अमेरिका के टैरिफ बम से क्या औंधे मुंह गिर जाएगा भारतीय बाजार? जानिए क्या कहते हैं एक्सपर्ट

डोनाल्ड ट्रंप ने भारत पर 25% टैरिफ लगाने का ऐलान कर दिया है, जिससे गुरुवार को भारतीय शेयर बाजार पर नेगेटिव असर पड़ सकता है. कोटक AMC के MD निलेश शाह समेत कई एक्सपर्ट्स ने चेतावनी दी है कि यह फैसला बाजार के लिए झटका हो सकता है और भारत को अपनी आर्थिक नीतियों में तेजी लानी होगी.
अमेरिका के टैरिफ बम से क्या औंधे मुंह गिर जाएगा भारतीय बाजार? जानिए क्या कहते हैं एक्सपर्ट

अमेरिका के टैरिफ बम से क्या औंधे मुंह गिर जाएगा भारतीय बाजार?

अमेरिकी राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रंप ने 1 अगस्त 2025 से भारत पर 25 फीसदी टैरिफ लगाने की घोषणा कर दी है. ट्रंप ने यह जानकारी अपने सोशल मीडिया प्लेटफॉर्म ट्रुथ सोशल पर साझा की. उन्होंने लिखा कि भारत “दोस्त” तो है, लेकिन व्यापार के मामले में वह निष्पक्ष नहीं है. उन्होंने कहा कि भारत के टैरिफ दुनिया में सबसे ज्यादा हैं और उसके गैर-टैरिफ प्रतिबंध भी काफी कठोर हैं.

ट्रंप के इस ऐलान के बाद निवेशकों में चिंता का माहौल है. जानकारों का मानना है कि भारतीय शेयर बाजार में इसका सीधा असर देखने को मिल सकता है. एक्सपर्ट्स का मानना है कि गुरुवार को बाजार में गिरावट दिख सकती है क्योंकि निवेशकों को यह फैसला नकारात्मक संकेत दे रहा है.

बाजार पर क्या होगा असर?

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कोटक महिंद्रा एएमसी के मैनेजिंग डायरेक्टर निलेश शाह ने कहा है कि अमेरिका की ओर से भारत पर टैरिफ लगाने का फैसला शेयर बाजार पर निगेटिव असर डालेगा. उन्होंने कहा कि भले ही अमेरिका की नीतियां अक्सर बदलती रहती हैं, फिर भी बाजार को उम्मीद थी कि दोनों देशों के लॉन्ग टर्म स्ट्रेटिजिक रिलेशनशिप को देखते हुए कोई समझौता जरूर होगा.

निलेश शाह ने कहा कि अगर हालात में सुधार होता है और समझदारी दिखाई जाती है, तो बाजार को "TACO" यानी Trade At Concessional Obligation जैसे किसी व्यापारिक समझौते की उम्मीद है.

उन्होंने चीन का उदाहरण देते हुए कहा कि वह अमेरिका और संयुक्त राष्ट्र के ईरान से तेल खरीद, म्यांमार और रूस से व्यापार और उत्तर कोरिया को समर्थन देने जैसे मामलों में प्रतिबंधों की परवाह नहीं कर रहा है. इसकी वजह यह है कि चीन की अर्थव्यवस्था बहुत बड़ी और प्रतिस्पर्धी है, जिससे उसे अंतरराष्ट्रीय दबावों को झेलने की ताकत मिलती है.

निलेश शाह ने कहा, "मैं उम्मीद करता हूं और प्रार्थना करता हूं कि अमेरिका के इस एकतरफा फैसले के बाद भारत अपनी नीति निर्माण की प्रक्रिया को और तेज़ करे और उसे विकास केंद्रित बनाए. हमारी सबसे बड़ी कमजोरी अब भी हमारी जीडीपी का आकार और वैश्विक प्रतिस्पर्धा में पिछड़ना है."

रूस से रिश्तों पर भी ट्रंप ने जताई नाराज़गी

डोनाल्ड ट्रंप ने भारत के रूस से सैन्य खरीद को लेकर भी नाराजगी जाहिर की है. उन्होंने कहा कि भारत आज भी अपने सैन्य उपकरणों का एक बड़ा हिस्सा रूस से खरीदता है और ऊर्जा के मामले में चीन के साथ मिलकर रूस का सबसे बड़ा खरीदार है. ट्रंप ने कहा कि यह सब ऐसे समय में हो रहा है जब पूरी दुनिया चाहती है कि रूस यूक्रेन में युद्ध बंद करे. उन्होंने अपने पोस्ट में साफ तौर पर कहा, “अब भारत को 25% टैरिफ और अन्य गतिविधियों के लिए जुर्माना देना होगा.”

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