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Stock Markets में भारी गिरावट
Stock Markets Updates: घरेलू शेयर बाजार में आज हफ्ते के आखिरी दिन भी तेज बिकवाली हुई. लगातार तीसरे दिन बाजार में तेज गिरावट रही. और बेंचमार्क इंडेक्स 2 फीसदी तक की गिरावट के साथ बंद हुए. सेंसेक्स 1470 अंक गिरकर 74,564 पर बंद हुआ. निफ्टी 488 अंक गिरकर 23,151 पर बंद हुआ. बैंक निफ्टी 1343 अंक गिरकर 53,758 पर बंद हुआ. करेंसी मार्केट में रुपया 27 पैसे कमजोर होकर 92.46/$ पर बंद हुआ.
मिडकैप और स्मॉलकैप शेयरों में भी हफ्ते के दौरान दबाव देखने को मिला. Nifty Mid Select इंडेक्स 342.6 अंक यानी करीब 2.64% गिरकर 12,618.5 के स्तर पर बंद हुआ. वहीं Nifty Smallcap इंडेक्स भी 410 अंक यानी लगभग 2.51% टूटकर 15,895.2 के स्तर पर आ गया. इससे साफ है कि बाजार की कमजोरी केवल बड़े शेयरों तक सीमित नहीं रही, बल्कि मिड और स्मॉलकैप सेगमेंट में भी बिकवाली का दबाव बना रहा.
बीते हफ्ते घरेलू शेयर बाजार में तेज गिरावट देखने को मिली और लगभग सभी प्रमुख इंडेक्स दबाव में रहे. Sensex करीब 5.5% गिरा, जबकि Nifty 50 में लगभग 5.3% की गिरावट दर्ज हुई. बैंकिंग शेयरों में सबसे ज्यादा दबाव देखने को मिला और Nifty Bank करीब 7% टूट गया.
ऑटो सेक्टर में भी भारी बिकवाली रही. Nifty Auto इंडेक्स करीब 10.6% गिरकर सबसे ज्यादा कमजोर सेक्टर रहा. इसके अलावा Nifty Metal में करीब 6% की गिरावट दर्ज हुई. डिफेंसिव माने जाने वाले सेक्टर भी दबाव से नहीं बच सके. Nifty FMCG करीब 4% फिसल गया, जबकि Nifty IT इंडेक्स में भी करीब 3.5% की गिरावट देखने को मिली.
दोपहर 2 बजे तक सेंसेक्स 1300 अंकों से ज्यादा की गिरावट देख रहा था और 74,700 का लेवल क्रॉस कर चुका था. निफ्टी भी 460 अंकों की गिरावट के साथ 23,200 के भी नीचे फिसल गया. मेटल शेयरों में हैवी सेलिंग थी. मेटल इंडेक्स 4 फीसदी गिरा था. ऑटो 3.5 फीसदी गिरा था. पीएसयू बैंक भी 3 फीसदी गिरा था. प्राइवेट बैंक 2 फीसदी, बाकी सभी सेक्टोरल इंडेक्स भी डेढ़ फीसदी से ज्यादा की गिरावट देख रहे थे. निफ्टी मिडकैप 1500 अंक गिरा ा. निफ्टी आईटी में करीब 600 अंकों की गिरावट थी. निफ्टी फार्मा में करीब 500 अंकों की गिरावट थी.
सेंसेक्स ओपनिंग में 600 अंकों की गिरावट के साथ ट्रेड करता दिखा. निफ्टी भी 180 अंकों के आसपास की गिरावट लेकर 23,500 के नीचे फिसल गया था. बैंक निफ्टी भी 500 अंकों से ज्यादा की गिरावट के साथ 54,500 के आसपास था. India VIX 1.4% उछला था. मिडकैप और स्मॉलकैप इंडेक्स में 1-1 फीसदी की गिरावट दर्ज हो रही थी.
सुबह 09:28 पर सेंसेक्स 566 अंक गिरकर 75,467 पर ट्रेड कर रहा था. निफ्टी 170 अंक गिरकर 23,466 पर था. बैंक निफ्टी 584 अंक गिरकर 54,535 पर ट्रेड कर रहा था. FMCG Stocks में आज तेजी दिख रही थी. HUL, Nestle, Power Grid, ITC, Sun Pharma, Bajaj Finance, Tata Consumer, Bharti Airtel, NTPC निफ्टी 50 के टॉप गेनर्स थे. Hindalco, LT, Tata Steel, Ultratech Cement, Tech Mahindra, Indigo में सबसे ज्यादा गिरावट थी. मेटल, आईटी, मीडिया, पीएसयू बैंक, प्राइवेट बैंक इंडेक्स में ज्यादा गिरावट थी. FMCG इकलौता इंडेक्स हरे निशान में था.
ग्लोबल तनाव और कच्चे तेल की तेजी के बीच कई बड़े ट्रिगर सामने हैं. पश्चिम एशिया में हालात तेजी से बिगड़ते नजर आ रहे हैं, जिसका सीधा असर कमोडिटी मार्केट, ग्लोबल इक्विटी और करेंसी बाजारों पर दिख रहा है. इसके साथ ही विदेशी निवेशकों की लगातार बिकवाली और महंगाई के आंकड़ों ने भी बाजार का सेंटीमेंट कमजोर किया है. ऐसे में आज के कारोबार में इन प्रमुख ट्रिगर्स पर बाजार की नजर रहेगी.
कच्चे तेल की तेजी का असर ग्लोबल बाजारों पर भी दिखा. GIFT Nifty करीब 300 अंक गिरकर 23,460 के आसपास ट्रेड करता दिखा, जबकि Dow Jones Futures करीब 250 अंक की मजबूती दिखा रहा था. इससे संकेत मिलता है कि बाजार में फिलहाल अनिश्चितता बनी हुई है.
कच्चे तेल में उछाल और बढ़ते भू-राजनीतिक जोखिम के चलते अमेरिकी बाजारों में भारी बिकवाली हुई. Dow Jones Industrial Average करीब 750 अंक टूट गया, जबकि Nasdaq Composite में भी करीब 400 अंकों की गिरावट दर्ज की गई. यह लगातार तीसरा दिन रहा जब अमेरिकी बाजार दबाव में रहे.
सुरक्षित निवेश की मांग बढ़ने से US Dollar Index साढ़े तीन महीने की ऊंचाई पर 100 के करीब पहुंच गया. वहीं 10 साल की अमेरिकी बॉन्ड यील्ड भी करीब 5 हफ्ते की ऊंचाई पर 4.25% के आसपास पहुंच गई.
विदेशी निवेशकों की बिकवाली का सिलसिला जारी है. FIIs ने लगातार 10वें दिन कैश, इंडेक्स और स्टॉक फ्यूचर्स मिलाकर करीब ₹10,321 करोड़ की भारी बिकवाली की. इसके विपरीत घरेलू संस्थागत निवेशकों ने लगातार 12वें दिन करीब ₹7,450 करोड़ की खरीदारी की, जिससे बाजार को कुछ सहारा मिला.
कमोडिटी बाजार में भी उतार-चढ़ाव देखने को मिला. सोना करीब ₹1500 गिरकर ₹1,60,300 के नीचे आ गया, जबकि चांदी भी ₹500 फिसलकर ₹2,68,000 के नीचे बंद हुई. अंतरराष्ट्रीय बाजार COMEX पर भी सोना और चांदी करीब 1.5% से 2% तक कमजोर रहे.
LIVE TV:
ईरान के नए सुप्रीम लीडर Mojtaba Khamenei ने अपने पहले संदेश में अमेरिका को खुली चेतावनी दी है. उन्होंने साफ कहा कि स्ट्रेट ऑफ हॉर्मुज को बंद रखा जाएगा और मिडिल ईस्ट में मौजूद अमेरिकी ठिकानों पर हमले किए जा सकते हैं. उनके बयान से क्षेत्र में तनाव और बढ़ने का खतरा पैदा हो गया है.
ईरान के स्ट्रेट ऑफ हॉर्मुज बंद रखने के ऐलान का असर तुरंत कच्चे तेल की कीमतों पर दिखा. Brent Crude Oil करीब 9% उछलकर अगस्त 2022 के बाद पहली बार 100 डॉलर प्रति बैरल के ऊपर बंद हुआ. यह उछाल वैश्विक महंगाई और सप्लाई चेन के लिए बड़ा जोखिम माना जा रहा है.
अमेरिका के पूर्व राष्ट्रपति Donald Trump ने कहा कि तेल की कीमतों में तेजी से अमेरिका को फायदा हो सकता है. हालांकि उन्होंने यह भी स्पष्ट किया कि ईरान को परमाणु हथियार बनाने से रोकना अमेरिका की प्राथमिकता है और मिडिल ईस्ट या दुनिया को किसी भी तरह का नुकसान नहीं होने दिया जाएगा.
घरेलू मोर्चे पर महंगाई के आंकड़ों ने भी चिंता बढ़ाई है. फरवरी में रिटेल महंगाई करीब 2.75% से बढ़कर 3.25% के आसपास पहुंच गई. इसमें फूड इंफ्लेशन में बढ़ोतरी का बड़ा योगदान रहा.
इस बीच National Stock Exchange of India के बहुप्रतीक्षित IPO की तैयारी भी तेज हो गई है. एक्सचेंज ने 20 मर्चेंट बैंकर और 8 लॉ फर्म्स को नियुक्त किया है, जिससे लिस्टिंग प्रक्रिया में तेजी आने की उम्मीद है.
मिडिल ईस्ट के गंभीर हालात को देखते हुए Narendra Modi ने ईरान के राष्ट्रपति से फोन पर बातचीत की. इस दौरान उन्होंने भारतीय नागरिकों की सुरक्षा सुनिश्चित करने और तेल-गैस समेत जरूरी सप्लाई चेन को बिना बाधा जारी रखने पर जोर दिया.
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