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4 ब्रोकरेज ने शेयर के टारगेट प्राइस में की बड़ी कटौती. प्रतीकात्मक फोटो (AI/ChatGPT)
Amber Enterprise ने चौथी तिमाही में ऐसे नतीजे पेश किए, जिन्हें पहली नजर में मजबूत कहा जा सकता है. प्रॉफिट बढ़ा, इलेक्ट्रॉनिक्स कारोबार में तेज ग्रोथ दिखी और कंपनी ने 2600 करोड़ रुपए से ज्यादा की मजबूत ऑर्डरबुक विजिबिलिटी भी दिखाई. लेकिन इसके बावजूद शेयर बाजार का मूड पूरी तरह पॉजिटिव नहीं दिखा.
दरअसल, JP Morgan, CLSA, UBS और Goldman Sachs जैसे चार बड़े ग्लोबल ब्रोकरेज हाउसेज ने कंपनी के टारगेट प्राइस घटा दिए. यही वजह रही कि अच्छे नतीजों के बाद भी निवेशकों के बीच सतर्कता दिखाई दी. बाजार की असली चिंता अब कंपनी के मौजूदा प्रदर्शन से ज्यादा FY27 की ग्रोथ, मार्जिन और इलेक्ट्रॉनिक्स बिजनेस की गति को लेकर नजर आ रही है.
JPMorgan Chase & Co. ने Amber Enterprise पर Neutral रेटिंग बरकरार रखी, लेकिन टारगेट प्राइस 8500 रुपए से घटाकर 7650 रुपए कर दिया. ब्रोकरेज ने कंपनी की अर्निंग कॉल से तीन बड़ी बातें निकालीं-
JP Morgan के मुताबिक कंपनी ने FY27 में Consumer Durables बिजनेस में 12-13% ग्रोथ और Electronics बिजनेस में 40% ग्रोथ का अनुमान दिया है. ब्रोकरेज की उम्मीद इससे ज्यादा थी. यही वजह रही कि ब्रोकरेज ने FY27 और FY28 के अनुमानित EPS में 12% से 36% तक कटौती कर दी.
Amber Enterprise के इलेक्ट्रॉनिक्स कारोबार को कंपनी की सबसे बड़ी ग्रोथ कहानी माना जा रहा था. लेकिन अब इसी सेगमेंट में कुछ देरी ने बाजार को थोड़ा सतर्क कर दिया है.
कंपनी के मुताबिक-
पहले इन प्रोजेक्ट्स के जल्दी शुरू होने की उम्मीद थी. ऐसे में देरी का असर भविष्य की ग्रोथ उम्मीदों पर पड़ता दिखाई दे रहा है.
कंपनी ने FY27 में EBITDA मार्जिन 50 से 100 बेसिस पॉइंट तक घटने की आशंका जताई है. यही बात ब्रोकरेज हाउसेज को सबसे ज्यादा परेशान करती दिखी.
मार्जिन दबाव की मुख्य वजहें-
इनपुट कॉस्ट बढ़ने का असर खासकर इलेक्ट्रॉनिक्स बिजनेस पर ज्यादा पड़ सकता है.
CLSA ने Amber Enterprise पर Accumulate रेटिंग बरकरार रखी, लेकिन टारगेट प्राइस 8650 रुपए से घटाकर 8100 रुपए कर दिया. हालांकि CLSA का नजरिया थोड़ा संतुलित दिखाई दिया. ब्रोकरेज का कहना है कि-
CLSA के मुताबिक फिलहाल बढ़ती कमोडिटी कीमतों का असर दिख रहा है, लेकिन आगे चलकर जब लागत सामान्य होगी और कंपनियां कीमतों का पास थ्रू कर पाएंगी, तब मार्जिन बेहतर हो सकते हैं.
UBS Group AG ने Amber Enterprise पर Neutral रेटिंग रखते हुए टारगेट प्राइस 8000 रुपए से घटाकर 7800 रुपए कर दिया. वहीं Goldman Sachs ने भी Neutral रेटिंग बनाए रखी और टारगेट प्राइस 7360 रुपए से घटाकर 6800 रुपए कर दिया. चार बड़े ब्रोकरेज हाउसेज का एक साथ टारगेट प्राइस घटाना इस बात का संकेत माना जा रहा है कि बाजार फिलहाल कंपनी की लॉन्ग टर्म कहानी पर भरोसा बनाए हुए है, लेकिन निकट भविष्य के मार्जिन और ग्रोथ को लेकर सतर्क है.
हालांकि ब्रोकरेज सतर्क दिखे, लेकिन कंपनी के तिमाही नतीजों में कई मजबूत संकेत भी देखने को मिले.
| प्रमुख आंकड़े | प्रदर्शन |
| एडजेस्टेड नेट प्रॉफिट ग्रोथ | 27% |
| एडजेस्टेड नेट प्रॉफिट | 162 करोड़ रुपए |
| Consumer Durables सेल्स ग्रोथ | 14% |
| Electronics बिजनेस ग्रोथ | 49% |
| Railway & Defence सेल्स ग्रोथ | 19% |
| Railway & Defence सेल्स | 535 करोड़ रुपए |
| ऑर्डरबुक विजिबिलिटी | 2600 करोड़ रुपए से ज्यादा |
कंपनी ने नए लेबर कोड के चलते 9 करोड़ रुपए का वन ऑफ प्रोविजन भी किया है.
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भले ही ब्रोकरेज हाउसेज ने टारगेट प्राइस घटाए हों, लेकिन शेयर का प्रदर्शन अभी भी मजबूत बना हुआ है.
| अवधि | रिटर्न |
| साल 2026 की शुरुआत से | 32.14% |
| पिछले 6 महीने | 14.46% |
| पिछले 1 साल | 33.04% |
कंपनी का 52 वीक हाई 8,974 रुपए और 52 वीक लो 5,400.50 रुपए रहा है.
अब निवेशकों और ब्रोकरेज हाउसेज की नजर तीन अहम चीजों पर रहने वाली है. FY27 में मार्जिन कितना दबाव झेलते हैं, इलेक्ट्रॉनिक्स प्रोजेक्ट्स समय पर आगे बढ़ते हैं या नहीं, बढ़ती लागत का असर कंपनी कितनी तेजी से ग्राहकों तक पास कर पाती है. अगर कंपनी इन मोर्चों पर बेहतर प्रदर्शन दिखाती है, तो आने वाले समय में बाजार का नजरिया फिर बदल सकता है.