Stock Market Highlights: बिकवाली ने किया हिट, बड़ी गिरावट पर बंद हुए बाजार; सेंसेक्स 600 अंक नीचे- इन शेयरों में सबसे ज्यादा नुकसान

Stock Market Today: शेयर बाजार में शुक्रवार को भी भारी बिकवाली देखी गई और मार्केट लगातार पांचवें दिन तेज गिरावट के साथ बंद हुए. सेंसेक्स 600 अंक नीचे बंद हुआ.
Stock Market Highlights: बिकवाली ने किया हिट, बड़ी गिरावट पर बंद हुए बाजार; सेंसेक्स 600 अंक नीचे- इन शेयरों में सबसे ज्यादा नुकसान

Stock Market Today: शेयर बाजार में शुक्रवार को भी भारी बिकवाली देखी गई और मार्केट लगातार पांचवें दिन तेज गिरावट के साथ बंद हुए. सेंसेक्स 605 अंक गिरकर 83,576 पर बंद हुआ. निफ्टी 194 अंक गिरकर 25,683 पर बंद हुआ. निफ्टी बैंक 435 अंक गिरकर 59,252 पर बंद हुआ और करेंसी मार्केट में रुपया 14 पैसे कमजोर होकर 90.16/$ पर बंद हुआ.

FIIs की बिकवाली, दिग्गज शेयरों में बिकवाली और डोनाल्ड ट्रंप के बयानों और टैरिफ में डर को देखते हुए बाजार में कमजोरी रही. मिडकैप और स्मॉलकैप शेयरों में तेज बिकवाली ने निवेशकों का सेंटिमेंट खराब किया. मिडकैप सेलेक्ट इंडेक्स में करीब 2.2% की गिरावट दर्ज की गई, जबकि स्मॉलकैप 100 इंडेक्स 3.1% टूट गया.

हफ्ते के कमजोर सेक्टर्स

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इस हफ्ते सेक्टोरल परफॉर्मेंस की बात करें तो एनर्जी सेक्टर सबसे ज्यादा दबाव में रहा. निफ्टी एनर्जी करीब 5.1% गिरा. निफ्टी मेटल में 2.8% और निफ्टी FMCG में 1.1% की कमजोरी दिखी. वहीं, निफ्टी IT इकलौता ऐसा सेक्टर रहा, जिसने 0.67% की बढ़त के साथ कुछ राहत दी.

निफ्टी पर कौन रहा टॉपर और लूजर?

निफ्टी 50 में आज अदाणी एंटरप्राइजेज, NTPC, बजाज ऑटो और ICICI Bank प्रमुख रूप से दबाव में रहे. दूसरी तरफ, एशियन पेंट्स, ONGC, BEL और HCL Tech ने मजबूती दिखाई और बाजार को सीमित सपोर्ट देने की कोशिश की.

आज कुछ स्टॉक्स में खास तौर पर तेज एक्शन देखने को मिला. Elecon Engineering में करीब 16% की भारी गिरावट आई. IEX करीब 7.5% टूटा, जबकि Manappuram Finance में 8.7% की कमजोरी दर्ज हुई. आंध्र सीमेंट भी दबाव में रहा.

कौन रहा वॉल्यूम गेनर?

आज जिन शेयरों में जोरदार ट्रेडिंग वॉल्यूम देखने को मिला, उनमें HDFC Bank, BEL, Jio Financial और Tata Motors शामिल रहे. इसके अलावा, दिन के कारोबार में Balu Forge, Force Motors, Thangamayil Jewellery और Tejas Networks टॉप लूजर्स रहे. वहीं, MTAR Technologies, Gokaldas Exports, NALCO और Aarti Pharmalabs ने मजबूत प्रदर्शन किया और टॉप गेनर्स में जगह बनाई.

कैसी थी ओपनिंग?

कल शेयर बाजार में जबरदस्त गिरावट के बाद शुक्रवार को बाजार की शुरुआत हल्की तेजी के साथ हुई थी. ओपनिंग में सेंसेक्स 150 अंकों की तेजी के साथ 84,337 के आसपास ट्रेड कर रहा था. निफ्टी 45 अंक ऊपर 25,922 पर ट्रेड कर रहा था. बैंक निफ्टी में फ्लैट ट्रेडिंग हो रही थी. निफ्टी 50 पर ONGC, BEL, Asian Paint, Power Grid, HCL Tech, Eternal, Tech Mahindra में अच्छी तेजी थी. वहीं, Adani Enterprises, Adani Ports, ICICI Bank, Shriram Finance, NTPC, TMPV, Max Health में गिरावट थी. आईटी, पीएसयू बैंक, ऑयल एंड गैस इंडेक्स में हल्की बढ़त थी. वहीं, रियल्टी, मीडिया, हेल्थकेयर, NBFC जैसे इंडेक्स में ज्यादा बिकवाली थी.

पिछली क्लोजिंग के मुकाबले देखें तो सेंसेक्स 158 अंक नीचे 84,022 पर खुला. निफ्टी 36 अंक नीचे 25,840 पर खुला और बैंक निफ्टी 128 अंक नीचे 59,558 पर खुला. करेंसी मार्केट में मजबूती थी. रुपया 15 पैसे मजबूत 89.90/$ पर खुला था.

से पहले ग्लोबल और घरेलू मोर्चे पर कई अहम ट्रिगर्स निवेशकों के मूड को तय करते नजर आ रहे हैं. विदेशी निवेशकों की लगातार बिकवाली, अमेरिकी बाजारों से मिले मिक्स्ड संकेत, कमोडिटी में तेज उतार-चढ़ाव और आज से शुरू हो रहे Bharat Coking Coal IPO और रिजल्ट सीजन पर बाजार की खास नजर रहेगी.

FIIs की बिकवाली जारी

विदेशी संस्थागत निवेशकों ने गुरुवार को भी आक्रामक बिकवाली जारी रखी. FIIs ने 11,922 करोड़ रुपए की नेट सेलिंग की, जो लगातार चौथा दिन है जब विदेशी निवेशक बाजार से पैसा निकालते दिखे. इसके उलट घरेलू संस्थागत निवेशकों का भरोसा बना हुआ है. DIIs ने रिकॉर्ड 93वें दिन भी खरीदारी जारी रखते हुए करीब 3,700 करोड़ रुपए बाजार में लगाए, जिससे गिरावट को आंशिक सहारा मिला.

ग्लोबल बाजारों से कैसे हैं संकेत?

अमेरिकी बाजारों से मिले संकेत मिले-जुले रहे. डाओ जोंस दिन के निचले स्तर से जोरदार रिकवरी करते हुए 475 अंकों की छलांग के बाद करीब 270 अंकों की मजबूती के साथ बंद हुआ. वहीं नैस्डैक में लगातार तीन दिनों की तेजी के बाद करीब 100 अंकों की गिरावट देखने को मिली. गिफ्ट निफ्टी 26,000 के आसपास सपाट कारोबार कर रहा है, जिससे घरेलू बाजार में सीमित दायरे में शुरुआत के संकेत मिलते हैं. अमेरिका में ट्रंप टैरिफ केस की सुनवाई और दिसंबर के रोजगार आंकड़ों से पहले डाओ फ्यूचर्स भी सुस्त नजर आ रहे हैं.

अमेरिका में आज क्या होगा?

अमेरिकी सुप्रीम कोर्ट आज ट्रंप के टैरिफ अधिकारों पर अहम फैसला सुना सकता है, जिसका असर ग्लोबल ट्रेड और बाजारों पर पड़ सकता है. इसके अलावा अमेरिकी सांसदों ने भविष्य में वेनेजुएला पर ट्रंप द्वारा किसी भी सैन्य कार्रवाई पर रोक लगाने का प्रस्ताव सीनेट में पेश किया है, जिससे जियोपॉलिटिकल मोर्चे पर हल्की नरमी देखी जा रही है.

कमोडिटी बाजार में मुनाफावसूली

कमोडिटी बाजार में तेज मुनाफावसूली देखने को मिली. चांदी करीब 8,200 रुपए टूटकर 2,43,300 रुपए के आसपास बंद हुई, जबकि सोना करीब 300 रुपए की गिरावट के साथ 1,37,800 रुपए के नीचे फिसला. अंतरराष्ट्रीय बाजार में चांदी करीब डेढ़ प्रतिशत गिरी, हालांकि सोने में 20 डॉलर की मजबूती देखने को मिली. दूसरी ओर अमेरिका में कच्चे तेल के भंडार घटने से क्रूड ने जोरदार उछाल दिखाया. ब्रेंट क्रूड साढ़े चार प्रतिशत की तेजी के साथ 63 डॉलर प्रति बैरल के करीब पहुंच गया.

करेंसी बाजार में डॉलर की मजबूती बनी हुई है. डॉलर इंडेक्स लगातार तीसरे दिन मजबूत होते हुए एक महीने की ऊंचाई पर 98.5 के ऊपर बना हुआ है, जो उभरते बाजारों के लिए थोड़ा दबाव पैदा कर सकता है.

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किन खबरों पर रहेगी नजर?

कॉरपोरेट जगत में बड़ी डील ने सुर्खियां बटोरी हैं. Bajaj Finserv और Allianz के बीच 24 साल पुरानी पार्टनरशिप खत्म हो गई है. Bajaj Finserv ने अपनी इंश्योरेंस कंपनियों में Allianz की 23 प्रतिशत हिस्सेदारी करीब 21,400 करोड़ रुपए में खरीदी है. यह भारतीय इंश्योरेंस सेक्टर की अब तक की सबसे बड़ी डील मानी जा रही है.

F&O सेगमेंट में IREDA के नतीजों पर बाजार की नजर रहेगी, जो बाजार बंद होने के बाद जारी होंगे. इसके अलावा इलेक्ट्रिसिटी एपिलेट ट्रिब्यूनल में आज सुबह साढ़े दस बजे से मार्केट कपलिंग केस की सुनवाई होगी, जिससे IEX शेयर में हलचल देखने को मिल सकती है.

प्राइमरी मार्केट में आज से Bharat Coking Coal का IPO सब्सक्रिप्शन के लिए खुलेगा. इश्यू का प्राइस बैंड 21 से 23 रुपए तय किया गया है. निवेशकों के लिए सुबह 8 बजे अनिल सिंघवी से यह जानना अहम रहेगा कि इस इश्यू में पैसा लगाना चाहिए या नहीं.

रेगुलेटरी मोर्चे पर SEBI ने ब्रोकर्स के लिए 34 साल पुराना नियम खत्म कर दिया है. अब ब्रोकर्स अन्य रेगुलेटर्स के दायरे में आने वाली फाइनेंशियल सर्विसेज भी दे सकेंगे, जिससे ब्रोकिंग इंडस्ट्री के बिजनेस मॉडल में बड़ा बदलाव देखने को मिल सकता है.

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