मिडिल ईस्ट क्राइसिस का कंपनी पर पड़ रहा असर, फिर भी ब्रोकरेज बुलिश, दिया नया टारगेट, जानें क्यों?

मिडिल ईस्ट क्राइसिस का असर लगातार इस लिस्टेड कंपनी पर देखने को मिल रहा है. कंपनी के ऑपरेशन्स पर असर दिखा है. लेकिन इसके बाद भी ब्रोकरेज यहां बुलिश हैं. जानें आखिर क्यों?
मिडिल ईस्ट क्राइसिस का कंपनी पर पड़ रहा असर, फिर भी ब्रोकरेज बुलिश, दिया नया टारगेट, जानें क्यों?

AI जनरेटेड फोटो

मिडिल ईस्ट में जारी तनाव का असर भारतीय एयरलाइन्स पर देखने को मिला है. हाल ही में Indigo (Interglobe Aviation Share Price) ने अपने फ्यूल सरचार्ज में बढ़ोतरी करने का ऐलान किया था. कंपनी ने मिडिल ईस्ट (Middle East Crisis) में बढ़ते क्राइसिस को देखते हुए इस सरचार्ज में बढ़ोतरी करने का ऐलान किया, अब ग्लोबल ब्रोकरेज कंपनी की इस स्टॉक पर ताजा रिपोर्ट आई है.

बाजार में उतार-चढ़ाव वाले माहौल के बावजूद ब्रोकरेज कंपनी Citi इस शेयर पर बुलिश है. इस शेयर पर ब्रोकरेज कंपनी ने Buy की रेटिंग को मेंटेन किया है. साथ में टारगेट प्राइस भी बढ़ाया है. यहां जानें कि इस स्टॉक पर ब्रोकरेज कंपनी ने क्या राय दी है और क्या कमेंट्री पेश की है?

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Indigo: कितना मिलेगा रिटर्न?

Indigo

Citi ने अपनी रिपोर्ट में क्या कहा?

सिटी ने अपनी रिपोर्ट में कहा कि मिडिल ईस्ट में जारी तनाव के चलते एयरलाइंस कंपनियों को अपनी उड़ानों के संचालन में बदलाव करना पड़ा है. कई कंपनियों ने इस क्षेत्र से गुजरने वाले रूट्स पर अपने ऑपरेशंस को एडजस्ट किया है, जिससे फ्लाइट शेड्यूल पर बड़ा असर पड़ा है.

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इंडिगो ने 16 से 28 मार्च 2026 के बीच मिडिल ईस्ट रूट्स पर फ्लाइट्स की संख्या काफी कम कर दी गई है. जहां पहले इन रूट्स पर रोजाना करीब 150–160 उड़ानें संचालित होती थीं, वहीं अब इसे घटाकर लगभग 36 उड़ान प्रतिदिन कर दिया गया है.

कंपनी के ऑपरेशन्स पर असर

  • रिपोर्ट के मुताबिक मौजूदा स्थिति का सीधा असर एयरलाइंस कंपनियों की लागत और कमाई दोनों पर पड़ सकता है.
  • जियोपॉलिटिकल तनाव की वजह से कच्चे तेल और एविएशन फ्यूल की कीमतें ऊंचे स्तर पर बनी हुई हैं.
  • ऐसे में एयरलाइंस कंपनियां फ्यूल सरचार्ज बढ़ा सकती हैं.
  • बढ़ती लागत के कारण कंपनियों को टिकट किराए भी बढ़ाने पड़ सकते हैं.
  • ब्रोकरेज के अनुमान के मुताबिक एयरलाइंस कंपनियों के यील्ड (प्रति सीट कमाई) पर करीब 8% से 10% तक असर पड़ सकता है.
  • हालांकि कंपनियां किराया बढ़ाकर इस असर की कुछ हद तक भरपाई करने की कोशिश कर सकती हैं.
  • अगर फ्यूल की कीमतें लंबे समय तक ऊंचे स्तर पर बनी रहती हैं तो एयरलाइंस कंपनियों के मुनाफे पर नकारात्मक असर पड़ सकता है.
  • यानी किराया बढ़ाने के बावजूद बढ़ती लागत कंपनियों की लाभप्रदता पर दबाव बना सकती है.
  • कुल मिलाकर मिडिल ईस्ट में जारी तनाव का असर फ्लाइट ऑपरेशंस के साथ-साथ एयरलाइन कंपनियों की कमाई, टिकट कीमतों और पूरे एविएशन सेक्टर पर भी देखने को मिल सकता है.

कंपनी के स्टॉक का प्रदर्शन

DurationAbsolute ChgChange %
1 Week-41.00-0.97%
2 Weeks-326.40-7.22%
1 Month-747.35-15.12%
YTD-913.95-17.89%
3 Months-777.85-15.64%
6 Months-1536.15-26.80%
1 Year-505.10-10.75%
2 Years991.6530.96%
3 Years2329.60124.88%
5 Years2512.40149.32%
10 Years3393.00423.07%

(डिस्‍क्‍लेमर: यहां स्‍टॉक्‍स में निवेश की सलाह ब्रोकरेज/एक्सपर्ट द्वारा दी गई है. ये जी बिजनेस के विचार नहीं हैं. निवेश से पहले अपने एडवाइजर से सलाह कर लें.)

FAQs (अक्सर पूछे जाने वाले सवाल)

1. मिडिल ईस्ट संकट का इंडिगो पर क्या असर पड़ा है?

मिडिल ईस्ट में बढ़ते तनाव के कारण इंडिगो को अपने कुछ अंतरराष्ट्रीय रूट्स पर उड़ानों की संख्या कम करनी पड़ी है.

2. इंडिगो ने मिडिल ईस्ट रूट्स पर कितनी फ्लाइट्स कम की हैं?

16 से 28 मार्च 2026 के बीच इन रूट्स पर उड़ानों की संख्या करीब 150–160 प्रतिदिन से घटाकर लगभग 36 कर दी गई है.

3. ब्रोकरेज Citi ने Indigo शेयर पर क्या रेटिंग दी है?

Citi ने इंडिगो के शेयर पर अपनी Buy रेटिंग बरकरार रखी है और टारगेट प्राइस भी बढ़ाया है.

4. एयरलाइंस कंपनियों के यील्ड पर कितना असर पड़ सकता है?

ब्रोकरेज के अनुमान के मुताबिक प्रति सीट कमाई यानी यील्ड पर करीब 8% से 10% तक असर पड़ सकता है.

5. क्या बढ़ती फ्यूल कीमतों से एयरलाइंस के मुनाफे पर असर पड़ेगा?

अगर एविएशन फ्यूल की कीमतें लंबे समय तक ऊंची रहती हैं, तो एयरलाइंस कंपनियों के मुनाफे पर नकारात्मक असर पड़ सकता है.

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