&format=webp&quality=medium)
साल 2026 का आगाज भारतीय शेयर बाजार के लिए किसी उत्सव से कम नहीं रहा है. दलाल स्ट्रीट पर पिछले हफ्ते जो कुछ हुआ, उसने निवेशकों के चेहरों पर ऐसी चमक ला दी है जो साल भर बनी रह सकती है. जब हम नए साल के संकल्प ले रहे थे, तब सेंसेक्स और निफ्टी नए रिकॉर्ड बनाने की तैयारी कर रहे थे. शुक्रवार, 2 जनवरी 2026 की तारीख भारतीय बाजार के इतिहास में दर्ज हो गई है क्योंकि इसी दिन निफ्टी ने अपनी अब तक की सबसे ऊंची चोटी को छुआ.
लेकिन जैसा कि कहा जाता है कि ऊंचाइयों पर पहुंचने के बाद संतुलन बनाए रखना सबसे बड़ी चुनौती होती है. आने वाला हफ्ता बाजार के लिए बहुत ही रोमांचक और थोड़ा उतार-चढ़ाव भरा रहने वाला है. एक तरफ हमारे घरेलू आंकड़े हैं, तो दूसरी तरफ दुनिया की दूसरी छोर से युद्ध की खबरें आ रही हैं. अमेरिका-वेनेजुएला टेंशन बढ़ती जा रही है. चलिए, कहानी की तरह समझते हैं कि इस हफ्ते बाजार में क्या पक रहा है और वे कौन से 5 बड़े फैक्टर हैं जो आपके निवेश की दिशा तय करेंगे.
बीते शुक्रवार को बाजार में जो खरीदारी देखी गई, वह हर सेक्टर में फैली हुई थी. नेशनल स्टॉक एक्सचेंज के 50 शेयरों वाले इंडेक्स निफ्टी ने दिन के दौरान 26,340 का ऐतिहासिक स्तर छुआ और अंत में 182 पॉइंट की बढ़त के साथ 26,328 पर बंद हुआ. यह पहली बार है जब निफ्टी ने इतनी ऊंची छलांग लगाई है.
सिर्फ निफ्टी ही नहीं, बल्कि बैंकिंग शेयरों के इंडेक्स 'बैंक निफ्टी' ने भी कमाल कर दिया. पहली बार ऐसा हुआ कि बैंक निफ्टी 60,150 के पार जाकर बंद हुआ. वहीं, सेंसेक्स 573 पॉइंट उछलकर 85,762 पर पहुंच गया. मिडकैप और स्मॉलकैप शेयरों में भी जोरदार खरीदारी रही, जिससे छोटे निवेशकों को बड़ा फायदा हुआ. जानकारों का कहना है कि आमतौर पर जनवरी का महीना बाजार के लिए थोड़ा सुस्त रहता है, लेकिन इस बार 2026 की शुरुआत ने इस पुराने मिथक को तोड़ दिया है.
Zee Business Hindi Live TV यहां देखें-
इस हफ्ते बाजार के सामने सबसे बड़ी चुनौती ग्लोबल फ्रंट से आ रही है. खबरों के मुताबिक, अमेरिकी सेना ने वेनेजुएला पर सैन्य हमले किए हैं. ट्रंप प्रशासन के अधिकारियों ने इस खबर की पुष्टि की है और खुद अमेरिकी राष्ट्रपति ने अपने सोशल मीडिया प्लेटफॉर्म 'ट्रुथ सोशल' पर इस कार्रवाई को स्वीकार किया है.
जब भी दुनिया के किसी हिस्से में ऐसी हलचल होती है, तो उसका सीधा असर ग्लोबल मार्केट और कच्चे तेल (क्रूड ऑयल) की कीमतों पर पड़ता है. वेनेजुएला एक बड़ा तेल उत्पादक देश है, इसलिए वहां के हालात कच्चे तेल की सप्लाई और कीमतों को हिला सकते हैं. निवेशकों को इस हफ्ते इस खबर के असर को बहुत बारीकी से देखना होगा, क्योंकि यह पूरे हफ्ते मार्केट के मूड को प्रभावित कर सकती है.
बाजार के लिए एक और बड़ा इवेंट शुरू हो रहा है- वह है कंपनियों के तिमाही नतीजों का सीजन. 12 जनवरी से TCS और HCL टेक्नोलॉजीज जैसी दिग्गज कंपनियां अपने अक्टूबर-दिसंबर तिमाही के रिपोर्ट कार्ड पेश करेंगी.
ट्रेडर्स और निवेशक अब उन कंपनियों में अपनी पोजीशन बनाना शुरू कर रहे हैं जिनसे अच्छे नतीजों की उम्मीद है. बैंकिंग और मेटल सेक्टर के शेयरों को लेकर बाजार काफी उत्साहित दिख रहा है. सेंसेक्स में भले ही अभी ब्रेकआउट थोड़ा धीमा रहा हो, लेकिन दिग्गज बैंकों के सपोर्ट से इसे भी नई ऊंचाई मिलने की उम्मीद है. यह हफ्ता निवेशकों के लिए यह समझने का होगा कि कॉर्पोरेट इंडिया की सेहत आने वाले समय में कैसी रहने वाली है.
ये भी पढ़ें: आपको पता चला क्या? नए साल की शुरुआत में ही हो गए देश के 3 बड़े म्यूचुअल फंड्स के मैनेजमेंट में बदलाव!
इस हफ्ते भारतीय अर्थव्यवस्था से जुड़े कुछ बहुत ही अहम आंकड़े आने वाले हैं. निवेशकों की नजर HSBC सर्विसेज PMI और कंपोजिट PMI के फाइनल आंकड़ों पर रहेगी. ये आंकड़े हमें बताते हैं कि देश में व्यापारिक गतिविधियां और रोजगार की स्थिति कैसी है.
इसके अलावा, पूरे साल के लिए जीडीपी (GDP) ग्रोथ के आंकड़े, बैंकों के लोन ग्रोथ और विदेशी मुद्रा भंडार (Foreign Exchange Reserves) के डेटा भी जारी होंगे. ये डेटा यह तय करेंगे कि देश में लिक्विडिटी यानी नकदी का प्रवाह कैसा है. अगर ये आंकड़े सकारात्मक रहते हैं, तो बाजार की तेजी को और मजबूती मिलेगी.
ये भी पढ़ें: सावधान! नए साल के पहले महीने में ही लग सकता है Loss का झटका, इन 2 दिग्गज शेयरों में गिरावट के संकेत
एक तरफ जहां शेयर बाजार ऊपर जा रहा है, वहीं रुपये के मोर्चे पर थोड़ी चिंता वाली खबर है. शुक्रवार को भारतीय रुपया पहली बार 90 के पार चला गया. यह डॉलर के मुकाबले 22 पैसे कमजोर होकर 90.20 पर बंद हुआ.
अमेरिकी डॉलर की ग्लोबल मार्केट में मजबूती और कमजोर मैक्रो डेटा की वजह से रुपये पर दबाव बना हुआ है. रुपये की इस कमजोरी का असर उन कंपनियों पर पड़ता है जो बाहर से सामान मंगाती हैं (Import), जबकि एक्सपोर्ट करने वाली कंपनियों को इसका फायदा हो सकता है. निवेशकों के लिए रुपये और डॉलर की यह खींचतान इस हफ्ते एक बड़ा सिरदर्द बन सकती है.
कमोडिटी मार्केट में भी पिछले हफ्ते जबरदस्त हलचल रही. सोने की कीमतों में MCX पर 1,000 रुपये से ज्यादा का उछाल आया और यह 1,36,900 रुपये के करीब पहुंच गया. वहीं चांदी ने भी जोरदार वापसी की है और इसकी कीमतें 2,36,316 रुपये प्रति किलो के आसपास पहुंच गई हैं.
धातुओं की कीमतों में यह तेजी ग्लोबल डिमांड और सप्लाई में कमी की वजह से देखी जा रही है. अगर मेटल्स के दाम इसी तरह बढ़ते रहे, तो टाटा स्टील और जेएसडब्ल्यू स्टील जैसी कंपनियों के शेयरों में और भी तेजी देखी जा सकती है. निवेशक इस हफ्ते यह देखेंगे कि क्या यह रैली जारी रहती है या कीमतों में कुछ गिरावट आती है.
हफ्ते के दौरान दुनिया की नजर अमेरिका के नॉन-फार्म पेरोल और बेरोजगारी के आंकड़ों पर भी रहेगी. ये आंकड़े इसलिए महत्वपूर्ण हैं क्योंकि इनसे यह पता चलेगा कि अमेरिकी सेंट्रल बैंक (फेडरल रिजर्व) आने वाले समय में ब्याज दरों में कटौती करेगा या उन्हें स्थिर रखेगा. ग्लोबल मार्केट का रिस्क उठाने का तरीका अक्सर इन्हीं आंकड़ों से तय होता है.
भारतीय शेयर बाजार ने 2026 की जो शुरुआत की है, वह वाकई काबिले तारीफ है. निफ्टी और बैंक निफ्टी का रिकॉर्ड हाई पर पहुंचना यह दिखाता है कि हमारी घरेलू अर्थव्यवस्था की बुनियाद काफी मजबूत है. हालांकि, अमेरिका-वेनेजुएला संकट और रुपये की कमजोरी जैसे ग्लोबल फैक्टर इस हफ्ते थोड़ी बहुत उतार-चढ़ाव पैदा कर सकते हैं.
लेकिन ओवरऑल सेंटीमेंट अभी भी तेजी का ही बना हुआ है. निवेशकों के लिए सलाह यही है कि वे क्वालिटी शेयरों पर ध्यान दें और हर गिरावट को खरीदारी के मौके के तौर पर देखें. आने वाला हफ्ता आंकड़ों, नतीजों और ग्लोबल खबरों का एक रोमांचक मिश्रण होने वाला है.
Q 1: निफ्टी और बैंक निफ्टी ने शुक्रवार को क्या नया रिकॉर्ड बनाया?
A: निफ्टी ने 26,340 का अपना ऑल-टाइम हाई छुआ, जबकि बैंक निफ्टी ने पहली बार 60,150 के ऊपर क्लोजिंग देकर नया इतिहास रचा.
Q 2: अमेरिका और वेनेजुएला के बीच चल रहे तनाव का बाजार पर क्या असर हो सकता है?
A: वेनेजुएला पर अमेरिकी हमले से ग्लोबल सप्लाई चेन और कच्चे तेल की कीमतों में अस्थिरता आ सकती है, जिससे शेयर बाजार में थोड़े समय के लिए उतार-चढ़ाव देखा जा सकता है.
Q 3: रुपये की मौजूदा स्थिति क्या है?
A: भारतीय रुपया फिलहाल कमजोर हुआ है और पहली बार 90 के स्तर को पार कर 90.20 प्रति डॉलर पर पहुंच गया है.
Q 4: इस हफ्ते कौन से प्रमुख आईटी नतीजे आने वाले हैं?
A: 12 जनवरी से तीसरी तिमाही के नतीजों की शुरुआत होगी, जिसमें TCS और HCL टेक्नोलॉजीज जैसी प्रमुख कंपनियों पर सबकी नजर रहेगी.
Q 5: क्या सोने और चांदी की कीमतों में अभी और तेजी आ सकती है?
A: ग्लोबल डिमांड और सप्लाई में कमी के कारण सोने और चांदी में जबरदस्त रैली देखी गई है. चांदी 2,36,316 रुपये प्रति किलो और सोना 1,36,900 रुपये के करीब पहुंच गया है, और विशेषज्ञों को इसमें और बढ़त की उम्मीद है.