50% की तगड़ी कमाई कराएगा ये इंफ्रा स्टॉक! ₹18554 करोड़ की ऑर्डरबुक, ब्रोकरेज बुलिश, जानें टारगेट

सिविल कंस्ट्रक्शन कंपनी के शेयर पर ब्रोकरेज कंपनी आनंदराठी ने BUY रेटिंग दी है. ब्रोकरेज ने शेयर पर ₹734 का टारगेट प्राइस दिया है, जो मौजूदा भाव से करीब 50% का अपसाइड दिखाता है.
50% की तगड़ी कमाई कराएगा ये इंफ्रा स्टॉक! ₹18554 करोड़ की ऑर्डरबुक, ब्रोकरेज बुलिश, जानें टारगेट

ब्रोकरेज की रडार पर आए स्टॉक पर सोमवार को रखें नजर (फोटो - AI)

सिविल कंस्ट्रक्शन सेक्टर की दिग्गज कंपनी J Kumar Infra के स्टॉक में 50% अपसाइड देखने को मिल रहा है. ब्रोकरेज कंपनी आनंदराठी (Anand Rathi) ने इस शेयर पर खरीदारी की राय दी है. साथ ही, तगड़ा अपसाइड टारगेट प्राइस दिया है. ब्रोकरेज का कहना है कि कंपनी के पास मौजूदा समय में रिकॉर्ड तोड़ ऑर्डरबुक है. साथ ही कंपनी ने दमदार नतीजे भी शेयर किए हैं. इन नतीजों के दम पर ब्रोकरेज ने इस शेयर पर खरीदारी की राय दी है.

बता दें कि शुक्रवार को ये शेयर 1.38% की तेजी के साथ 487.90 रुपए के भाव पर बंद हुआ है. ये एक मल्टीबैगर स्टॉक है. स्टॉक ने बीते 5 साल में 159% और 10 साल में 108% तक का तगड़ा रिटर्न दिया है. अब आगे इस शेयर में 50% का अपसाइड दिख रहा है. ऐसे में सोमवार को बाजार खुलने के बाद इस शेयर पर निवेशक नजर रख सकते हैं.

J Kumar Infra पर ब्रोकरेज बुलिश क्यों?

आउटलुक और वैल्युएशन: नए ऑर्डर्स मिलने और प्रमुख प्रोजेक्ट्स में कामकाज तेज होने को देखते हुए ब्रोकरेज ने अपने रेवेन्यू और मार्जिन अनुमान में मामूली बदलाव किया है. मौजूदा भाव पर यह शेयर FY27 और FY28 के अनुमानित EPS के मुकाबले क्रमशः 8.2x और 7.1x P/E पर ट्रेड कर रहा है, जबकि पिछले 10 साल का औसत वैल्युएशन करीब 10x रहा है.

ब्रोकरेज के मुताबिक इस शेयर के लिए मुख्य जोखिमों में सरकारी कैपेक्स की रफ्तार धीमी पड़ना, बढ़ती प्रतिस्पर्धा वाली बोली प्रक्रिया और प्रोजेक्ट्स के एग्जीक्यूशन में देरी शामिल हैं.

कितना टारगेट प्राइस ?

J Kumar Infra

रिकॉर्ड ऑर्डरबुक के दम पर ब्रोकरेज भरोसेमंद

मजबूत ऑर्डर बुक: कंपनी की ऑर्डर बुक मार्च 2026 तक घटकर करीब ₹1.86 लाख करोड़ रह गई, जो मार्च 2025 में करीब ₹2.22 लाख करोड़ थी. FY26 के दौरान कंपनी को बड़े ऑर्डर्स नहीं मिले, क्योंकि बढ़ती प्रतिस्पर्धा के चलते कंपनी ने काफी सावधानी के साथ बिडिंग की रणनीति अपनाई थी.

नए ऑर्डर्स: मार्च 2026 के बाद कंपनी को NHAI, DMRC और उत्तर प्रदेश की सरकारी एजेंसियों से ₹6,300 करोड़ से ज्यादा के नए ऑर्डर्स मिले हैं. इसके बाद कंपनी की ऑर्डर बुक बढ़कर रिकॉर्ड स्तर करीब ₹2.5 लाख करोड़ पर पहुंच गई है.

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गाइडेंस और मैनेजमेंट कैसा है?

कंपनी के मैनेजमेंट ने कहा कि वेस्ट एशिया संकट की वजह से सप्लाई चेन पर असर पड़ा है, लेकिन इससे इनपुट कॉस्ट में बढ़ोतरी का ज्यादा असर नहीं होगा, क्योंकि ज्यादातर लागत वृद्धि एस्केलेशन क्लॉज के तहत कवर हो जाती है.

मैनेजमेंट को उम्मीद है कि महाराष्ट्र में मेट्रो, एलिवेटेड रोड और कोस्टल रोड जैसे प्रोजेक्ट्स में करीब ₹1 लाख करोड़ के अवसर देखने को मिल सकते हैं.

कंपनी को आने वाले समय में ग्रोथ में फिर तेजी आने की उम्मीद है. मैनेजमेंट ने करीब 15% रेवेन्यू ग्रोथ का अनुमान जताया है. वहीं EBITDA मार्जिन 14-15% और PAT मार्जिन करीब 7% रहने की उम्मीद है.

स्टॉक का प्रदर्शन

DurationChange (%)
1 हफ्ता-1.16
1 महीना-5.23
1 साल-31.97
3 साल81.65
5 साल159.66
10 साल108.37

(डिस्‍क्‍लेमर: यहां स्‍टॉक्‍स में निवेश की सलाह ब्रोकरेज/एक्सपर्ट द्वारा दी गई है. ये जी बिजनेस के विचार नहीं हैं. निवेश से पहले अपने एडवाइजर से सलाह लें.)

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आर्टिकल से जुड़े महत्वपूर्ण सवाल (FAQs)

Q1 J Kumar Infra किस सेक्टर की कंपनी है?

यह कंपनी सिविल कंस्ट्रक्शन और इंफ्रास्ट्रक्चर सेक्टर में काम करती है.

Q2 कंपनी किन तरह के प्रोजेक्ट्स पर काम करती है?

कंपनी मेट्रो, रोड, फ्लाईओवर, कोस्टल रोड और अन्य इंफ्रास्ट्रक्चर प्रोजेक्ट्स पर काम करती है.

Q3 इंफ्रास्ट्रक्चर सेक्टर में निवेश करते समय किन बातों का ध्यान रखना चाहिए?

ऑर्डर बुक, प्रोजेक्ट एग्जीक्यूशन, सरकारी खर्च और कंपनी के मार्जिन जैसी चीजें अहम मानी जाती हैं.

Q4 कंपनी की ऑर्डर बुक क्यों अहम मानी जाती है?

मजबूत ऑर्डर बुक आने वाले वर्षों में कंपनी की रेवेन्यू विजिबिलिटी और ग्रोथ को सपोर्ट करती है.

Q5 इंफ्रास्ट्रक्चर सेक्टर की कंपनियों के लिए सबसे बड़ा फायदा क्या होता है?

सरकारी कैपेक्स, बड़े प्रोजेक्ट्स और मजबूत ऑर्डर फ्लो से सेक्टर की कंपनियों को ग्रोथ का फायदा मिलता है.

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