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Goldman Sachs Buy Call IndiGo share Price: भारत की सबसे बड़ी एयरलाइन कंपनी इंटरग्लोब एविएशन (IndiGo) पर अमेरिकी इन्वेस्टमेंट बैंक गोल्डमैन सैक्स ने भरोसा जताया है. ब्रोकरेज ने स्टॉक पर ‘Buy’ रेटिंग बरकरार रखते हुए इसका टारगेट ₹6,000 प्रति शेयर तय किया है.
यह टारगेट मौजूदा स्तर ₹5,644 के मुकाबले लगभग 6.3% का अपसाइड दिखाता है. गोल्डमैन सैक्स का कहना है कि कंपनी का इंटरनेशनल रूट्स पर आक्रामक विस्तार, मजबूत फ्लीट ऐडिशन और मांग में वृद्धि इसे लॉन्ग टर्म में प्रॉफिट ग्रोथ की दिशा में मजबूती देगा.
गोल्डमैन सैक्स ने रिपोर्ट में कहा कि IndiGo मैनेजमेंट का ध्यान लॉन्ग टर्म की मांग और नए विमानों के जरिए फ्लीट बढ़ाने पर है. हालांकि कंपनी इंटरनेशनल मार्केट में सप्लाई बढ़ने के चलते सॉफ्ट यील्ड (कम किराए) की चुनौती का सामना कर रही है, लेकिन इसके बावजूद अंतरराष्ट्रीय बाजार में शेयर बढ़ाने के लिए नए रूट्स शुरू करने की रणनीति इसे फायदा पहुंचा सकती है.
कंपनी का टारगेट FY26E-28 तक 25.8% EBITDA मार्जिन और 10% EPS CAGR (प्रति शेयर प्रॉफिट ग्रोथ) हासिल करना है. गोल्डमैन सैक्स का मानना है कि कंपनी की यह रणनीति कंपटीशन के बावजूद लॉन्ग टर्म में मजबूत फाइनेंशियल परफॉर्मेंस देगी.
IndiGo ने 30 जुलाई को जून तिमाही (Q1 FY26) के नतीजे जारी किए. कंपनी का नेट प्रॉफिट साल-दर-साल 20% गिरकर ₹2,176 करोड़ हो गया, जबकि पिछले साल इसी तिमाही में यह ₹2,729 करोड़ था. हालांकि, ऑपरेशनल रेवेन्यू 5% बढ़कर ₹20,496 करोड़ पहुंच गया, जो पिछले साल ₹19,571 करोड़ था. यह दिखाता है कि कठिन माहौल में भी कंपनी की रेवेन्यू ग्रोथ बनी हुई है.
कंपनी का EBITDAR (Earnings Before Interest, Tax, Depreciation, Amortization & Rentals) तिमाही में 1.2% गिरकर ₹5,739 करोड़ रहा. EBITDAR मार्जिन 170 बेसिस पॉइंट घटकर 28% पर आ गया. फ्लीट साइज में 9% बढ़ोतरी हुई और Q1 के अंत तक IndiGo के पास 416 विमान थे, जबकि पिछले साल इसी समय यह संख्या 382 थी. यह कंपनी की तेजी से बढ़ती क्षमता को दिखाता है.
कंपनी ने तिमाही में कुल 31 मिलियन पैसेंजर को उड़ाया, जो पिछले साल की तुलना में 11.6% ज्यादा है. Available Seat Kilometer (ASK) में भी 16.4% की वृद्धि हुई और यह 42.3 बिलियन पर पहुंचा. हालांकि, कंपटीशन और प्राइसिंग प्रेशर के चलते यील्ड 5% घटकर ₹4.98 रही, और लोड फैक्टर 2.1 प्रतिशत अंक गिरकर 84.6% हो गया.
कंपनी को ईंधन खर्च में राहत मिली. CASK (Cost per Available Seat Kilometer) ईंधन समेत 21.9% घटकर ₹1.38 हुआ. यह ग्लोबल फ्यूल प्राइस में कमी और ऑपरेशनल एफिशिएंसी का नतीजा है. हालांकि, ईंधन को छोड़कर CASK 2.5% बढ़कर ₹2.93 हो गया, जिसका कारण मेंटेनेंस, स्टाफ और एयरपोर्ट चार्ज जैसे बढ़ते खर्च हैं.
IndiGo का ध्यान इंटरनेशनल मार्केट पर है. कंपनी नए अंतरराष्ट्रीय रूट्स पर तेजी से विस्तार कर रही है. हालांकि अंतरराष्ट्रीय बाजार में सप्लाई बढ़ने के चलते किराए कम हो सकते हैं, लेकिन गोल्डमैन सैक्स का मानना है कि बढ़ते रूट नेटवर्क से IndiGo का मार्केट शेयर और रेवेन्यू बढ़ेगा.
गोल्डमैन सैक्स की रिपोर्ट दिखाती है कि इंडिगो का बिजनेस मॉडल, ऑपरेशनल एफिशिएंसी और लॉन्ग टर्म की रणनीति इसे प्रॉफिटेबल बनाए रखेगी. हालांकि शॉर्ट टर्म में मार्जिन पर दबाव रह सकता है, लेकिन बढ़ता फ्लीट साइज, अंतरराष्ट्रीय विस्तार और मांग में मजबूती इसे निवेशकों के लिए आकर्षक विकल्प बनाते हैं.
गोल्डमैन सैक्स ने IndiGo का टारगेट कितना रखा है?
₹6,000 प्रति शेयर.
IndiGo का Q1FY26 का नेट प्रॉफिट कितना रहा?
₹2,176 करोड़, जो पिछले साल से 20% कम है.
IndiGo के पास अभी कितने विमान हैं?
Q1FY26 के अंत में कंपनी के पास 416 विमान थे.
कंपनी की यील्ड और लोड फैक्टर में क्या बदलाव हुआ?
यील्ड 5% घटकर ₹4.98 और लोड फैक्टर 84.6% रहा.
ईंधन लागत में कितनी कमी आई?
ईंधन लागत प्रति ASK 21.9% घटकर ₹1.38 हो गई.
(डिस्क्लेमर: यहां स्टॉक्स में निवेश की सलाह ब्रोकरेज हाउस द्वारा दी गई है. ये जी बिजनेस के विचार नहीं हैं. निवेश से पहले अपने एडवाइजर से परामर्श कर लें.)
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