पीटना है 21% का मुनाफा तो खरीद लीजिए इस फाइनेंस कंपनी के शेयर, ब्रोकरेज ने कहा ₹770 तक जाएगा भाव

Shriram Finance का जून तिमाही (Q1 FY26) का नेट प्रॉफिट 8.8% बढ़कर 21,557 करोड़ रुपए रहा. AUM ग्रोथ 16.6% रही और नेट इंटरेस्ट इनकम में 10.3% की बढ़त देखने को मिली. ब्रोकरेज हाउस ने स्टॉक पर ‘BUY’ रेटिंग बरकरार रखते हुए 770 रुपए का टारगेट दिया है.
पीटना है 21% का मुनाफा तो खरीद लीजिए इस फाइनेंस कंपनी के शेयर, ब्रोकरेज ने कहा ₹770 तक जाएगा भाव

श्रीराम फाइनेंस पर ब्रोकरेज हाउस IDBI कैपिटल ने दी है Buy रेटिंग

स्टॉक मार्केट में पैसा निवेश करने वाले निवेशकों को हमेशा ऐसे शेयर की तलाश रहती है, जो भविष्य में अच्छा मुनाफा दे सकें. IDBI कैपिटल ने ऐसे ही एक स्टॉक की पहचान की है और उस पर करेंट मार्केट प्राइस से लगभग 21% अपसाइड का टारगेट दिया है. इस कंपनी का नाम है श्रीराम फाइनेंस (Shriram Finance Ltd). चलिए, जानते हैं ब्रोकरेज हाउस ने कितने रुपए का टारगेट प्राइस दिया है.

770 रुपए का दिया टारगेट

IDBI कैपिटल ने श्रीराम फाइनेंस (Shriram Finance Ltd) पर "BUY" रेटिंग बरकरार रखी है और इसका टारगेट 770 रुपए तय किया है. मौजूदा मार्केट प्राइस 636 रुपए के मुकाबले इसमें करीब 21% की अपसाइड दिख रही है. ब्रोकरेज का मानना है कि 3% से ज्यादा RoA, बेहतर कलेक्शन और मजबूत ग्रोथ के चलते स्टॉक में और तेजी आ सकती है. चलिए, अब एक नजर कंपनी के तिमाही नतीजों पर डालते हैं.

Add Zee Business as a Preferred Source

Zee Business Hindi Live TV यहां देखें-

AUM और इनकम में लगातार सुधार

श्रीराम फाइनेंस की कुल एसेट अंडर मैनेजमेंट (AUM) सालाना आधार पर 16.6% बढ़कर 27,22,490 करोड़ रुपए पर पहुंच गई है. तिमाही आधार पर भी इसमें 3.4% की ग्रोथ रही. Q1 FY26 में कुल डिस्टर्समेंट 41,816 करोड़ रुपए रहा, जो MSME और फार्म इक्विपमेंट्स सेगमेंट की बदौलत 13% बढ़ा.

नेट इंटरेस्ट इनकम (NII) सालाना 10.3% बढ़कर 57,725 करोड़ रुपए रही. हालांकि नेट इंटरेस्ट मार्जिन (NIM) गिरकर 8.11% हो गया, जो पिछली तिमाही में 8.25% और पिछले साल की इसी तिमाही में 8.79% था.

मुनाफा बढ़ा लेकिन मार्जिन पर दबाव

कंपनी का नेट प्रॉफिट 8.8% बढ़कर 21,557 करोड़ रुपए पहुंचा. इसका मुख्य कारण था कम प्रावधान (provision) और स्थिर ग्रोथ. ऑपरेटिंग प्रॉफिट 8.8% की बढ़त के साथ 41,924 करोड़ रुपए रहा, जबकि प्रावधान 17.8% घटकर 12,857 करोड़ रुपए पर आ गया. हालांकि, मार्जिन पर दबाव देखा गया क्योंकि कंपनी ने इस तिमाही में ज्यादा पब्लिक डिपॉजिट जुटाए, जिससे ब्‍याज लागत बढ़ी.

एसेट क्वालिटी में सुधार

कंपनी की ग्रॉस स्टेज 3 (GS3) एसेट घटकर 4.3% हो गई है, जो Q1 FY25 में 5.39% थी. नेट स्टेज 3 (NS3) भी घटकर 2.57% रहा. बेहतर कलेक्शन और रेगुलर कस्टमर इंटरैक्शन की वजह से ये सुधार आया है. मैनेजमेंट का मानना है कि GS2 से GS3 में ज्यादा खिसकाव नहीं होगा.

MSME और नॉन-व्हीकल पोर्टफोलियो पर फोकस

कंपनी अब केवल कमर्शियल व्हीकल (CV) फाइनेंसिंग तक सीमित नहीं है. अब इसका ध्यान नॉन-व्हीकल सेगमेंट जैसे MSME, पर्सनल लोन और गोल्ड लोन की ओर भी है. इससे डाइवर्सिफिकेशन बेहतर हुआ है और रेटिंग अपग्रेड की संभावनाएं बढ़ी हैं.

भविष्य की रणनीति और आउटलुक

कंपनी FY26 में 15% AUM ग्रोथ का टारगेट लेकर चल रही है. NIM में सुधार की उम्मीद है क्योंकि डिपॉजिट रेट घटाई जा रही है और उधारी लागत भी कम हुई है. अगस्त से 40 बेसिस पॉइंट की कटौती डिपॉजिट दरों में की जाएगी. कंपनी को उम्मीद है कि Q2 FY26 और भी मजबूत रहेगा.

(डिस्‍क्‍लेमर: यहां स्‍टॉक्‍स में निवेश की सलाह ब्रोकरेज हाउस द्वारा दी गई है. ये जी बिजनेस के विचार नहीं हैं. निवेश से पहले अपने एडवाइजर से परामर्श कर लें.)

  1. 1
  2. 2
  3. 3
  4. 4
  5. 5
  6. 6