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इन 2 शेयरों पर ब्रोकरेज ने दी Hold की सलाह.प्रतीकात्मक फोटो (AI/ChatGPT)
अगर आपके पोर्टफोलियो में Ashok Leyland या Siemens का शेयर है, तो यह खबर आपके काम की हो सकती है. देश की बड़ी ब्रोकरेज फर्मों Jefferies और HSBC ने इन शेयरों पर अपनी नई राय जारी की है. दोनों ब्रोकरेज ने फिलहाल Buy या Sell की सलाह नहीं दी है, बल्कि Hold रेटिंग बनाए रखी है. हालांकि दोनों कंपनियों को लेकर कुछ ऐसे कारण बताए गए हैं जिन पर निवेशकों की नजर रहनी चाहिए.
Jefferies ने Ashok Leyland पर Hold रेटिंग बरकरार रखी है. शेयर का मौजूदा भाव 156.65 रुपये बताया गया है. ब्रोकरेज ने अपना टारगेट प्राइस 190 रुपये से घटाकर 160 रुपये कर दिया है.
Jefferies का कहना है कि कंपनी के चौथी तिमाही के नतीजे उम्मीद के मुताबिक रहे, लेकिन आगे ट्रकों की मांग को लेकर तस्वीर साफ नहीं दिख रही है. इसी वजह से ब्रोकरेज ने FY27 और FY28 के लिए अपने EPS अनुमान में 5 से 8 फीसदी तक की कटौती की है.

रिपोर्ट के मुताबिक बढ़ती ईंधन कीमतें, महंगाई का असर और कमजोर मानसून जैसी चीजें ट्रक डिमांड पर असर डाल सकती हैं. इसके अलावा धातुओं की बढ़ती कीमतें भी कंपनी के मार्जिन पर दबाव बना सकती हैं.
HSBC ने भी Ashok Leyland पर Hold रेटिंग बनाए रखी है. हालांकि ब्रोकरेज ने टारगेट प्राइस 174 रुपये से बढ़ाकर 180 रुपये कर दिया है.
HSBC के मुताबिक कंपनी प्रबंधन को FY27 की दूसरी तिमाही से कारोबार में सुधार की उम्मीद है. लेकिन ब्रोकरेज का मानना है कि पूरी तरह से रिकवरी आने में थोड़ा ज्यादा समय लग सकता है.
रिपोर्ट में कहा गया है कि कच्चे माल की बढ़ती लागत का असर FY27 की पहली तिमाही में दिख सकता है. साथ ही फिलहाल मांग को लेकर अनिश्चितता बनी हुई है, जो कंपनी के लिए एक बड़ी चुनौती है.
HSBC ने Siemens पर भी Hold रेटिंग बरकरार रखी है. शेयर का मौजूदा भाव 3,840 रुपये है. ब्रोकरेज ने टारगेट प्राइस 3,230 रुपये से बढ़ाकर 3,540 रुपये कर दिया है.
रिपोर्ट के अनुसार मार्च तिमाही में कंपनी को अच्छे ऑर्डर मिले और कामकाज भी मजबूत रहा. लेकिन कच्चे माल की बढ़ती लागत का असर कंपनी की कमाई पर पड़ा.

HSBC का कहना है कि कैपेक्स साइकिल फिलहाल ठीक चल रही है, लेकिन मार्जिन में सुधार आने की रफ्तार पहले के अनुमान से धीमी रह सकती है. ब्रोकरेज का मानना है कि मौजूदा शेयर कीमत में भविष्य की कई सकारात्मक उम्मीदें पहले से शामिल हैं.
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ब्रोकरेज रिपोर्ट्स से साफ है कि Ashok Leyland और Siemens दोनों में कुछ सकारात्मक बातें जरूर हैं, लेकिन फिलहाल कुछ चुनौतियां भी बनी हुई हैं. Ashok Leyland के लिए ट्रक डिमांड और लागत का दबाव चिंता का विषय है, जबकि Siemens के लिए बढ़ती लागत और मार्जिन सुधार की रफ्तार पर नजर रहेगी. यही वजह है कि ब्रोकरेज फिलहाल इन दोनों शेयरों पर Hold की सलाह दे रहे हैं.
Hold रेटिंग का मतलब क्या होता है?
Hold रेटिंग का मतलब है कि ब्रोकरेज फिलहाल शेयर को न खरीदने और न बेचने की सलाह दे रहा है. यानी मौजूदा निवेशक शेयर अपने पास रख सकते हैं.
ब्रोकरेज टारगेट प्राइस कैसे तय करते हैं?
ब्रोकरेज कंपनी के कारोबार, कमाई, भविष्य की संभावनाओं और बाजार की स्थिति का विश्लेषण करके टारगेट प्राइस तय करते हैं.
क्या सिर्फ ब्रोकरेज रिपोर्ट देखकर निवेश करना चाहिए?
नहीं. निवेश का फैसला लेने से पहले अपनी रिसर्च और वित्तीय स्थिति को भी ध्यान में रखना चाहिए.
शेयर बाजार में निवेश करते समय सबसे जरूरी बात क्या है?
निवेश से पहले जोखिम को समझना और लंबी अवधि की योजना बनाना सबसे जरूरी माना जाता है.
(डिस्क्लेमर: यहां स्टॉक्स में निवेश की सलाह ब्रोकरेज हाउस द्वारा दी गई है. ये जी बिजनेस के विचार नहीं हैं. निवेश से पहले अपने फाइनेंशियल एडवाइजर से सलाह जरूर लें.)