90% 'Crash': 1 शेयर के हुए 10 टुकड़े तो स्टॉक में दिखी भारी गिरावट! अगर आपके पास भी ये है Stock तो समझ लें पोर्टफोलियो में हुआ क्या

Angel One Share Price: दरअसल कंपनी ने अपने शेयर को ज्यादा छोटे हिस्सों में बांट दिया है, जिसकी वजह से शेयर की कीमत कम दिखाई दे रही है, लेकिन निवेशकों की कुल इन्वेस्टमेंट के वैल्यू में कोई कमी नहीं आई है. 
90% 'Crash': 1 शेयर के हुए 10 टुकड़े तो स्टॉक में दिखी भारी गिरावट! अगर आपके पास भी ये है Stock तो समझ लें पोर्टफोलियो में हुआ क्या

Angel One Stock Split (Image: AI-Generated)

Angel One Share Price: शेयर बाजार में गुरुवार की सुबह कई निवेशक उस समय चौंक गए जब ब्रोकरेज कंपनी Angel One के शेयर में करीब 90% की भारी गिरावट स्क्रीन पर दिखाई दी. पहली नजर में यह किसी बड़ी निगेटिव खबर या तेज बिकवाली जैसा लग सकता है, लेकिन हकीकत इससे बिल्कुल अलग है. शेयर में दिख रही यह गिरावट असली नुकसान नहीं बल्कि पूरी तरह एक टेक्निकल एडजस्टमेंट यानी स्टॉक स्प्लिट (Stock Split) का असर है.

दरअसल कंपनी ने अपने शेयर को ज्यादा छोटे हिस्सों में बांट दिया है, जिसकी वजह से शेयर की कीमत कम दिखाई दे रही है, लेकिन निवेशकों की कुल इन्वेस्टमेंट के वैल्यू में कोई कमी नहीं आई है.

क्या हुआ Angel One के शेयर में?

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Angel One ने 10 रुपये फेस वैल्यू वाले एक शेयर को विभाजित करके 1 रुपये फेस वैल्यू के 10 शेयरों में बदल दिया है. आसान भाषा में समझें तो पहले निवेशक के पास अगर कंपनी का 1 शेयर था, तो अब उसी के बदले उसके पास 10 शेयर हो गए हैं.

इसी कारण शेयर की कीमत भी अपने आप पहले के मुकाबले करीब दसवें हिस्से पर एडजस्ट हो गई. उदाहरण के तौर पर, जो शेयर पहले करीब 2,491 रुपये के आसपास बंद हुआ था, अब वही शेयर स्प्लिट के बाद लगभग 250 रुपये के आसपास ट्रेड करता दिखाई देगा. दोपहर 1 बजे के आसपास BSE पर Angel One Share Price 2.6% की गिरावट के साथ 242 रुपये के आसपास ट्रेड कर रहा था.

इसलिए स्क्रीन पर भले ही 90% गिरावट दिख रही हो, लेकिन वास्तव में निवेशकों का पैसा कहीं गया नहीं है, बल्कि सिर्फ शेयरों की संख्या बढ़ी है और कीमत उसी अनुपात में कम हुई है.

इसे उदाहरण से समझें:

मान लीजिए किसी निवेशक के पास Angel One का 1 शेयर था जिसकी कीमत करीब 2,500 रुपये थी. स्टॉक स्प्लिट के बाद उसके पास 10 शेयर हो जाएंगे और हर शेयर की कीमत लगभग 250 रुपये के आसपास होगी.

अगर कुल वैल्यू जोड़ें तो निवेश की रकम लगभग उतनी ही रहती है. यानी पहले भी निवेश करीब 2,500 रुपये का था और स्प्लिट के बाद भी कुल वैल्यू लगभग समान ही रहती है.

ट्रेडिंग ऐप्स एक्स-स्प्लिट डेट पर नई एडजस्टेड कीमत दिखाते हैं, इसलिए अचानक बड़ी गिरावट का भ्रम पैदा होता है.

Angel One Stock Split

रिकॉर्ड डेट क्यों अहम होती है?

कंपनी ने 26 फरवरी को इस स्टॉक स्प्लिट के लिए रिकॉर्ड डेट तय की थी. इसका मतलब यह है कि जिन निवेशकों के पास इस तारीख से पहले Angel One के शेयर मौजूद थे, उन्हें स्प्लिट का फायदा मिलेगा.

ऐसे निवेशकों को हर एक शेयर पर अतिरिक्त 9 नए शेयर अपने आप उनके डीमैट अकाउंट में मिल जाएंगे. इसके लिए अलग से कुछ करने की जरूरत नहीं होती.

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कंपनियां स्टॉक स्प्लिट क्यों करती हैं?

आमतौर पर कंपनियां स्टॉक स्प्लिट इसलिए करती हैं ताकि शेयर की कीमत छोटे निवेशकों के लिए ज्यादा किफायती बन सके. जब किसी कंपनी का शेयर बहुत महंगा हो जाता है, तो नए रिटेल निवेशकों के लिए उसमें निवेश करना मुश्किल हो सकता है.

Angel One ने जनवरी 2026 में अपने तिमाही नतीजों के साथ इस स्टॉक स्प्लिट का ऐलान किया था. अक्टूबर 2020 में लिस्टिंग के बाद कंपनी ने पहली बार ऐसा कदम उठाया है. कम कीमत पर ट्रेड होने से शेयर में लिक्विडिटी बढ़ने और निवेशकों की भागीदारी बढ़ने की संभावना रहती है.

कंपनी के आंकड़े क्या बताते हैं?

स्प्लिट से पहले Angel One का शेयर 2,491.20 रुपये पर बंद हुआ था और कंपनी का कुल मार्केट कैपिटलाइजेशन करीब 22,600 करोड़ रुपये से ज्यादा था. स्प्लिट के बाद शेयर की ट्रेडिंग कीमत भले कम दिखे, लेकिन कंपनी की कुल वैल्यूएशन में कोई बदलाव नहीं होता.

कारोबार के लिहाज से भी कंपनी का प्रदर्शन मजबूत रहा है. पिछले तिमाही के मुकाबले कंपनी की आय में करीब 11% की बढ़त दर्ज की गई. वहीं नेट प्रॉफिट 27% बढ़कर 269 करोड़ रुपये पहुंच गया. कंपनी का EBITDA मार्जिन करीब 39% रहा, जो मजबूत ऑपरेशनल प्रदर्शन को दिखाता है.

निवेशकों को क्या समझना चाहिए?

सबसे अहम बात यह है कि स्टॉक स्प्लिट से कंपनी के बिजनेस, मुनाफे, ग्रोथ या फंडामेंटल्स पर कोई असर नहीं पड़ता.

अगर आज आपके पोर्टफोलियो में Angel One का शेयर बड़ी गिरावट के साथ दिखाई दे रहा है, तो घबराने की जरूरत नहीं है. यह नुकसान नहीं बल्कि टेक्निकल एडजस्टमेंट है.

लंबी अवधि के निवेशकों के लिए ऐसे कॉरपोरेट एक्शन को समझना जरूरी होता है, क्योंकि कई बार दिखने वाली गिरावट वास्तविक बाजार कमजोरी नहीं होती.

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