जून तिमाही के नतीजों में कंपनी ने ऐसा आंकड़ा पेश किया कि बुलिश हो गए ब्रोकरेज, खरीदारी के साथ दे दिया लंबा टारगेट

MMFS के जून तिमाही नतीजों में कमाई तो बढ़ी लेकिन मुनाफा थोड़ा थमा. ट्रैक्टर लोन में जबरदस्त ग्रोथ से कंपनी को आगे फायदा मिलने की उम्मीद है. ब्रोकरेज हाउस ने स्टॉक पर 25% अपसाइड के साथ 'BUY' रेटिंग दी है.
जून तिमाही के नतीजों में कंपनी ने ऐसा आंकड़ा पेश किया कि बुलिश हो गए ब्रोकरेज, खरीदारी के साथ दे दिया लंबा टारगेट

महिंद्रा एंड महिंद्रा फाइनेंशियल सर्विसेज के शेयर को लेकर बुलिश हैं ब्रोकर

महिंद्रा एंड महिंद्रा फाइनेंशियल सर्विसेज (MMFS) के जून तिमाही नतीजे आने के बाद ब्रोकरेज हाउस का भरोसा इस कंपनी पर और मजबूत हो गया है. ब्रोकरेज फर्म IDBI कैपिटल ने इसे 'BUY' रेटिंग दी है और कंपनी के शेयर के लिए 325 रुपए का टारगेट दिया है, जो मौजूदा भाव 259 रुपए से करीब 25% ज्यादा है. ब्रोकरेज का मानना है कि कंपनी के नतीजे उम्मीद के मुताबिक रहे हैं और आने वाले समय में इसकी कमाई और मुनाफा दोनों में सुधार देखने को मिलेगा.

कमाई में बढ़त, लेकिन मुनाफा थोड़ा थमा

कंपनी की ब्याज से कमाई (Net Interest Income) इस तिमाही में 19.7% बढ़कर 22,670 करोड़ रुपए हो गई. इसका मुख्य कारण यह रहा कि कंपनी के दिए गए कर्जों पर ब्याज दर (NIM) बढ़कर 6.7% हो गई, जो पिछली तिमाही से 20 बेसिस पॉइंट ज्यादा है.

हालांकि, कंपनी का शुद्ध मुनाफा (PAT) सिर्फ 3.2% की मामूली बढ़त के साथ 5,295 करोड़ रुपए रहा. इसका कारण यह रहा कि कंपनी को इस तिमाही में प्रावधान (Provisions) के रूप में 6,597 करोड़ रुपए अलग रखने पड़े, जो कि सालाना आधार पर 47% ज्यादा है.

खराब लोन में हल्की बढ़त

कंपनी के खराब लोन (Stage 3) का आंकड़ा 3.85% रहा, जो पिछली तिमाही में 3.7% था. यानी कंपनी की एसेट क्वालिटी में थोड़ा गिरावट आई है. इसके अलावा स्टेज 2 लोन भी बढ़कर 5.9% हो गए. हालांकि मैनेजमेंट का कहना है कि यह बदलाव मौसम और सीजन के चलते हुआ है और वसूली की रफ्तार आने वाले महीनों में सुधरेगी. कंपनी ने यह भी कहा है कि उनका कुल Stage 2 और Stage 3 लोन का प्रतिशत अभी भी 10% से नीचे है, जो पहले के मुकाबले बेहतर है.

ट्रैक्टर लोन में जबरदस्त तेजी

इस तिमाही में सबसे अच्छी ग्रोथ ट्रैक्टर लोन वाले सेगमेंट में दिखी, जहां कंपनी ने 21% ज्यादा लोन दिए. वहीं, गाड़ियों की बिक्री कम होने के कारण बाकी सेगमेंट जैसे कार, कमर्शियल व्हीकल और SME लोन में ज्यादा ग्रोथ नहीं देखने को मिली. कंपनी की कुल लोन बुक यानी AUM अब 12.2 लाख करोड़ रुपए पर पहुंच गई है, जिसमें सालाना आधार पर 15% की बढ़त हुई है.

गांवों पर फोकस करेगी कंपनी

कंपनी ने जून में नया क्लाउड-बेस्ड सिस्टम लॉन्च किया है जिससे डिजिटल लोन प्रोसेस और आसान हो गया है. साथ ही कंपनी का ध्यान गांवों में और गहराई तक पहुंचने पर है. इसके लिए कंपनी का डीलर नेटवर्क 6,000 से ज्यादा हो गया है. गांवों में अच्छी बारिश, फसल की बुवाई और सरकार की मदद से लोगों की आमदनी बढ़ रही है जिससे लोन की मांग और वसूली दोनों बेहतर हो सकती हैं.

आगे का प्लान क्या है?

कंपनी ने बताया कि आगे उनका फोकस रिफाइनेंस, ट्रैक्टर और सेकेंड हैंड गाड़ियों के लोन पर रहेगा. साथ ही वे ज्यादा से ज्यादा मौजूदा ग्राहकों को दूसरी सेवाएं भी देना चाहते हैं जिससे कमाई बढ़ सके. मैनेजमेंट ने भरोसा जताया है कि आने वाले सालों में कंपनी का RoA 2.5% और RoE 15% तक पहुंचाने की कोशिश की जाएगी. क्रेडिट कॉस्ट को भी 1.7% के अंदर रखने का टारगेट है.

(डिस्‍क्‍लेमर: यहां स्‍टॉक्‍स में निवेश की सलाह ब्रोकरेज हाउस द्वारा दी गई है. ये जी बिजनेस के विचार नहीं हैं. निवेश से पहले अपने एडवाइजर से परामर्श कर लें.)

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