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ओवरऑल FY26 होटल सेक्टर के लिए कमजोर रहा. Q1FY27 में रिकवरी की उम्मीद है. (फोटो सोर्स- होटल ताज)
Hotel Stocks to BUY: होटल सेक्टर इस समय एक दिलचस्प मोड़ पर खड़ा है. कमजोर Q3 के बाद Q4 भी कमजोर रहने की संभावना दिख रही है. बाजार ने इस कमजोरी को पहले ही भांप लिया था और बहुत हद तक होटल स्टॉक्स में Priced-in हो चुका है. बड़े करेक्शन के बाद इलारा कैपिटल ने कहा कि इस समय होटल स्टॉक्स में 'Buy on Dips' का बेहतरीन मौका नजर आ रहा है. ब्रोकरेज ने इस स्पेस से 7 स्टॉक्स को पिक किया है और इनके लिए 89% अपसाइड तक टारगेट दिए गए हैं.
इलारा कैपिटल ने कहा कि Q4 में विदेशी पर्यटकों के अभाव में ग्रोथ की रफ्तार धीमी रही. हालांकि, घरेलू यात्रियों ने इस कमी को काफी हद तक पूरा कर दिया है. घरेलू मेहमानों के आने से ऑक्यूपेंसी तो बनी रही, लेकिन ARR (Average Room Rate) के मिक्स में बदलाव के कारण मार्जिन पर दबाव दिख रहा है. Q1FY27 में अच्छी रिकवरी की उम्मीद है और स्ट्रक्चरल तौर पर सेक्टर के फंडामेंटल्स आज भी मजबूत हैं. ऐसे में लॉन्ग टर्म निवेशकों के लिए यहां सुनहरा मौका है.
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इलारा कैपिटल होटल स्पेस की 7 कंपनियों को कवर करती है. आइए जानते हैं कि किन स्टॉक्स को लेकर क्या रेटिंग और टारगेट दिए गए हैं. इसमें टॉप पिक के तौर पर ब्रोकरेज ने Juniper Hotels और Indian Hotels को पिक किया है.
CMP 2 अप्रैल क्लोजिंग आधारित है
| स्टॉक का नाम | CMP (₹) | रेटिंग | टारगेट (₹) | संभावित रिटर्न | 52W हाई से गिरावट | 2026 में अब तक प्रदर्शन |
| Samhi Hotels | ₹137 | BUY | ₹260 | 89% | -47% | -24% |
| Juniper Hotels | ₹203 | BUY | ₹365 | 79% | -40% | -19% |
| ITC Hotels | ₹148 | BUY | ₹253 | 70% | -44% | -24% |
| Leela Palaces | ₹415 | BUY | ₹620 | 49% | -13% | -4.50% |
| Chalet Hotels | ₹729 | ACCUMULATE | ₹1081 | 48% | -33% | -19% |
| Indian Hotels | ₹583 | BUY | ₹858 | 47% | -32% | -21% |
| Lemon Tree | ₹108 | ACCUMULATE | ₹157 | 45% | -40% | -31% |
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ब्रोकरेज ने कहा कि लिस्टेड होटल कंपनियों की विदेशी पर्यटकों पर निर्भरता ज्यादा है. इसे ऑक्यूपेंसी और ARR (Average Room Rate) दोनों को सपोर्ट मिलता है. ईरान युद्ध का आसर विदेशी पर्यटकों पर दिखा लेकिन डोमेस्टिक मांग ने इस कमी को पूरा किया. हालांकि, विदेशी पर्यटकों के घटने से मिक्स बदला है और ऐवरेज रूम रेट में कमी आई है. बता दें कि FY26 की हर तिमाही में होटल स्पेस के लिए कुछ ना कुछ निगेटिव रहा है जिसका असर देखने को मिला है.
ओवरऑल FY26 कमजोर रहा लेकिन नए वित्त वर्ष की पहली तिमाही बंपर रहने की उम्मीद है. क्योंकि पिछले साल का बेस भी कमजोर था. इसके अलाव Q1 में IPL, CC T20 वर्ल्ड कप जैसे इवेंट्स भी रहेंगे. इसके अलावा अलग-अलग सेक्टर के कई बड़े इवेंट्स भी होते हैं. मिडिल ईस्ट में जारी टेंशन के बीच वहां के कई MICE इवेंट्स भारत के प्रीमियम और लग्जरी लोकेशन पर शिफ्ट हो सकते हैं.
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ICRA की रिपोर्ट के मुताबिक, होटल सेक्टर में रूम एडिशन का ग्रोथ 5-6% CAGR है जबकि डिमांड ग्रोथ 8-10% CAGR है. ऐसे में ऑक्यूपेंसी हाई बने रहने की संभावना है जिससे RevPAR (Revenue Per Available Room) भी हेल्दी रहने की उम्मीद है. ICRA के सीनियर वाइस प्रेसिडेंट श्रीकुमार कृष्णमूर्ति ने कहा कि प्रीमियम सेगमेंट होटल में FY2026 के लिए ऑक्यूपेंसी 72-74% तक रह सकता है जो FY24 में 70-72% तक था.हालांकि, रेटिंग एजेंसी का यह अनुमान FY26 की पहली छमाही के आधार पर था.
(डिस्क्लेमर: किसी भी स्टॉक में निवेश की सलाह जी बिजनेस के नहीं है. यह सलाह ब्रोकरेज हाउस/एक्सपर्ट की तरफ से दी जाती है. शेयर बाजार में निवेश जोखिम भरा होता है. ऐसे में निवेश से पहले अपने फाइनेंशियल एडवाइजर की सलाह जरूर लें)
आर्टिकल से जुड़े महत्वपूर्ण सवाल (FAQs)
Q1 होटल सेक्टर पर दबाव क्यों दिख रहा है?
जियो पॉलिटिकल टेंशन के कारण विदेशी पर्यटकों की कमी का दबाव दिख रहा है.
Q2 क्या डोमेस्टिक डिमांड सेक्टर को सपोर्ट कर रही है?
डोमेस्टिक डिमांड ने ऑक्यूपेंसी को मजबूत बनाए रखा और गिरावट को सीमित किया है.
Q3 मार्जिन पर दबाव क्यों है?
विदेशी पर्यटकों की कमी के कारण ARR (Average Room Rate) मिक्स बदलने से रूम रेट्स पर दबाव आया है.
Q4 क्या होटल स्टॉक्स में अभी निवेश का मौका है?
करेक्शन के बाद ‘Buy on Dips’ का अच्छा मौका माना जा रहा है, क्योंकि स्ट्रक्चरल ग्रोथ मजबूत है.
Q5 आगे होटल सेक्टर का आउटलुक कैसा है?
Q1FY27 में रिकवरी और मजबूत डिमांड सप्लाई गैप के चलते बेहतर ग्रोथ की उम्मीद है.