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Apollo Hospitals के शेयर पर CITI ने दी Buy रेटिंग.
शेयर बाजार में जब भी हेल्थकेयर सेक्टर की बात आती है, तो एक नाम सबसे पहले जेहन में आता है और वो है अपोलो हॉस्पिटल्स. आज के दौर में जहां बीमारियां और इलाज की जरूरतें बढ़ रही हैं, वहां अपोलो जैसा दिग्गज खिलाड़ी अपनी धाक जमाए हुए है.
अगर आप अपने पोर्टफोलियो को एक मजबूत और भरोसेमंद स्टॉक से सजाना चाहते हैं, तो अपोलो हॉस्पिटल्स के शेयरों पर नजर डालना आपके लिए फायदेमंद साबित हो सकता है. ग्लोबल ब्रोकरेज फर्म सिटी (Citi) ने इस स्टॉक को लेकर जो रिपोर्ट दी है, उसने निवेशकों के बीच खलबली मचा दी है.
दिग्गज ब्रोकरेज फर्म सिटी ने अपोलो हॉस्पिटल्स के शेयर पर अपनी 'Buy' रेटिंग बरकरार रखी है. सबसे चौंकाने वाली बात इसका टारगेट प्राइस है. सिटी का मानना है कि आने वाले समय में यह शेयर ₹9600 के स्तर को छू सकता है. फिलहाल यह शेयर ₹7400 के आसपास ट्रेड कर रहा है, यानी यहां से एक बहुत बड़ी उछाल की उम्मीद की जा रही है.
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ब्रोकरेज का कहना है कि मिडिल ईस्ट में चल रही उथल-पुथल का असर कंपनी पर बहुत कम पड़ा है और आने वाली तिमाहियों में इसमें शानदार रिकवरी देखने को मिलेगी. रुपये की गिरावट की वजह से जो महंगाई बढ़ी थी, उसका बोझ भी कंपनी ने सफलतापूर्वक आगे पास कर दिया है, जिससे इसके मार्जिन पर ज्यादा असर नहीं पड़ेगा.
अपोलो हॉस्पिटल्स सिर्फ ईंट-पत्थर के अस्पतालों तक सीमित नहीं है. कंपनी ने डिजिटल दुनिया में 'Apollo 24/7' के जरिए अपनी मजबूत उपस्थिति दर्ज कराई है. निवेशकों के लिए सबसे बड़ी खुशखबरी यह है कि यह डिजिटल प्लेटफॉर्म वित्त वर्ष 2027 की पहली तिमाही (Q1FY27) तक 'ब्रेक-ईवन' यानी मुनाफे की स्थिति में पहुंचने वाला है. जब कोई बड़ा डिजिटल स्टार्टअप मुनाफे की ओर बढ़ता है, तो पूरे ग्रुप की वैल्यूएशन में जबरदस्त इजाफा होता है.
इलाज में सबसे बड़ी चुनौती होती है समय पर अस्पताल पहुंचना. अपोलो हॉस्पिटल्स ने इस गैप को भरने के लिए अपनी एयर एम्बुलेंस सेवाओं को और भी हाई-टेक और संगठित बना दिया है. कंपनी ने नेशनल और इंटरनेशनल लेवल पर कई एयर एम्बुलेंस सर्विस प्रोवाइडर्स के साथ हाथ मिलाया है.
अब अपोलो के '1066 इमरजेंसी रिस्पॉन्स नेटवर्क' के जरिए गंभीर मरीजों को देश के दूर-दराज इलाकों या फिर विदेश से भी तेजी से एयरलिफ्ट किया जा सकेगा. पहले यह प्रक्रिया काफी बिखरी हुई और महंगी होती थी, लेकिन अपोलो की इस पहल से अब मरीजों को ज्यादा व्यवस्थित और तेज सेवा मिल सकेगी.
अपोलो हॉस्पिटल्स का इतिहास काफी पुराना और गौरवशाली है. 1983 में डॉक्टर प्रताप सी रेड्डी ने देश के पहले कॉर्पोरेट अस्पताल की नींव रखी थी. आज यह एशिया का सबसे बड़ा इंटीग्रेटेड हेल्थकेयर नेटवर्क बन चुका है. इसके आंकड़ों पर नजर डालें तो इसकी मजबूती साफ दिखती है-
| मार्केट कैप | ₹1,06,487 करोड़ |
| मौजूदा भाव | ₹7,406 के करीब |
| रिटर्न ऑन इक्विटी (ROE) | 18.4 % |
| रिटर्न ऑन कैपिटल (ROCE) | 16.6 % |
| स्टॉक P/E | 58.6 |
| फेस वैल्यू | ₹5.00 |
18% से ज्यादा का ROE यह बताता है कि कंपनी अपने शेयरहोल्डर्स के पैसे पर शानदार रिटर्न कमा रही है. वहीं 16% से ज्यादा का ROCE इसके बिजनेस मॉडल की सफलता की कहानी कहता है.
क्यों खास है अपोलो का बिजनेस मॉडल
अपोलो हॉस्पिटल्स का कारोबार सिर्फ बेड और सर्जरी तक सीमित नहीं है. कंपनी का एक मजबूत इकोसिस्टम है जिसमें शामिल हैं:
अत्याधुनिक सुविधाओं वाले बड़े अस्पताल.
देशभर में फैला फार्मेसी नेटवर्क.
प्राइमरी केयर और डायग्नोस्टिक क्लिनिक्स.
कई रिटेल हेल्थ मॉडल्स.
यही वजह है कि जब बाजार में उतार-चढ़ाव आता है, तब भी अपोलो जैसे स्टॉक्स अपनी मजबूती बनाए रखते हैं. एशिया के इस सबसे बड़े हेल्थकेयर नेटवर्क की पहुंच अब हर उस जगह है जहां मरीज को मदद की जरूरत है.
Q1: सिटी (Citi) ने अपोलो हॉस्पिटल्स के लिए क्या टारगेट प्राइस दिया है?
A1: सिटी ने अपोलो हॉस्पिटल्स के लिए ₹9600 का टारगेट प्राइस दिया है और 'Buy' रेटिंग बरकरार रखी है.
Q2: Apollo 24/7 प्लेटफॉर्म कब तक मुनाफे में आ सकता है?
A2: अनुमान के मुताबिक अपोलो 24/7 डिजिटल प्लेटफॉर्म वित्त वर्ष 2027 की पहली तिमाही (Q1FY27) तक मुनाफे की स्थिति में पहुंच जाएगा.
Q3: अपोलो हॉस्पिटल्स की नई एयर एम्बुलेंस पहल क्या है?
A3: कंपनी ने नेशनल और इंटरनेशनल सर्विस प्रोवाइडर्स के साथ समझौता किया है ताकि गंभीर मरीजों को एयर मेडिकल ट्रांसपोर्ट के जरिए तेजी से बड़े अस्पतालों तक पहुंचाया जा सके.
Q4: अपोलो हॉस्पिटल्स का मार्केट कैप कितना है?
A4: कंपनी का मार्केट कैप लगभग ₹1,06,487 करोड़ रुपये है.
Q5: अपोलो हॉस्पिटल्स की स्थापना किसने और कब की थी?
A5: अपोलो हॉस्पिटल्स की स्थापना 1983 में डॉक्टर प्रताप सी रेड्डी द्वारा की गई थी.