है?
| स्टॉक | ब्रोकरेज | रेटिंग | टारगेट प्राइस | संभावित रिटर्न |
| Urban Company | Morgan Stanley | अंडरवेट | 128 रुपए | 4.06% |
| Swiggy | Morgan Stanley | इक्विलवेट | 322 रुपए | 28.28% |
| Meesho | Morgan Stanley | इक्विलवेट | 190 रुपए | 8.57% |
ब्रोकरेज मॉर्गन स्टेनली ने अपनी रिपोर्ट में कहा कि कंज्यूमर सर्विसेज कारोबार छोटे-छोटे इलाकों (माइक्रो मार्केट) में अपनी मौजूदगी बढ़ाकर तेजी से ग्रोथ कर रहा है. UC Instant सस्ती सेवाओं के जरिए पार्टनर्स को ज्यादा काम दिला रहा है और ऑर्डर की संख्या बढ़ा रहा है. Instahelp अपने ऑपरेशन का विस्तार कर रहा है ताकि बाजार में अपनी हिस्सेदारी बढ़ा सके.
ये भी पढ़ें: Suzlon 2.0 रचेगी इतिहास! विंड टरबाइन कंपनी से 'फुल-स्टैक' दिग्गज बनने की तैयारी, FY31 तक 4 गुना ग्रोथ का मेगा प्लान
कंपनी का प्यूरिफायर बिजनेस 75% ग्राहकों को बनाए रखने में सफल रहा है और बेहतर मुनाफे का लक्ष्य रख रहा है. अंतरराष्ट्रीय कारोबार UAE और सिंगापुर में मुनाफे में है, जबकि सऊदी अरब का जॉइंट वेंचर अगले 3–4 तिमाहियों में ब्रेक-ईवन तक पहुंचने की उम्मीद है. कंपनी को उम्मीद है कि पूरे समूह का कारोबार FY28 की तीसरी तिमाही तक ब्रेक-ईवन पर पहुंच जाएगा.
मॉर्गन स्टेनली ने स्विगी के शेयर पर इक्विलवेट की राय दी. ब्रोकरेज का मानना है कि कंपनी ने फूड डिलीवरी कारोबार के लिए 18–20% ग्रोथ का अनुमान जताया है और इस सेगमेंट में मजबूत विस्तार की उम्मीद बनाए रखी है. कंपनी ‘Toing’ नाम के पायलट मॉडल की टेस्टिंग कर रही है, जिसमें औसत ऑर्डर वैल्यू कम रखी गई है. इसका आगे विस्तार यूनिट इकॉनॉमिक्स के प्रदर्शन पर निर्भर करेगा.
Zee Business Hindi Live TV यहां देखें
क्विक कॉमर्स कारोबार के लिए कंपनी ने 1 ट्रिलियन रुपये से अधिक नेट ऑर्डर वैल्यू हासिल करने और 4–5% EBITDA मार्जिन का लक्ष्य तय किया है. कंपनी ने दोहराया है कि क्विक कॉमर्स के कंट्रीब्यूशन मार्जिन के स्तर पर ब्रेक-ईवन हासिल करने का लक्ष्य QIFY27 तक का है.
निकट अवधि में कंपनी को कम गुणवत्ता वाले यूजर्स के बाहर होने (चर्न) की उम्मीद है, लेकिन इसके बावजूद कंट्रीब्यूशन मार्जिन अनुशासन बनाए रखने पर फोकस रहेगा. कंपनी की प्राथमिकता डाइनिंग-आउट बिजनेस को तेजी से स्केल करना है और इसे मौजूदा स्तर से दोगुना करने की संभावना देखी जा रही है.
कंपनी भारतीय ई-कॉमर्स बाजार में लगभग 10% हिस्सेदारी रखती है और डेली एक्टिव यूजर्स के मामले में अग्रणी स्थिति बनाए हुए है. कंपनी अपने बड़े सेलर नेटवर्क के जरिए प्राइस लीडरशिप बनाए रखती है, जिससे बेहतर वॉल्यूम और लॉजिस्टिक्स एफिशिएंसी हासिल होती है.
ये भी पढ़ें: क्यों बिकवाली कर रहे FIIs? क्यों टूटे IT Stocks? अनिल सिंघवी की अजय बग्गा से खास बातचीत
चुनिंदा कैटेगरी में कंपनी 20–30% तक कीमतों का लाभ देती है, जिसे वीडियो कॉमर्स मॉडल के विस्तार से और मजबूत किया जा रहा है. कंपनी Valmo लॉजिस्टिक्स प्लेटफॉर्म का उपयोग कर उपलब्ध अतिरिक्त क्षमता का बेहतर इस्तेमाल कर रही है और लागत घटाने के लिए हाइपर-लोकल पिकअप मॉडल का परीक्षण भी कर रही है. कंपनी को उम्मीद है कि कैश-ऑन-डिलीवरी ऑर्डर्स का अनुपात घटने से हैंडलिंग लागत और रिटर्न से जुड़े खर्चों में कमी आएगी.
(डिस्क्लेमर: यहां स्टॉक्स में निवेश की सलाह ब्रोकरेज/एक्सपर्ट द्वारा दी गई है. ये जी बिजनेस के विचार नहीं हैं. निवेश से पहले अपने एडवाइजर से सलाह लें.)
(ताजा खबरों के लिए आप हमारे WhatsApp Channel को सब्सक्राइब जरूर करें)