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HAL Share Price: सार्वजनिक क्षेत्र की डिफेंस कंपनी Hindustan Aeronautics Limited (HAL) को लेकर वैश्विक ब्रोकरेज फर्म Jefferies ने बुलिश रिपोर्ट जारी की है और स्टॉक के लिए ₹4,725 का टारगेट प्राइस दिया है, जो मौजूदा स्तर से 14% का अपसाइड है. सोमवार को HAL Stock 6% से ज्यादा की तेजी लेकर 4,129 रुपये के लेवल पर बंद हुआ. Jefferies का मानना है कि Mk1A तेजस एयरक्राफ्ट की डिलीवरी अब सही समय पर होगी और FY26 की पहली तिमाही से प्रोजेक्ट में कोई रुकावट नहीं आएगी.
HAL को भारतीय वायुसेना के लिए ₹47,150 करोड़ की लागत वाले LCA Tejas Mk1A एयरक्राफ्ट की डिलीवरी में देरी का सामना करना पड़ा था. इसकी मुख्य वजह थी सप्लाई चेन में रुकावटें, जिसके चलते इंजन की सप्लाई लगभग 1.5 साल के लिए टल गई. हालांकि, अब Jefferies को भरोसा है कि Mk1A की डिलीवरी ट्रैक पर लौटेगी और अतिरिक्त 97 Mk1A एयरक्राफ्ट के निर्माण की प्रक्रिया में कोई रुकावट नहीं आएगी. 2021 में HAL ने General Electric (GE) से 99 खास इंजन Mk1A के लिए ऑर्डर किए थे, जिनकी आपूर्ति में देरी हो रही थी. लेकिन अब उम्मीद है कि HAL अपनी डिलीवरी टाइमलाइन को बनाए रखेगा और भविष्य में किसी बड़ी बाधा का सामना नहीं करेगा.
Jefferies का कहना है कि डिफेंस कैपेक्स (Capital Expenditure) और इंडीजेनाइजेशन (स्वदेशी उत्पादन) के बढ़ते रुझान के चलते HAL को मजबूत ग्रोथ देखने को मिलेगी. ब्रोकरेज फर्म का अनुमान है कि अगले 6 वर्षों में HAL का मुनाफा 3 गुना तक बढ़ सकता है. इसके अलावा, कंपनी की 23% ROE (Return on Equity), कर्ज-मुक्त बैलेंस शीट, और अत्याधुनिक तकनीक इसे एक मजबूत निवेश विकल्प बनाते हैं.
Jefferies के मुताबिक, HAL का टॉपलाइन एक्सपोजर FY26-FY27 में GE इंजनों से 7-12% तक रहेगा, जिससे कंपनी को और अधिक स्थिरता मिलेगी. FY25, FY26 और FY27 के लिए अनुमानित EPS ग्रोथ क्रमशः 8.8%, 20.7% और 21.6% रहने की उम्मीद है.
हालांकि, HAL के लिए कुछ चुनौतियां भी बनी हुई हैं. Jefferies ने संभावित डाउनसाइड रिस्क का जिक्र करते हुए कहा कि यदि ग्लोबल OEM टाई-अप्स (मूल उपकरण निर्माता सहयोग) से उम्मीद के लाभ नहीं मिलता या कंपनी अपने प्रोडक्ट पोर्टफोलियो के विस्तार में देरी करती है, तो इसका असर इसके प्रदर्शन पर पड़ सकता है.
इस बीच, सोमवार को HAL पर एक और अपडेट आया है. ₹2,471 करोड़ के टैक्स विवाद को सुलझाने के लिए कमेटी ने कोर्ट से बाहर सेटलमेंट की सिफारिश की है. यह सेटलमेंट एमनेस्टी स्कीम के तहत किया जाएगा, जिससे कंपनी को किसी वित्तीय दबाव का सामना नहीं करना पड़ेगा. खास बात यह है कि सेटलमेंट की यह राशि इंडियन एयरफोर्स द्वारा रीइंबर्स की जाएगी, जिससे HAL के कैश फ्लो पर कोई असर नहीं पड़ेगा.