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8% चढ़ा Afcons Infra का शेयर. (Image Source - Canva)
Afcons Infrastructure के शेयरों के लिए यह साल बहुत आसान नहीं रहा है. स्टॉक पिछले एक महीने में करीब 7% और साल 2026 में अब तक करीब 19% टूट चुका है. ऐसे में बुधवार को आई 8% की तेजी ने बाजार का ध्यान अपनी ओर खींच लिया. निवेशकों के बीच चर्चा सिर्फ शेयर में आई तेजी की नहीं, बल्कि उसके पीछे की वजह की भी है.
दरअसल, कंपनी को वधवन पोर्ट प्रोजेक्ट से जुड़ा ₹5301 करोड़ का ऑर्डर मिला है. कंपनी वधवन पोर्ट में 10.14 किलोमीटर लंबा ब्रेकवॉटर बनाने जा रही है. यह कोई सामान्य इंफ्रास्ट्रक्चर प्रोजेक्ट नहीं माना जा रहा.
कंपनी के मुताबिक, काम पूरा होने के बाद यह दुनिया का दूसरा सबसे लंबा ब्रेकवॉटर होगा. यही वजह है कि बाजार इसे सिर्फ एक ऑर्डर नहीं, बल्कि कंपनी की तकनीकी क्षमता और भविष्य की संभावनाओं से जोड़कर देख रहा है.

इंफ्रास्ट्रक्चर सेक्टर में बड़े और जटिल प्रोजेक्ट अक्सर कंपनियों की साख को मजबूत करते हैं. निवेशकों को उम्मीद है कि यह प्रोजेक्ट Afcons की ऑर्डर बुक और भविष्य की ग्रोथ को मजबूती दे सकता है.
Afcons Infrastructure के मैनेजिंग डायरेक्टर एस परमासिवन ने इस प्रोजेक्ट को कंपनी के लिए गर्व का क्षण बताया. उनके मुताबिक यह प्रोजेक्ट दुनिया के बड़े मरीन इंफ्रास्ट्रक्चर प्रोजेक्ट्स में शामिल है और भारत की इंजीनियरिंग क्षमता को भी दिखाता है.
वहीं कंपनी के एग्जीक्यूटिव चेयरमैन कृष्णमूर्ति सुब्रमणियन का कहना है कि यह प्रोजेक्ट भारत को वैश्विक समुद्री हब बनाने की दिशा में महत्वपूर्ण भूमिका निभा सकता है.
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वधवन पोर्ट को देश की सबसे महत्वाकांक्षी समुद्री परियोजनाओं में गिना जा रहा है. ऐसे में इससे जुड़े बड़े कॉन्ट्रैक्ट्स को बाजार काफी गंभीरता से देख रहा है. निवेशकों का मानना है कि इस तरह के बड़े प्रोजेक्ट्स कंपनी की कमाई की दृश्यता बढ़ाते हैं और लंबे समय तक बिजनेस को सहारा दे सकते हैं.
Afcons Infra का शेयर अभी भी अपने 52 हफ्तों के उच्चतम स्तर ₹479.40 से काफी नीचे कारोबार कर रहा है. हालांकि मार्च 2026 में बने ₹265.80 के निचले स्तर से इसमें सुधार देखने को मिला है. बुधवार की तेजी ने यह संकेत जरूर दिया है कि सकारात्मक खबरों पर निवेशक अभी भी स्टॉक में दिलचस्पी दिखा रहे हैं.
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बाजार अब सिर्फ प्रोजेक्ट मिलने पर नहीं, बल्कि उसके क्रियान्वयन पर भी नजर रखेगा. अगर कंपनी इस बड़े और चुनौतीपूर्ण प्रोजेक्ट को समय पर आगे बढ़ाती है, तो निवेशकों का भरोसा और मजबूत हो सकता है. यही वजह है कि बुधवार की तेजी को सिर्फ एक दिन की प्रतिक्रिया नहीं, बल्कि बाजार की बदली हुई धारणा के तौर पर भी देखा जा रहा है.