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Stock Markets में भारी-भरकम गिरावट.
Stock Markets Today: सोमवार (23 मार्च) को घरेलू शेयर बाजारों में भारी-भरकम गिरावट रही. हॉर्मुज स्ट्रेट खोलने को लेकर ट्रंप की धमकी, 109 डॉलर का क्रूड, रिकॉर्ड लो पर रुपया, India VIX में 18% की उछाल जैसी वजहों से गिरावट गहराई. सेंसेक्स 1837 अंक गिरकर 72,696 पर बंद हुआ. निफ्टी 602 अंक गिरकर 22,513 पर बंद हुआ. बैंक निफ्टी 1989 अंक गिरकर 51,438 पर बंद हुआ. करेंसी मार्केट में $ के मुकाबले रुपया रिकॉर्ड निचले स्तर पर पहुंच गया. रुपया 27 पैसे कमजोर होकर 93.98/$ पर बंद हुआ.
Nifty Midcap Select करीब 452 अंक गिरकर 12,174 पर बंद हुआ. वहीं Nifty Smallcap इंडेक्स में और ज्यादा कमजोरी रही और यह 620 अंक टूटकर 15,098 पर आ गया. दोनों इंडेक्स में 3.5% से ज्यादा की गिरावट दर्ज की गई.
अनिल सिंघवी ने कहा कि निफ्टी बैंक निफ्टी 53100 के नीचे कोई भी क्लोजिंग खराब ही मानी जाएगी. 21700-22000 बहुत बड़ा सपोर्ट जोन है. बाजार ने दो बार इस रेंज में डबल बॉटम बनाया था. पहले जून 2024 को लोकसभा चुनाव नतीजों के दिन और फिर दूसरा 7 अप्रैल 2025 को ट्रंप के टैरिफ लगाने पर. तो ये लेवल डबल बॉटम का काम करेगा.
Nifty 50 के दिग्गज शेयरों में भी दबाव दिखा. Shriram Finance, Titan, Trent और Jio Financial Services जैसे बड़े नामों में गिरावट ने इंडेक्स को नीचे खींचा.
कंज्यूमर ड्यूरेबल्स सेक्टर भी दबाव में रहा. Avalon Technologies, Whirlpool, Symphony और Kaynes Technology जैसे शेयरों में तेज गिरावट देखने को मिली.
मेटल स्टॉक्स में भी बिकवाली हावी रही. Hindustan Copper, SAIL, Jindal Steel और NMDC जैसे शेयरों में गिरावट ने सेक्टर को कमजोर किया.
रियल्टी सेक्टर में भी कमजोरी जारी रही. Lodha Developers, Prestige Estates, Sobha Ltd और Anant Raj जैसे शेयरों में गिरावट आई.
टॉप लूजर्स में FirstCry, Raymond Lifestyle, Inox Green Energy और AWL Agri Business जैसे शेयर शामिल रहे.
हालांकि पूरी तरह नकारात्मक माहौल के बीच कुछ शेयरों में खरीदारी भी देखने को मिली. DCX Systems, Entero Healthcare, Trident और Power Grid जैसे शेयर टॉप गेनर्स में रहे.
- ट्रंप की 48 घंटे की धमकी पड़ी भारी
- बाजार को डर है कि ट्रंप आज कुछ बड़ा करेंगे
- और ईरान भी ऐसे में चुप बैठने वाला नहीं
- डर है कहीं युद्ध Next Level पर ना पहुंच जाए
- हालांकि कच्चा तेल बहुत ज्यादा नहीं बढ़ा
- $109 पर ही क्रूड फिर भी मार्केट में डर बहुत ज्यादा
इसके अलावा कुछ और वजहें भी पड़ी भारी
1. रुपया फिर से नए Lifetime Low पर
2. FIIs की आज भी दमदार बिकवाली
3. खरीदना तो किसी को है ही नहीं
4. India Vix में 18% का उछाल, Volatility बढ़ने के संकेत
5. मिड-स्मॉलकैप सहित सभी इंडेक्स में चौतरफा बिकवाली
6. किसी भी लेवल से कोई भी ढंग की रिकवरी नहीं
7. सोने-चांदी की तेज गिरावट से भी मूड खराब
अब कौन-से लेवल्स हैं अहम?
- निफ्टी 24500, बैंक निफ्टी 52000 के नीचे ज्यादा कमजोर
- निफ्टी में 22075-22300 अगला सपोर्ट
- आज तो खराब क्लोजिंग निश्चित ही है
- निफ्टी 22900, बैंक निफ्टी 53100 के नीचे कोई भी क्लोजिंग खराब ही मानी जाएगी
- 21700-22000 बहुत बड़ा सपोर्ट जोन
- बाजार ने दो बार इस रेंज में बनाया डबल बॉटम
- पहले 4 जून 2024 को लोकसभा चुनाव नतीजों के दिन
- दूसरा 7 अप्रैल 2025 को ट्रंप के टैरिफ लगाने पर
- ये डबल बॉटम का काम करेगा
- रिकवरी में निफ्टी 22750-22900, बैंक निफ्टी 52650-52925 में पोजीशन करें हल्की
सोने-चांदी में कोहराम क्यों?
- अमेरिका में ब्याज दरें बढ़ने का खतरा
- अमेरिकी बॉन्ड यील्ड 5 महीनों की ऊंचाई 4.39% पर
- डॉलर इंडेक्स में मजबूती, 100 के करीब
- 29 जनवरी के All time High से आई मुनाफावसूली और तेज बिकवाली
- जिन देशों ने पहले गोल्ड खरीदा था, युद्ध शुरू होने के बाद उनकी बड़ी बिकवाली
युद्ध जारी, रुपये पर भारी
- डॉलर के मुकाबले रिकॉर्ड निचले स्तर पर रुपया
- इंट्राडे में रुपया ₹93.98 तक फिसला
- इंट्राडे में रुपया 27 पैसे गिरा
- मिडिल ईस्ट युद्ध के बीच 3% लुढ़का रुपया
- 1 साल में रुपये में करीब 9.5% की गिरावट
- युद्ध के बीच अमेरिकी डॉलर की मांग बढ़ी
- कच्चे तेल की कीमतों में तेजी से असर
- विदेशी निवेशकों की भारी बिकवाली
STOCK IN ACTION
Petronet LNG:
- ग्लोबल गैस प्रोडक्शन में कमी का शेयर पर बुरा असर
- आज सुबह ‘ओपनिंग के जीरो’ में 245 पर बताया था शेयर
MCX:
- गोल्ड, सिल्वर और मेटल की कीमतों में तेज गिरावट का शेयर पर असर
- आज सुबह ‘ओपनिंग के जीरो’ में 2320 पर बताया था शेयर
Muthoot Fin:
- गोल्ड के दाम तेजी से घटने से सेंटिमेंट खराब
- आज सुबह ‘ओपनिंग के जीरो’ में 3145 पर बताया था शेयर
SAIL:
- मेटल शेयरों में तेज गिरावट
- शेयर F&O बैन में भी
Tech Mahindra:
- कमजोर बाजार में IT शेयरों में आई रिकवरी
- रुपए की कमजोरी का मिला फायदा
तेज गिरावट के साथ हफ्ते की शुरुआत हुई. सुबह 09:26 के आसपास सेंसेक्स 1273 अंक गिरकर 73259 के आसपास ट्रेड कर रहा था. सेंसेक्स 30 पर HCL Tech हल्की तेजी पर दिखा. बाकी सभी शेयर लाल निशान में थे. इस दौरान निफ्टी 392 अंक नीचे 22,721 के आसपास ट्रेड कर रहा था. बैंक निफ्टी 1216 अंक गिरकर 52,199 के लेवल पर था. निफ्टी मिडकैप और स्मॉलकैप इंडेक्स भी 2-2% से ज्यादा गिरे हुए थे.
ओपनिंग होते ही सेंसेक्स 1400 अंकों से ज्यादा गिरा था. निफ्टी भी 200 अंकों से ज्यादा गिरकर 22,700 के नीचे चला गया था. बैंक निफ्टी भी 1300 अंक तक गिरा हुआ था. सुबह GIFT निफ्टी करीब 350 अंकों की भारी गिरावट के साथ 22,800 के आसपास ट्रेड कर रहा था.
सारे ही सेक्टोरल इंडेक्स गिरावट के साथ ट्रेड कर रहे थे, जिसमें सबसे ज्यादा गिरावट मेटल और पीएसयू बैंक इंडेक्स में दिख रही थी. दोनों ही इंडेक्स 3-3 प्रतिशत तक गिर गए थे. ऑटो, NBFC, प्राइवेट बैंक, रियल्टी और आईटी भी तेज कमजोरी दिखा रहे थे.
अमेरिका-इजरायल और ईरान के बीच बढ़ते तनाव ने निवेशकों की चिंता बढ़ा दी है. GIFT निफ्टी करीब 350 अंकों की भारी गिरावट के साथ 22,800 के आसपास ट्रेड कर रहा है, जबकि डाओ फ्यूचर्स भी कमजोरी दिखा रहे हैं. एशियाई बाजारों में भी तेज गिरावट है.
मिडिल ईस्ट में हालात लगातार बिगड़ते जा रहे हैं. युद्ध 24वें दिन भी जारी है और अब यह और ज्यादा आक्रामक हो गया है. अमेरिका और इजरायल ने ईरान की नतांज न्यूक्लियर फैसिलिटी पर हमला किया, जिसके जवाब में ईरान ने इजरायल के न्यूक्लियर साइट पर मिसाइल दागी. इस हमले में 100 से ज्यादा लोग घायल बताए जा रहे हैं.
तनाव उस समय और बढ़ गया जब अमेरिका की ओर से ईरान को स्ट्रेट ऑफ हॉर्मुज को लेकर सीधी चेतावनी दी गई. 48 घंटे का अल्टीमेटम दिया गया कि अगर स्ट्रेट को पूरी तरह नहीं खोला गया तो पावर प्लांट्स को निशाना बनाया जाएगा. इसके जवाब में ईरान ने भी कड़ी चेतावनी दी है कि अगर उसके पावर ग्रिड्स पर हमला हुआ तो वह स्ट्रेट ऑफ हॉर्मुज को पूरी तरह बंद कर सकता है, साथ ही अमेरिका का साथ देने वाले देशों के एनर्जी और वॉटर इंफ्रास्ट्रक्चर पर भी हमला कर सकता है.
मिडिल ईस्ट में तनाव का सीधा असर कच्चे तेल की कीमतों पर दिख रहा है. ब्रेंट क्रूड जुलाई 2022 के बाद पहली बार 112 डॉलर प्रति बैरल के ऊपर बंद हुआ, हालांकि फिलहाल इसमें कुछ ठंडक आई है और कीमतें 107 डॉलर के आसपास आ गई हैं.
एनर्जी सप्लाई को लेकर अनिश्चितता बनी हुई है. हालांकि सप्लाई को स्थिर करने के लिए अमेरिका ने समुद्र में फंसे ईरानी तेल पर 30 दिनों के लिए प्रतिबंध हटा दिए हैं. वहीं ईरान की ओर से दावा किया गया है कि उसका तेल पहले ही बिक चुका है, जिससे सप्लाई साइड पर तस्वीर और जटिल हो गई है.
ग्लोबल इक्विटी मार्केट्स में डर साफ नजर आ रहा है. अमेरिकी बाजार लगातार तीसरे दिन गिरावट के साथ बंद हुए. डाओ में 200 अंकों की रिकवरी के बावजूद यह 450 अंक गिरकर करीब 5 महीने के निचले स्तर पर बंद हुआ. वहीं नैस्डैक में भी करीब 450 अंकों की तेज गिरावट दर्ज की गई और यह 6 महीने के लो पर बंद हुआ.
एशियाई बाजारों में हालात और खराब हैं. जापान और दक्षिण कोरिया के बाजारों में 4 से 5 फीसदी तक की बड़ी गिरावट देखने को मिल रही है, जो जोखिम से बचने के मूड को दिखाता है.
घरेलू बाजार में विदेशी निवेशकों की लगातार बिकवाली चिंता का विषय बनी हुई है. FIIs ने कैश मार्केट में लगातार 16वें दिन बिकवाली जारी रखते हुए करीब 5500 करोड़ रुपए निकाले. कुल मिलाकर नेट बिकवाली 5905 करोड़ रुपए रही.
हालांकि घरेलू संस्थागत निवेशक बाजार को संभालने की कोशिश कर रहे हैं. DIIs ने लगातार 18वें दिन खरीदारी जारी रखते हुए करीब 5700 करोड़ रुपए का निवेश किया, जिससे बाजार को कुछ सपोर्ट मिल सकता है.
LIVE TV:
जहां एक तरफ जियोपॉलिटिकल तनाव बढ़ा है, वहीं दूसरी तरफ सोना और चांदी में गिरावट देखने को मिल रही है. चांदी करीब 4600 रुपए टूटकर 2.27 लाख रुपए प्रति किलो के नीचे बंद हुई. वहीं सोना भी करीब 500 रुपए गिरकर 1.44 लाख रुपए प्रति 10 ग्राम के नीचे आ गया.
सरकार ने माइक्रोफाइनेंस कंपनियों के लिए 20,000 करोड़ रुपए की क्रेडिट गारंटी स्कीम को मंजूरी दी है, जो अगले 3 महीनों के लिए लागू होगी. इससे इस सेक्टर के शेयरों में हलचल देखने को मिल सकती है.
वहीं Central Mine Planning & Design Institute के IPO को पहले दिन बेहद कमजोर रिस्पॉन्स मिला है और यह सिर्फ 7 फीसदी ही सब्सक्राइब हुआ है. इससे प्राइमरी मार्केट में सेंटीमेंट कमजोर होने के संकेत मिलते हैं.
इसके अलावा आज SEBI बोर्ड की अहम बैठक भी है, जिसमें FPIs के लिए फंड नेटिंग की मंजूरी और अधिकारियों के लिए पब्लिक डिस्क्लोजर को अनिवार्य बनाने जैसे अहम फैसलों पर विचार हो सकता है.
आज के सभी संकेतों को देखें तो बाजार के लिए माहौल कमजोर नजर आ रहा है. ग्लोबल टेंशन, कच्चे तेल की ऊंची कीमतें और FIIs की लगातार बिकवाली बाजार पर दबाव बना सकती है.
हालांकि घरेलू संस्थागत निवेशकों की खरीदारी कुछ हद तक गिरावट को थाम सकती है. ऐसे में आज बाजार में वोलैटिलिटी ज्यादा रहने की संभावना है और निवेशकों को सतर्क रहने की जरूरत है.
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