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कंपनी 15000 करोड़ के कैपेक्स से मैसिव कैपेसिटी एक्सपैंशन कर रही है. (फाइल फोटो)
Defence PSU Stock: मझगांव डॉक शिपबिल्डर्स देश की लीडिंग डिफेंस कंपनी है और इंडियन नेवी की यह बैकबोन है. यह एकमात्र कंपनी है जो इंडियन नेवी के लिए डेस्ट्रॉयर और सबमरीन्स दोनों बनाती है. पिछले 3-4 सालों से ऑर्डर बुक लगातार घट रहा था जो एक बड़ा चैलेंज था. लेकिन रोबस्ट पाइपलान के कारण ब्रोकरेज का भरोसा बढ़ा है.
ICICI Direct ने मझगांव डॉक शिपबिल्डर्स शेयर को शुभ निवेश के तौर पर पिक किया है. इस समय Mazagon Dock Shipbuilders का शेयर 2450 रुपए पर है. ब्रोकरेज ने अगले 12 महीने के लिहाज से BUY की सलाह दी है और 3060 रुपए का टारगेट दिया है जो करीब 25% अधिक है. मई 2025 में इस स्टॉक ने BSE पर 3778 रुपए का लाइफ हाई बनाया था. वहां से यह करीब -35% नीचे है.

अपनी रिपोर्ट में ब्रोकरेज ने कहा कि पिछले कुछ सालों से कंपनी का ऑर्डर बुक लगातार घट रहा है. FY21 में यह 50 हजार करोड़ के करीब था जो दिसंबर 2025 में घटकर 23758 करोड़ रुपए पर आ गया. इस ऑर्डर बुक में 42% के करीब P-17A फ्रिगेट को लेकर है जिसे पूरा किया जा रहा है. FY21-FY25 के दौरान कंपनी का रेवेन्यू 30% CAGR से बढ़ा जबकि 9MFY26 का ग्रोथ केवल 11% था.

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हालांकि, ऑर्डर बुक को लेकर पाइपलाइन मजबूत है. कंपनी 15000 करोड़ के कैपेक्स से मैसिव कैपेसिटी एक्सपैंशन कर रही है. Swan Defence के साथ स्ट्रैटिजिक MOU किया है जिससे डायवर्सिफिकेशन आएगा.
1. मेगा ऑर्डर पाइपलाइन
आने वाले कुछ महीनों में 6 नेक्स्ट जेनरेशन P-75I सबमरीन्स का ऑर्डर (₹99000 करोड़) और 3 कलावरी क्लास सबमरीन्स का ऑर्डर (₹30000 करोड़) मिलने की उम्मीद है. नेक्स्ट जेनरेशनcorvettes का भी ऑर्डर मिलने की उम्मीद है.
इसके अलावा आने वाले सालों में नेक्स्ट जेनरेशन फ्रिगेट P-17B और नेक्स्ट जेनरेशन डेस्ट्रॉयर P-18 को लेकर करीब 1.55 लाख करोड़ का ऑर्डर मिलने की उम्मीद है जो अगले कई सालों के ग्रोथ को विजिबिलिटी देता है.
2. एग्जीक्यूशन को लेकर स्टैबिलिटी
वर्तमान में इसकी क्षमता 11 सबमरीन्स और 10 वॉरशिप (destroyers, frigates) बनाने की है. करीब 23800 करोड़ का ऑर्डर बुक है जो FY27 में एग्जीक्यूशन के स्टेबल रखने में मदद करेंगे. आने वाले समय में नए ऑर्डर से ग्रोथ को रफ्तार मिलेगी.
3. कैपेसिटी बिल्डिंग पर फोकस
कंपनी 15000 करोड़ के इन्वेस्टमेंट से तमिलनाडु में नया फेसिलिटी लगाने जा रही है जिससे शिपबिल्डिंग कैपेसिटी का विस्तार होगा. आने वाले समय में P-75I और नेक्स्ट जेनरेशन डेस्ट्रॉयर को लेकर जो ऑर्डर आएगा, उसके एग्जीक्यूशन में इस फेसिलिटी से मदद मिलेगा.
4. इंडियन नेवी के साथ मोनोपॉली
यह देश की एकमात्र पब्लिक सेक्टर कंपनी है जो इंडियन नेवी के लिए सबमरीन्स और डेस्ट्रॉयर दोनों बनाती है. इस हाईटेक कंस्ट्रक्शन में कंपनी को कॉम्पिटिटिव एडवांटेज मिलता है. नेवल सेक्टर में आत्मनिर्भरता का कंपनी को बड़ा फायदा मिलता है.
5. कैश रिजर्व और मार्जिन एक्सपेंशन
FY25 के आधार पर कंपनी के पास 16150 करोड़ का कैश है और जीरो डेट है.FY25-28 के दौरान रेवेन्यू 12% CAGR से बढ़ने की उम्मीद है. इस दौरान EBITDA मार्जिन 18.5-19% रहने की उम्मीद है. ऐसे में कंपनी का फाइनेंस बुलेटप्रूफ नजर आ रहा है.

कुल मिलाकर मझगांव डॉक शिपबिल्डर्स का आउटलुक मजबूत नजर आ रहा है. 2.5 लाख करोड़ रुपए से अधिक का पाइपलाइन है. कैपेसिटी एक्सपैंशन होने का फायदा मिलेगा. हाई से शेयर में करेक्शन भी आया है. ऐसे में लॉन्ग टर्म निवेशकों के लिए एक मौका बन रहा है.
आर्टिकल से जुड़े महत्वपूर्ण सवाल (FAQs)
Q1 Mazagon Dock Shipbuilders क्या करती है?
मझगांव डॉक शिपबिल्डर्स इंडियन नेवी के लिए सबमरीन और डेस्ट्रॉयर बनाने वाली लीडिंग डिफेंस PSU है.
Q2 स्टॉक में अभी निवेश क्यों आकर्षक माना जा रहा है?
कंपनी का ऑर्डर पाइपलाइन 2.5 लाख करोड़ रुपए से अधिक है और अपने हाई से 35% नीचे स्टॉक है.
Q3 कंपनी के ग्रोथ ड्राइवर्स क्या हैं?
P-75I सबमरीन, नेक्स्ट जेनरेशन फ्रिगेट और डेस्ट्रॉयर जैसे बड़े ऑर्डर्स ग्रोथ को सपोर्ट करेंगे.
Q4 फाइनेंशियल स्थिति कितनी मजबूत है?
कंपनी के पास 16150 करोड़ रुपए का कैश और जीरो डेट है जिससे बैलेंस शीट मजबूत है.
Q5 मुख्य रिस्क फैक्टर्स क्या हैं?
सरकारी निर्भरता, रॉ मटीरियल कीमतों में उतार-चढ़ाव और कैपिटल इंटेंसिव बिजनेस प्रमुख जोखिम हैं.